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नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन की उल्टी गिनती अब जबकि अंतिम दौर में पहुंच चुकी है, इसके सफल आयोजन को लेकर आशंकाएं कम होने की बजाए बढ़ती ही जा रही है। एक तरफ तैयारियों में खामियां दर खामियां सामने आ रही हैं तो दूसरी तरफ आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा सहित कई प्रमुख देशों के खिलाड़ियों के आने को लेकर संदेह पैदा हो गया है। केंद्र व दिल्ली की सरकार हालांकि अभी भी सफल आयोजन का भरोसा दिलाने में जुटी है।
जामा मस्जिद में गोलीबारी की घटना के बाद मंगलवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के निकट फुटओवर ब्रिज गिरने की घटना हुई और सुरक्षा में कथित खामियों का मामला सामने आया। अब नेहरू स्टेडियम परिसर में ही बुधवार को फॉल्स सीलिंग के कुछ हिस्सों के गिरने की घटना सामने आई। इन घटनाओं ने राष्ट्रमंडल खेलों में शिरकत करने आने वाले देशों के माथे पर चिंता की शिकन ला दी है।
इंग्लैंड के तीन प्रमुख खिलाड़ियों-लीजा डोबरिस्के, क्रिस्टीन ओहरुगु और स्टार एथलीट फिलिप्स इडोऊ ने सुरक्षा चिंताओं और चोट की वजह से राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ने लेने की घोषणा की जबकि दूसरे कई खिलाड़ियों ने बिना कारण बताए भारत नहीं आने की घोषणा की है।क्रिस्टीन 400 मीटर की स्पर्धा में ओलम्पिक का स्वर्ण पदत जीत चुकी हैं जबकि फिलिप्स विश्व चैम्पियन हैं। दूसरी ओर लीजा के नाम राष्ट्रमंडल खेलों में 1,500 मीटर की स्पर्धा का स्वर्ण पदक है।
इन तीनों के नाम वापस लेने के एक दिन पहले आस्ट्रेलिया की ओलम्पिक और विश्व डिस्कस चैम्पियन डैनी सैमुएल्स ने भारत नहीं आने की घोषणा की थी। सैमुएल्स खेल जगत में एक बड़ा नाम हैं।
भारत नहीं आने वाले खिलाड़ियों में बीजिंग ओलम्पिक में विश्व रिकार्ड के साथ तीन स्वर्ण पदक जीतने वाले जमैका के फर्राटा एथलीट उसैन बोल्ट, पूर्व विश्व चैम्पियन फर्राटा धावक आसफा पावेल, ओलम्पिक स्वर्ण पदक विजेता केन्या के एस्बेल किरोप, विश्व चैम्पियन लिनेट मासाई, आस्ट्रेलियाई ओलम्पिक तैराकी चैम्पियन स्टेफाने राइस, टेनिस में विश्व के पूर्व सर्वोच्च वरीयता प्राप्त खिलाड़ी आस्ट्रेलिया के लेटन हेविट, महिला खिलाड़ी समांथा स्टोसुर, विश्व के चौथे वरीयता प्राप्त खिलाड़ी एंडी मरे, 18वें वरीयता प्राप्त साइप्रस के मार्कस बघदातिस, ओलम्पिक में कई स्वर्ण जीत चुके ब्रिटेन के अग्रणी साइकिल चालक क्रिस होए और जमैका की शैली एन्न फ्रेजर हैं।
भारत में होने जा रहे अब तक के सबसे बड़े खेल आयोजन में शरीक नहीं होने वाले दिग्गज खिलाड़ियों की फेहरिस्त आहिस्ता-आहिस्ता काफी लम्बी होती जा रही है। इसके अलावा कुछ देशों ने भी अपने खिलाड़ियों को भारत भेजने को लेकर चिंता जताई है।कनाडा ने इस बात के संकेत दिए हैं कि अगर तैयारियों में दिख रही खामियों और सुरक्षा चिंताओं को तत्काल दूर नहीं किया गया तो वह इन खेलों से खुद को अलग कर लेगा।
इस सूची में अफ्रीका के कई छोटे देशों के नाम जुड़ने के भी संकेत मिले हैं। आयोजन समिति को भेजे गए पत्र में अफ्रीकी देशों ने कहा है कि खेलों के आयोजन में सिर्फ 11 दिन का समय रह गया है लेकिन वे अब तक आयोजन स्थलों का दौरा नहीं सके हैं। ऐसे में वह अपनी टीमों को पूरी शक्ति के साथ उतारने को लेकर दोबारा सोच सकते हैं।
