
श्रीलंका की असाधारण जीत
इस मैच में श्रीलंका ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 50 ओवरों में 9 विकेट पर 232 रन बना लिए थे। जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम अप्रत्याशित तरीके से केवल 47 ओवर में ही 212 रन बनाकर ढेर हो गई। सबसे बड़ी बात यह है कि श्रीलंका ने उस टीम को हराया है जिसके बारे में विश्व कप शुरू होने से पहले 500 रन बनाने की बात की जा रही थी। पिछले विश्व कप में पहले राउंड से ही बाहर हो जाने के बाद इंग्लैंड की टीम ने अपने ऊपर काफी मेहनत की है और आज वे दुनिया की नंबर एक ODI टीम हैं लेकिन श्रीलंका ने इस मैच में इंग्लैंड को जिस तरीके से हराया वह अपने आप में असाधारण है।

इंग्लैंड की शर्मनाक हार
आपको बता दें कि 2015 के विश्व कप के बाद से इंग्लैंड सबसे कम रनों के लक्ष्य को इस मैच में हासिल नहीं कर पाया। इससे पहले बांग्लादेश के खिलाफ मीरपुर में इंग्लैंड को 2016 में जीत के लिए 239 रनों का लक्ष्य मिला था लेकिन यह टीम उसको हासिल नहीं कर सकी थी। अब यह 233 रनों का लक्ष्य भी इंग्लैंड हासिल नहीं कर सका। यह लक्ष्य का पीछा करते हुए विश्व कप इंग्लैंड की दूसरी हार है। इससे पहले पाकिस्तान के खिलाफ भी यह टीम 349 रनों के लक्ष्य को हासिल नहीं कर सकी थी।
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विश्व कप का मूड बदल गया
इंग्लैंड की ओर से जो रूट ने फिर अच्छी पारी खेली और अर्धशतक (57) बनाया लेकिन बेन स्टोक्स के अलावा बाकि कोई भी अंग्रेज बल्लेबाज क्रीज पर टिक नहीं सका। स्टोक्स इस मैच मैच को अंत तक ले गए और एक समय वे जीत की ओर भी बढ़ने लगे थे लेकिन तभी प्रदीप ने वुड को आउट करके मैच श्रीलंका की ओर मोड़ दिया। स्टोक्स ने 82 रन बनाए और वे अंत तक नाबाद रहे। श्रीलंका के लिए मलिंका और डि सिल्वा और उदाना ने गेंदबाजी में अच्छा काम किया। खासकर मलिंगा ने पूरा अनुभव झोंकते हुए 4 विकेट लिए। जबकि लंकाई बल्लेबाजी में भी मैथ्युज का अनुभव काम आया और उन्होंने 85 रनों की नाबाद पारी खेली। इसके अलावा कुसाल मेंडिस और फर्नांडों ने भी क्रमशः 46 और 49 रनों की पारियां खेली।


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