नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के अहम स्पिन गेंदबाज युजवेंद्र चहल ने टेस्ट क्रिकेट में अपने हाथ आजमाने की उम्मीद रखी है। चहल वनडे और टी20 मैचों में कई बार टीम को मैच जितवाने के लिए काम आए हैं। उन्होंने कुलदीप यादव के साथ अभी तक अच्छे से साथ निभाया, लेकिन चहल को अभी तक टेस्ट क्रिकेट खेलने का माैका नहीं मिला है। चहल ने भारतीय टीम के लिए 2016 में डेब्यू किया था। तब से लेकर अब तक चहल कभी टेस्ट टीम में नहीं चुने गए, लेकिन अब वो चाहते हैं कि मैनेजमेंट उन्हें टेस्ट में खेलने का भी माैका दे।
चहल ने एक बेवसाइट को दिए इंटरव्यू के दाैरान कहा, 'अगर मुझे भारत के लिए एक भी टेस्ट मैच खेलने का मौका मिलता है या फिर अगर मैं टेस्ट टीम में भी चुना जाता हूं तो मुझे इस बात की बेहद खुशी होगी। मेरे लिए यह पूरी तरह से एक अलग एहसास होगा।' इसके अलावा चहल ने यह भी कहा कि उन्हें कुलदीप यादव के साथ टीम के लिए खेलना अच्छा लगता है। चहल ने कहा, 'हम दोनों कलाई के स्पिनर हैं और शुरुआती दिनों से ही एक साथ गेंदबाजी करते आ रहे हैं। जब हम एक साथ खेलते हैं तो बल्लेबाजों से निपटने के लिए अधिक विविधताएं होती है। अगर मैं कुछ अच्छे ओवर करता हूं तो इसका फायदा कुलदीप को भी होगा क्योंकि उनके छोर के बल्लेबाज पर भी दवाब बढ़ेगा।'
चहल ने आगे कहा, 'अगर आप एकमात्र स्पिनर के रूप में खेलते हैं तो आपकी जिम्मेदारी ज्यादा बढ़ जाती है। साथ ही कप्तान के लिए भी यह मुश्किल हो जाता है कि वह आपके 10 ओवर्स का इस्तेमाल कैसे करें। जब दो स्पिनर खेलते हैं तो कप्तान के लिए भी 20 ओवर की गेंदबाजी कराना आसान हो जाता है। खासकर तब जब वह जानते हैं कि उनके पास कोई अतिरिक्त गेंदबाज नहीं है। अगर गेंद टर्न होती है, तो आपको पता होता है कि आपके पास दूसरा फ्रंट लाइन स्पिनर भी है। जब स्पिनर दोनों छोर से गेंदबाजी करते हैं तो मैच की गति भी बढ़ जाती है। अगर एक ही स्पिनर होता है तो फिर से बीच के ओवर्स में गेंदबाजी करना मुश्किल हो जाता है।'