
6 छक्के लगाने के बाद चेक हुआ था बैट
युवराज सिंह ने यूट्यूब चैनल को दिये गये इंरव्यू के दौरान बताया कि 2007 टी20 विश्व कप के दौरान जब उन्होंने स्टुअर्ट ब्रॉड की गेंद पर एक ओवर में 6 छक्के लगाने का कारनामा किया तो लोगों ने उनके बल्ले पर सवाल उठाना शुरु कर दिया था। इतना ही नहीं विपक्षी टीम की मांग पर मैच रैफरी ने उनके बल्ले की जांच भी की थी।
उन्होंने कहा,' मुझे याद है उस मैच के दौरान ही एक ऑस्ट्रेलियाई कोच मेरे पास आया था और यह जानने की कोशिश की क्या मेरे बल्ले के पीछे फाइबर लगा है और क्या यह लीगल है। इतना ही नहीं एडम गिलक्रिस्ट ने भी मुझसे बल्ले को लेकर सवाल किया कि हमारे लिये इन्हें कौन बनाता है। इसी कारण मैच रैफरी ने भी बैट की जांच की। लेकिन ईमानदारी से कहूं तो वह बल्ला मेरे लिए विशेष था। मैं इससे पहले बल्ले के साथ ऐसे कभी नहीं खेला। वह बल्ला और 2011 विश्व कप का बल्ला विशेष थे।'

धोनी का मनपसंद था यह खिलाड़ी, हमेशा किया समर्थन
इसी इंटरव्यू के दौरान युवराज सिंह ने पूर्व कप्तान एमएस धोनी को लेकर कहा कि हर कप्तान का टीम में एक मनपसंद खिलाड़ी होता है जिसे वह अपने साथ हर अहम मैच में रखना चाहता है, यह आम बात है। धोनी के केस में वह सुरेश रैना थे, जिन्हें कप्तान का समर्थन हासिल था। इसको लेकर युवराज सिंह ने बताया कि कैसे धोनी को विश्व कप 2011 की टीम में सुरेश रैना को शामिल करने के लिये सिरदर्द से गुजरना पड़ा।
युवराज सिंह ने बताया कि विश्व कप 2011 के लिये टीम का चयन हो रहा था और धोनी के पास मेरा, यूसुफ पठान और सुरेश रैना का नाम था, जिसमें से उसे सिर्फ 2 खिलाड़ियों को ही टीम में चुनना था। मैं और यूसुफ पठान अच्छी लय में थे जबकि सुरेश रैना उस वक्त फॉर्म से जूझ रहे थे, बावजूद इसके वह टीम का हिस्सा बनने में कामयाब रहे।

रैना को चुनने के लिये धोनी ने की मशक्कत
उल्लेखनीय है कि विश्व कप 2011 की टीम में सुरेश रैना, युवराज सिंह और यूसुफ पठान तीनों ही खिलाड़ियों को शामिल किया गया था, हालांकि टूर्नामेंट के बीच में ही यूसुफ को प्लेइंग इलेवन से हटा दिया गया था।
‘स्पोर्ट्स तक' से बात करते हुए युवराज ने कहा,'सुरेश रैना को तब काफी समर्थन हासिल था क्योंकि धोनी उसे सपॉर्ट करता था। सभी कप्तानों के पसंदीदा खिलाड़ी होते हैं और मुझे लगता है कि उस समय माही ने रैना का काफी समर्थन किया। उस समय यूसुफ पठान भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा था और मैं गेंद और बैट दोनों से अच्छा कर रहा था। रैना उस समय फॉर्म से जूझ रहा था। टीम को बांये हाथ के स्पिनर की जरूरत थी और मैं विकेट ले रहा था जिसके चलते मेरी जगह पक्की थी। लेकिन रैना और पठान को शामिल करने में धोनी को काफी मशक्कत करनी पड़ी।'

युवराज ने बताया फैवरेट कप्तान का नाम
इस इंटरव्यू के दौरान ही युवराज सिंह ने बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली को युवाओं में भरोसा और उनकी प्रतिभा को निखारने के लिये अपना पसंदीदा कप्तान चुना।
उन्होंने कहा, ‘दादा मेरे पसंदीदा कप्तान हैं। उन्होंने मेरा काफी समर्थन किया, सबसे अधिक। हम युवा था इसलिए उन्होंने प्रतिभा को भी निखारा।'


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