बेंगलुरु। बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में करारी शिकस्त के बाद टीम इंडिया निराशा के भाव में डूब गई। उसी बीच अचानक कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास की घोषणा कर दी। यह वाकई में सभी के लिये चौंकाने वाली खबर थी। लेकिन इस चौंकाने वाली खबर के बीच जो संकेत नजर आये वो टीम इंडिया के लिये काफी उज्जवल से प्रतीत हो रहे हैं और वो है कोहली का विराट व्यक्तित्व।
जी हां धोनी ने जाते-जाते कोहली के लिये विराट चुनौती छोड़ गये। टीम सीरीज़ भले ही हार गई है, लेकिन अंतिम मैच में विराट कोहली के पास खुद को बतौर अच्छा कप्तान सिद्ध करने का बहुत सुनहरा मौका है। अगर धोनी सीरीज़ पूरी करने के बाद संन्यास की घोषणा करते तो बीसीसीआई को कप्तान खोजने के लिये कम से कम तीन-चार विकल्प तलाशने पड़ते, लेकिन यह संन्यास ऐसे मौके पर हुआ है, जब उपकप्तान विराट कोहली हैं। जाहिर है धोनी के जाने के बाद कम से कम इस सीरीज के लिये विराट कोहली टीम के स्वत: कप्तान बन गये हैं।
विराट के लिये चुनौती
खास बात यह है कि मिडल ऑर्डर में विराट कोहली और धोनी की जोड़ी ने कई मैच जिताऊ पारियां खेली हैं। ऐसे में विराट के लिये मिडल ऑर्डर पर धोनी का विकल्प तलाशने में बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। यूं कहिये कि प्रेशर के वक्त धोनी जैसे हार्ड हिटर का विकल्प मिलना भी बेहद मुश्किल होगा।
विराट वनडे की भी मिल सकती है कप्तानी
अगर विराट ने टेस्ट मैचों में अच्छी कप्तानी की और टीम को नई दिशा दी, तो उनके लिये वनडे टीम की कप्तानी भी पक्की हो सकती है। और सच पूछिए तो विराट के लिये यह कोई बड़ा मुश्किल कार्य नहीं है।