धोनी के संन्यास पर जानें क्या बोले पूर्व कोच गैरी कर्स्टन, बताया- कब कहें अलविदा
नई दिल्ली। विश्व कप के बाद से लगातार टीम से बाहर चल रहे भारतीय टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी के संन्यास को लगातार अटकलें लगाई जा रही हैं। इस बीच बुधवार को भी अचानक से ट्विटर पर एमएस धोनी के संन्यास की खबरों ने जोर पकड़ लिया और #DhoniRetiers ट्रेंडिंग टॉपिक्स में सबसे ऊपर आ गया। हालांकि इन खबरों पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए पूर्व कप्तान एमएस धोनी की पत्नी साक्षी धोनी ने मोर्चा संभाला और इन अटकलों को झूठा करार दिया। साक्षी ने अपने इस ट्वीट को कुछ डिलीट कर फैन्स के मन में एक बार फिर से आशंकायें बढ़ा दी हैं।
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धोनी के संन्यास पर सस्पेंस तो उनके ऐलान के साथ ही साफ होगा लेकिन इस बीच भारतीय टीम को 2011 विश्व कप को वाले पूर्व कोच गैरी कर्स्टन ने भी धोनी के संन्यास को लेकर अपनी राय रखी। गैरी कर्स्टन का मानना है कि एमएस धोनी ने भारतीय क्रिकेट में वह रुतबा और सम्मान हासिल किया है कि वह अपने संन्यास पर फैसला खुद कर सकें।
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विश्व कप से जुड़ी है शानदार यादें
साल 2011 में विश्व कप जिताने वाले भारतीय टीम के पूर्व कोच गैरी कर्स्टन ने उस दौरान के बारे में बात करते हुए कहा कि उस टूर्नामेंट क लेकर उनकी कई खूबसूरत यादें जुड़ी हुई हैं।
उन्होंने कहा, 'उस वर्ल्ड कप के दौरान खिलाड़ियों के साथ बहुत खूबसूरत यादें जुड़ी हैं। खिलाड़ियों से तब काफी उम्मीदें थीं और वे शानदार अंदाज में इन उम्मीदों पर खरे उतरे थे।'

धोनी को अपनी शर्तों पर लेना चाहिये संन्यास
कोरोना वायरस के चलते इन दिनों होने वाले आईपीएल को अनिश्चितकालीन के लिये स्थगित कर दिया गया है। अगर आईपीएल नही टलता तो एमएस धोनी को एक बार फिर मैदान पर एक्शन में देखा जा सकता था। इस बीच कोच गैरी कर्स्टन ने धोनी के संन्यास को लेकर अपनी राय दी।
उन्होंने कहा, 'धोनी को अपनी शर्तों के आधार पर अपने संन्यास का फैसला करने देना चाहिए। एमएस धोनी अतुलनीय क्रिकेटर हैं। उनके पास जबरदस्त बुद्धिमता, शांत स्वभाव, ताकत, फिटनेस, स्पीड और मैच जिताने की उनकी क्षमता उन्हें दूसरों से खास बनाती है। वह वर्तमान दौर के महान क्रिकेटरों में से एक हैं।'

धोनी के पास है खुद संन्यास लेने का फैसला
इस पूर्व कोच ने कहा, 'उन्होंने खेल से अलग होने का वह अधिकार हासिल किया है, जिससे की अपनी शर्तों पर वह फैसला ले सकें और किसी को भी उन्हें यह निर्देश देने का हक नहीं है कि अब उनका समय खत्म हो गया है। मेरे लिए खेला अधिक चुनौतीपूर्ण रहा। यह मेरे जीवन का सौभाग्य है कि मैंने भारतीय टीम की कोचिंग की।'
साउथ अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज ने कहा कि किसी अंतर्राष्ट्रीय टीम को कोचिंग देने से भी ज्यादा मैदान पर बतौर खिलाड़ी क्रिकेट खेलना होता है।
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