
पिछले चार साल में चेस करते हुए मिली बड़ी हार
लेकिन 21 जून को हुए मुकाबले ने काफी कुछ बदलकर रख दिया है। इस मैच में मजबूत इंग्लैंड को टूर्नामेंट की कमजोर टीम मानी जा रही श्रीलंका ने चौंकाने वाली हार देकर झंकझोर कर रख दिया। इंग्लैंड की टीम इस मैच में 232 रनों का स्कोर भी चेस नहीं कप पाई थी और 212 रन बनाकर आउट हो गई थी। ये पिछले चार साल में सबसे कम स्कोर था जिसको इंग्लैंड चेस नहीं कर पाया। इससे पहले इसी विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ भी इंग्लैंड की टीम चेस करते हुए हार गई थी। खास बात यह है कि इस टूर्नामेंट में इंग्लैंड अब तक सफलतापूर्वक चेस ही नहीं कर सका है।

27 सालों से भारत-ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ नहीं मिली जीत
अब इंग्लैंड के 6 मैचों में दो हार और चार जीत के साथ 8 अंक हैं। यह रिकॉर्ड अपने आप में बुरा नहीं है लेकिन इंग्लैंड की असली समस्या आने वाले 3 मैच हैं जो उसको भारत, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसी टॉप टीमों के खिलाफ खेलने हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इंग्लैंड को विश्व कप में 27 सालों से कोई जीत नहीं मिली है। जबकि न्यूजीलैंड के खिलाफ तो उसको अंतिम जीत भी 1983 में मिली थी। इस अंतराल पर ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को विश्व कप में 3 बार, भारत ने 2 बार और न्यूजीलैंड ने 5 बार हराया है। अगर इस विश्व कप में इंग्लिश टीम इन तीन टीमों से फिर हार जाती है तो यह सीधे विश्व कप से ही बाहर होने की कगार पर पहुंच जाएगी।

1983 से न्यूजीलैंड के खिलाफ नहीं मिली जीत
ऐसा होता है तो यह विश्व कप का सबसे बड़ा उलटफेर कहा जाएगा। क्योंकि इंग्लैंड वास्तव में इस समय अपने ODI इतिहास की सबसे मजबूत टीम है। उसका अगला मुकाबला भारत के साथ 30 जून को होना है। इस मैच का परिणाम काफी हद तक इंग्लैंड के मायने रखेगा। यदि इंग्लैंड भारत के खिलाफ यह मैच हारता है तो साफ तौर पर अगले मुकाबलों में वह ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के खिलाफ भंयकर दबाव सहने की स्थिति में नहीं होगा। यदि ऐसा हुआ तो इंग्लिश टीम के लिए कभी भी उभरने वाला झटका होगा।
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