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बेंगलूरु। चैंपियन लीग में हरभजन सिंह मुंबई इंडियन की कप्तानी की बागडोर संभाल रहे हैं। कप्तान के तौर पर हरभजन सिंह भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी पर भी भारी पड़े हैं। इस टूर्नामेंट में उनकी टीम मुंबई इंडियन ने धोनी की टीम चेन्नई सुपरकिंग को हरा दिया था। कप्तान के तौर पर यह हरभजन सिंह को मिली पहली जीत थी। इस जीत का जश्न उन्होंने अगले मैच में त्रिनिदाद और टोबेगो की टीम को हराकर मनाया। इस रोमांचक मुकाबले में मुंबई इंडियन ने केवल 1 विकेट से जीत हासिल की। इस पूरे टॅर्नामेंट में भज्जी शानदार ढ़ग से अपनी टीम की अगुआई करते हुए नजर आ रहे हैं।
भज्जी की कप्तानी पारी के आगाज की बात करें तो इसकी शुरुआत आईपीएल के पहले संस्करण से हुई थी। जब सचिन के चोटिल होने पर उन्हें मुंबई इंडियन की कप्तानी सौंपी गई थी। उस समय हरभजन सिंह ने 3 मैचों में मुंबई इंडियन की कप्तानी की थी और सभी मैचों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। वे अपनी हार की निराशा को छुपा नहीं पाए थे। पंजाब किंग्स इलेवन के खिलाफ मिली हार के बाद गेंदबाज श्रीसंत ने उन्हें हार्ड लक क्या कहा कि भज्जी ने उन्हें तमाचा रसीद कर दिया।
इस तमाचे के चलते भज्जी इस पूरा टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे। इतना ही नहीं उन पर 1 करोड़ का जुर्माना भी लगाया गया था। उनकी कप्तानी का आगाज बहुत ही खराब रहा। इसके बाद जब विश्वकप जीतने के बाद टीम इंडिया के ज्यादातर सीनियर खिलाड़ी वेस्टइंडीज दौरे पर नहीं गए तो हरभजन सिंह को टीम की उपकप्तानी सौंपी गई। टीम ने इस सीरीज में जीत हासिल की। इस सीरीज में कई मौकों पर हरभजन सिंह कप्तान सुरेश रैना को सलाह करते नजर आए।
चैंपियन लीग की शुरुआत होने से पहले ही मुंबई इंडियन के कप्तान सचिन तेंदुलकर चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गए। ऐसे में भज्जी को फिर से कप्तानी करने का मौका मिला। इस बार भज्जी ने जीत से आगाज किया। एक खिलाड़ी के तौर पर भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा है। त्रिनिदाद एंड टोबेगो के खिलाफ मैच में उन्हें 3 विकेट मिले थे। चेन्नई सुपरकिंग के खिलाफ भी उन्होंने बल्लेबाज के तौर पर जीत दिलाई थी।
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Story first published: Tuesday, September 27, 2011, 17:32 [IST]
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Sep 27, 2011