नई दिल्ली। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जा रही बॉर्ड गॉवस्कर ट्रॉफी में भारत ने सीरीज में 2-1 से बढ़त बना ली है। मेलबर्न में 137 रन से ऑस्ट्रेलिया को हराने के बाद भारत ने सीरीज पर दोबारा कब्जा जमा लिया। अब आप सोच रहे होंगे कि अगर चौथा मैच ऑस्ट्रेलिया जीत जाता है तो सीरीज तो 2-2 से बराबर हो जाएगी फिर भारत को सीरीज को कैसे मिलेगी। हम बताते हैं पूरा मामला क्या है।
नियम है अलग:
दरअसल,बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में यह नियम यह है कि सीरीज बराबर होने पर गत विजेता को फिर से ट्रॉफी दे दी जाती है। और पिछली साल 2017 में टीम इंडिया और ऑस्ट्र्लिया के बीच हुए मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हार का सामना करना पड़ा था।
गौरतलब है कि एडिलेड टेस्ट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 31 रन से हरा दिया था लेकिन पर्थ की पिच पर भारतीय टीम को हार का सामना करना पड़ा था और तीसरे टेस्ट मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 137 रन से हरा दिया था। अब ऑस्ट्रेलिया के पास मौका सिर्फ इस बात का है कि आखिरी मैच जीत कर वह सीरीज 2-2 से बराबर कर सके फिर ट्रॉफी भारत की झोली में ही आएगी। अगर चौथा मैच भारत जीत लेता है या ड्रॉ रहता है तो भारत साफतौर पर सीरीज का विजेता होगा। इतना ही नहीं टीम इंडिया की ऑस्ट्रेलिया में यह पहली बारी सीरीज में जीत होगी।
क्यों पड़ा बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी इसका नाम:
बॉर्डर -गावस्कर ट्रॉफी का नाम दरअसल टीम इंडिया के दिग्गज खिलाड़ी सुनील गावस्कर और ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज खिलाड़ी एलन बॉर्डर के नाम पर रखा गया है। यह दोनों खिलाड़ी अपने-अपने देश से पहले खिलाड़ी थे जिन्होंने 20वीं सेंचुरी में टेस्ट क्रिकेट में 10 हजार रनों का आंकड़ा छुआ था।पहली बार ये ट्रॉफी 1996-97 में खेली गई इस टेस्ट मैच में सचिन तेंदुलकर टीम के कप्तान थे और दिल्ली में उन्होंने भात को सात विकेट से जीत दिलाई थी।अबतक कुल 13 बार इस ट्रॉफी का आयोजन हो चुका है और भारतीय टीम ने सात बार ये ट्रॉफी अपने नाम की है जबकि ऑस्ट्रेलिया को पांच बार जीत मिली है।