Vijay Hazare Trophy 2021 Shivam Sharma took most Wickets as Prithvi Shaw hits Most runs: नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की ओर से घरेलू स्तर पर आयोजित की जाने वाली वनडे प्रारूप की विजय हजारे ट्रॉफी का फाइनल मैच रविवार को उत्तर प्रदेश और मुंबई के बीच खेला गया, जहां पर मुंबई की टीम ने पृथ्वी शॉ की कप्तानी में चौथी बार खिताब जीतने का काम किया। उत्तर प्रदेश की टीम ने माधव कौशिक की नाबाद 158 रनों की पारी के दम पर पहले खेलते हुए 312 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया लेकिन पृथ्वी शॉ (73) और आदित्य तारे (118) की आतिशी पारी के चलते इसे बचा पाने में नाकाम रहे और दूसरी बार इस खिताब को जीत पाने के सपने को पूरा करने से चूक गये।
भले ही खिताबी जंग में मुंबई की टीम उत्तर प्रदेश पर हावी रही लेकिन विजय हजारे ट्रॉफी 2021 के लिये यूपी के तेज गेंदबाज शिवम शर्मा खोज साबित हुए हैं। शिवम शर्मा ने विजय हजारे के इस सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा किया और 8 मैचों में कुल 21 विकेट हासिल किये। इतना ही नहीं इस दौरान उनकी इकॉनमी भी काफी किफायती रही और उन्होंने सिर्फ 4.60 की इकॉनमी से रन दिये।
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शिवम शर्मा के अलावा गुजरात के अर्जन नागवस्वल्ला ने भी कमाल की गेंदबाजी की और 7 मैचों में 4.32 की इकॉनमी से 19 विकेट हासिल किये। वहीं हरियाणा के आर धवन ने भी शानदार गेंदबाजी की और सिर्फ 5 मैचों में 16 विकेट हासिल कर सभी को प्रभावित किया। मुंबई के लिये प्रशांत सोलंकी ने सबसे ज्यादा 6 मैचों में 15 विकेट हासिल किये।
वहीं पृथ्वी शॉ महज 21 साल की उम्र में अंडर-19 विश्व कप और विजय हजारे ट्रॉफी जीतने वाले पहले कप्तान बन गये हैं और टूर्नामेंट में 827 रनों के साथ सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गये। इतना ही नहीं पृथ्वी शॉ इस टूर्नामेंट में 800 रनों के आंकड़े को पार करने वाले पहले खिलाड़ी भी बने। शॉ के अलावा देवदत्त पाड्डिकल ने भी दमदार बल्लेबाजी की और 4 शतक जड़ने का काम किया।
देवदत्त पाड्डिकल ने कर्नाटक की ओर से खेलते हुए विजय हजारे ट्रॉफी के लगातार दूसरे सीजन में 600 से ज्यादा रनों के आंकड़े को पार करने का काम किया। देवदत्त पाड्डिकल ने 7 मैचों में 147.40 की औसत से 737 रन बनाये और इस दौरान 4 शतक भी लगाये। इनके अलावा रविकुमार समर्थ ने भी बल्लेबाजी में कहर बरपाया और 7 मैचों में 122.60 के औसत से 613 रन बनाए।