राष्ट्रमंडल खेलों के लिए नई दिल्ली पहुंचने वाले 53 देशों में 19 अफ्रीका महाद्वीप के हैं।तैयारियों और सुरक्षा को लेकर इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों के साथ ही कनाड़ा पहले भी खुलकर अपनी चिंता जाहिर कर चुका है।उधर, न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की ने कहा है कि वह दिल्ली के राष्ट्रमंडल खेलों में शिरकत न करने वाले अपने देश के किसी भी एथलीट का समर्थन करेंगे।
प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तैयारियों से जुड़ी खामियों और सुरक्षा चिंताओं को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार को आड़े हाथों लिया। पार्टी ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से आग्रह किया है कि वह इस मामले में वयक्तिक रूची लें और इसके सफल आयोजन के लिए पर्याप्त और आवश्यक कदम उठाएं।
भाजपा नेता वेंकैया नायडू ने कहा, "प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को भरोसा दिलाया है कि सब कुछ समय पर किया जाएगा और सारी सतर्कता बरती जाएगी। लेकिन ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है। कृपया अपने लापरवाह रवैये से राष्ट्र को शर्मसार न करें। हमारा प्रधानमंत्री से आग्रह है कि वह इस मामले में हस्तक्षेप करें और देखें कि खेल सफलतापूर्वक आयोजित हों। इस बारे में पर्याप्त और आवश्यक कदम उठाएं जाएं। "
इन आशंकाओं और चिंताओं के बीच दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा कि दो दिनों के भीतर जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम परिसर में हुई दो दुर्घटनाएं चिंता का विषय हैं लेकिन इनके कारण तीन अक्टूबर से होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन पर कोई संकट नहीं आया है।
शीला ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "मैं आपको बताना चाहती हूं कि ये छोटी-मोटी घटनाएं हैं। इनसे हमारा मकसद प्रभावित नहीं होगा। मैं आपकी इस बात से बिल्कुल सहमत नहीं हूं कि स्टेडियम का फुटओवर ब्रिज गिरने और फॉल्स सीलिंग गिरने से राष्ट्रमंडल खेल रद्द कर दिए जाएंगे।"
शीला ने कहा, "यह राष्ट्रीय गौरव का मुद्दा है। यह पूरे देश का आयोजन है। हम अपनी सभी खामियों की चर्चा करेंगे और उन्हें सुधारेंगे। यह आयोजन हमारे लिए एक बेहतरीन मौका लेकर आया है, ऐसे में सकारात्मक सोच बेहद जरूरी है।"
कैबिनेट सचिव के.एम. चंद्रशेखर ने टेलीविजन चैनलों को बताया कि स्टेडियम की कृत्रिम छत के एक हिस्से के गिरने की इस घटना को गंभीरता से नहीं लिया जाना चाहिए। चंद्रशेखर ने समाचार चैनल सीएनए-आईबीएन से कहा, "डाटा नेटवर्क के लिए लगाए जाने वाले केबल फॉल्स सीलिंग पर ही रखे थे। उनका भार अधिक था और इस कारण सीलिंग गिर गई। यह छोटी-मोटी घटना है। इसे सुधार लिया जाएगा। चिंता की कोई बात नहीं।"
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Story first published: Wednesday, September 22, 2010, 21:46 [IST]
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Sep 22, 2010