पूर्व क्रिकेटर जीएस लक्ष्मी ने किया भारत का नाम रोशन, पुरूष ODI में रैफरिंग करने वाली पहली महिला बनी
नई दिल्ली। भारत की पूर्व महिला क्रिकेटर जीएस लक्ष्मी ने एक बड़ा कीर्तिमान अपने नाम कर लिया है। वह 8 दिसंबर से शुरू होने जा रहे तीसरे आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 के पहले मैच में बतौर रेफरी कदम रखने जा रही हैं। इसके साथ ही वह किसी भी पुरुष वनडे में रैफरिंग करने वाली पहली महिला मैच रेफरी बन जायेंगी। शारजाह में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप लीग का आगाज यूएई और अमेरिका के मुकाबले से होगा।
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जीएस लक्ष्मी की साल 2019 में यह दूसरी बड़ी उपलब्धि है, इससे पहले वह इसी साल मई में आईसीसी के इंटरनैशनल पैनल में नियुक्त होने वाली पहली महिला रेफरी बनी थी। आईसीसी इस टूर्नामेंट के जरिये अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा विकास के मौके प्रदान करता है। जीएस लक्ष्मी ने अपने करियर के दौरान अब तक 3 महिला वनडे मैचों, 16 पुरूष टी20 अंतर्राष्ट्रीय और 7 महिला टी20 अंतर्राष्ट्रीय मैचों में रैफरी की भूमिका निभाई है। वह 2008-09 के घरेलू महिला क्रिकेट में पहली बार मैच रेफ़री बनी थी।
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जीएस लक्ष्मी की इस उपलब्धि पर आईसीसी के सीनियर मैनेजर -अंपायर एवं रैफरी- एड्रियन ग्रिफिथ ने बधाई दी।

गलती से क्रिकेट में आई लक्ष्मी
अपनी इस उपलब्धि के बाद जीएस लक्ष्मी ने आईसीसी के साथ एक इंटरव्यू में बात कि और बताया कि वह कभी क्रिकेटर नहीं बनना चाहती थी, उन्होंने इस बारे में कभी सोचा भी नहीं था।
लक्ष्मी ने अपने इंटरव्यू में बताया, ' मैं पढ़ाई में काफी कमजोर थी, मुझे मेरिट के बेस पर कॉलेज में एडमिशन नहीं मिल रहा था। जब मुझसे पूछा गया कि आप में कोई और प्रतिभा है तो मैंने बताया कि मैं अपने भाईयों के साथ क्रिकेट खेलती हूं। गेंदबाजी में मेरी पकड़ होने के चलते मुझे स्पोर्ट्स कोटे से एडमिशन मिल गया।'
लक्ष्मी ने घरेलू क्रिकेट में 18 सालों तक खेला और रिटायरमेंट के बाद वो कोचिंग देने लगी, जिसके बाद उन्हें राज्य स्तरीय टीम की चयनसमिति में शामिल किया गया। इस दौरान बीसीसीआई ने महिलाओं को मैच अधिकारी के रूप में क्रिकेट से जोड़ने का नया प्रावधान बनाया जिसके बाद वह मैच रेफरी की भूमिका में नजर आई।

बीसीसीआई ने लक्ष्मी समेत 5 महिला रेफरी का किया था चयन
अपनी इस उपलब्धि पर बात करते हुए लक्ष्मी ने कहा, ' मुझे याद है जब बीसीसीआई ने पहली बार मुझै बतौर मैच रेफ़री चुना था। यह मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान था। भारत में एक क्रिकेटर और मैच रेफ़री के रूप में मेरा लंबा करियर रहा है। उम्मीद है कि मैं एक खिलाड़ी और मैच अधिकारी के रूप में अपने अनुभव का यहां अच्छा उपयोग करूंगी।'

मैच रेफ़री बनने का सफ़र
गौरतलब है कि लक्ष्मी का आंध्र प्रदेश में हुआ था हालांक पिता की नौकरी के चलते उनकी पढ़ाई बिहार के जमशेदपुर में हुईं। लक्ष्मी ने बतौर तेज़ गेंदबाज़ रेलवे के लिये घरेलू क्रिकेट खेला। वह अच्छी आउट स्विंग करती थी। भारतीय टीम ने 1999 में इंग्लैंड दौरे पर टीम का हिस्सा भी बनाया हालांकि वह अंतिम 11 का हिस्सा नहीं बन सकी। उन्होंने साल 2004 में क्रिकेट को अलविदा कहा और करीब 10 सालों तक साउथ सेंट्रल रेलवे में खिलाड़ियों को कोचिंग देती रहीं।
इसी दौरान 2008 में बीसीसीआई ने घरेलू महिला क्रिकेट में महिला रेफ़री को उतारने की शुरुआत की। इस दौरान बीसीसीआई ने पूर्व महिला क्रिकेटरों रजनी वेणुगोपाल, राजेश नय्यर, निलिमा जोगलेकर और गार्गी बनर्जी के साथ जीएस लक्ष्मी को बतौर महिला रेफरी के रूप में उतारा।

क्या है आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग
आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप लीग 2 इस साल अगस्त में शुरू हुआ था और जनवरी 2022 तक चलेगा। इस दौरान इसमें कुल 126 मैच खेले जाएंगे। इसकी शीर्ष तीन टीमें आईसीसी पुरुष क्रिकेट वर्ल्ड कप क्वॉलिफायर 2022 में खेलेंगी। इसी के आधार पर भारत में 2023 में खेले जाने वाले वाले विश्व कप के लिए आईसीसी क्वॉलीफायर टीम का चयन होना है। आईसीसी इंटरनेशनल पैनल ऑफ़ मैच रेफ़री में नियुक्ति के बाद यह लक्ष्मी की इस साल दूसरी महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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