
इंग्लैंड दौरे के बाद किया तकनीक में बदलाव
विराट कोहली ने बीसीसीआई टीम के शो ओपन नेट्स विद मयंक में शिरकत करते हुए 2014 के इंग्लैंड दौरे को याद किया और बताया कि कैसे मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से बात करने से उन्हें फॉर्म वापस हासिल करने में मदद मिली।
विराट ने बताया कि उन्होंने इंग्लैंड दौरे से लौटते ही मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर से बात की और उनकी सलाह की मदद से वह शानदार टेस्ट बल्लेबाज बन गये। विराट ने बताया कि उन्होंने सचिन पाजी की सलाह पर अपनी तकनीक में बदलाव किया। विराट कोहली से जब पूछा गया कि उनके करियर में मील का पत्थर क्या रहा तो उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ हुइ उस टेस्ट सीरीज को याद किया और उसे अपने करियर में मील का पत्थर बताया।

सचिन ने बताई फारवर्ड प्रेस की अहमियत
विराट कोहली ने मयंक अग्रवाल से बात करते हुए बताया कि जब वह इंग्लैंड के खराब दौरे से लौटे तो सीधे सचिन तेंदुलकर से बात की और मुंबई में उनके साथ अपने कुछ सेशन भी लिये। इस दौरान विराट कोहली ने अपने कूल्हे की पॉजिशन पर काम किया था।
उन्होंने बताया कि सचिन ने विराट को बड़े कदमों और तेज गेंदबाजों के खिलाफ ‘फॉरवर्ड प्रेस' की अहमियत महसूस कराई थी। अपनी पॉजिशन के साथ जैसे ही ऐसा करना शुरू किया, चीजें अच्छी तरह होनी शुरू हो गई और फिर ऑस्ट्रेलिया दौरा हुआ। भारतीय कप्तान ने बताया कि इंग्लैंड में क्या गलत हुआ और उन्हें इसका अहसास कैसे हुआ।

इस कारण इंग्लैंड में हुए थे फेल
विराट कोहली ने इस दौरान यह भी बताया कि इंग्लैंड के दौरे पर उनके फेल होने के पीछे का कारण क्या था।
उन्होंने कहा,'इंग्लैंड दौरे पर मेरी ‘हिप पॉजिशन' मुद्दा थी परिस्थितियों के अनुरूप सांमजस्य और जो करना चाह रहे थे, वो नहीं कर पा रहे थे। सख्त होने से आप कहीं नहीं पहुंचते। यह महसूस करना काफी लंबा और दर्दनाक था, लेकिन मैंने इसे महसूस किया।'
विराट कोहली ने बताया कि उन्हें महसूस हुआ कि ‘हिप पॉजिशन' की वजह से उनकी शॉट लगाने की काबिलियत सीमित हो रही थी। इसे संतुलित रखना चाहिए, ताकि आप ऑफ साइड और लेग साइड दोनों ही ओर बराबर नियंत्रण बनाकर खेल सके, जो काफी महत्वपूर्ण है।


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