नई दिल्ली। गुरूवार को बीसीसीआई ने विश्वकप 2015 के 30 संभावित लोगों की टीम घोषित कर दी जिसमें गौतम गंभीर का नाम नहीं हैं। वीरेन्द्र सहवाग, युवराज सिंह, जहीर खान और हरभजन सिंह अगर अंडर 30 में नहीं हैं तो सोचा जा सकता है क्योंकि पिछले 10-15 सालों से इन चारों ने अच्छा-खासा भारत के लिए क्रिकेट खेला है लेकिन गौतम गंभीर जो कि साल 2011 विश्वकप का एक चर्चित चेहरा था उनका टीम में ना होना दिल्ली वालों और उनके फैंस के लिए काफी कष्टदायक है।
गौतम गंभीर मौजूदा आस्ट्रेलिया दौरे पर भी नहीं गये हैं, एक तरह से सेलेक्टर्स ने तभी इशारा कर दिया था कि वो गौतम गंभीर की खराब फार्म की वजह से अब उनका विकल्प तलाश रहे हैं। इंग्लैंड दौरे पर गंभीर का बल्ला नहीं चलना ही इस बात की पुष्टि करता था कि अब बीसीसीआई गंभीर को लेकर गंभीर नहीं होगी।
तो क्या राजनीति के शिकार हो गया गौतम गंभीर का करियर!
लेकिन दिल्लीवासियों का कुछ और ही कहना हैं। दिल्ली की रहने वाली और दिल्ली विवि की छात्रा सोनिया अग्रवाल का कहना है कि गंभीर का अंडर 30 में शामिल नहीं होना इस बात का सबूत है कि पिछला रिकार्ड कभी काम नहीं आते हैं। बेशक गंभीर अपनी खराब फार्म की वजह से टीम इंडिया में नहीं हैं लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि गंभीर को एक मौका नहीं मिलना चाहिए।
अरे एक बॉल से ही फार्म वापस आ जाती है। गंभीर टीम इंडिया की राजनीति का शिकार हुए हैं जिसकी वजह से उन्हें अंडर 30 में जगह नहीं मिली है। धोनी से पंगा लेना गंभीर को भारी पड़ गया है लेकिन जो भी हुआ वो गलत हुआ है।
जहां सोनियां अग्रवाल ने ऐसी बातें कहीं वहीं क्रिकेट कमेंटर हर्षा भोगले ने भी ट्विटर पर लिखा है कि पांच दिग्गजों( सहवाग, गंभीर, युवराज,जहीर, भज्जी) को अंडर 30 में जगह ना मिलने से साबित हो गया है कि अब इन पांचों का करियर खत्म हो गया है इसलिए इन पांचों के क्रिकेट योगदान पर हम सबको तालियां बजानी चाहिए।
If Sehwag, Yuvi, Gambhir, Zaheer & Harbhajan don't play for India again, we must stand up & applaud their contribution to Indian cricket
— Harsha Bhogle (@bhogleharsha) December 4, 2014