विश्व कप क्रिकेट में भारत के किस खिलाड़ी ने लगाया था पहला शतक, कैसी रही ये पारी ?
नई दिल्ली। फटाफट क्रिकेट में आज भारत एक बड़ा नाम बन चुका है। वनडे क्रिकेट में तेंदुलकर, कोहली और गांगुली ने शतकों के अंबार लगा रखे हैं। लेकिन यह जानना बेहद दिलचस्प होगा कि एकदिवसीय क्रिकेट में भारत की तरफ से पहला शतक किसने लगाया ? विश्वकप क्रिकेट में भारत के किस खिलाड़ी ने पहला शतक ठोका ?

कपिल देव का हैरतअंगेज कारनामा
वनडे इंटरनेशनल में भारत की तरफ से पहला शतक लगाने का रिकॉर्ड महान ऑलराउंडर कपिल देव निखंज के नाम दर्ज है। विश्वकप क्रिकेट में पहला शतक लगाने वाले खिलाड़ी भी कपिल देव ही है। कपिल का यह शतक कई मायनों में यादगार और ऐतिहासिक है। 1983 के विश्वकप में भारतीय टीम के कप्तान कपिल देव थे। उस समय वेस्टइंडीज और आस्ट्रेलिया का पूरी दुनिया में दबदबा था। भारत की चुनौती को किसी ने गंभीरता से नहीं लिया था। लेकिन तमाम पूर्वानुमानों को गलत साबित करते हुए भारत ने यह प्रतियोगिता जीत ली थी। ये जीत बहुत आसानी से नहीं मिली थी। मुश्किलों के कई पहाड़ पार कर भारत यहां तक पहुंचा था। इस प्रतियोगिता में भारत का सबसे कठिन मैच जिम्बाब्वे से हुआ। कपिल न होते तो विश्वकप में भारत का बोरिया विस्तर बंध गया होता।
मुंबई लाैटने पर IPL 2019 की विजेता टीम का हुआ जोरदार स्वागत, देखें तस्वीरें

जिम्बाब्वे बनाम भारत
भारत का पहला मैच विस्व विजेता वेस्टइंडीज से हुआ। पहले ही मैच में भारत ने सबसे शक्तिशाली टीम को हरा कर तहलका मचा दिया। भारत की उम्मीदें बढ़ गयीं। 18 जून 1983 को भारत और जिम्बाब्वे के बीच प्रतियोगिता का 20वां मैच खेला गया। अभी भारत का खात भी नहीं खुला था कि गावस्कर का विकेट गिर गया। दो रन के स्कोर पर श्रीकांत भी चलते बने। तीन ही रन पर मोहिंदर अमरनाथ के रूप में तीसरा विकेट गिर गया। चार के स्कोर पर संदीप पाटिल आउट हो गए। अब तक अच्छा खेल दिखा रही भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर रही थी। जब 17 रन पर पांच विकेट गिर गये तो सभी लोगों ने मान लिया अब भारत की हार तय है। भारतीय बल्लेबाज तू चल, मैं भी आया की तर्ज पर खेल रहे थे। 78 रन पर 7 विकेट गिर गए तो हताश भारतीय खेल प्रेमियों ने रेडियो पर चल रही कमेंट्री बंद कर दी। लेकिन होनी को तो कुछ और मंजूर था। एक इतिहास का बनना बाकी था।

कपिल का करिश्मा
पांचवें विकेट के पतन के बाद कप्तान कपिल देव मैदान पर उतरे थे। जब नामी गिरामी बल्लेबाज फेल हो गये तो उनको मध्यम गति के गेंदबाज मदन लाल का साथ मिला। कपिलदेव ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों का खौफ खत्म करने के लिए जवाबी हमले की रणनीति बनायी। उन्होंने ऐसा रौद्र रूप अपनाया कि जिम्बाब्वे के गेंदबाजों के होश उड़ गये। कपिल की तूफानी बल्लेबाजी से विपक्षी खेमे में दहशत फैल गयी। कपिल ने आठवें विकेट के लिए मदन लाल के साथ 62 रनों की साझेदारी की। फिर विकेटकीपर सैयद किरमानी के साथ कपिल ने 126 रनों की साझेदारी कर भारत का स्कोर को 266 तक पहुंचा दिया। इस दौरान किरमानी ने केवल 24 रन बनाये जब कि कपिल देव ने धुआंधार 102 रन कूट डाले। कपिल देव ने नाबाद 175 रन बनाये जिसमें 16 चौके और छह छक्के शामिल थे। 175 रन बनाने के लिए उन्होंने केवल 138 गेंदे खेलीं। कपिल की इस पारी को देख कर हर कोई अचंभित था। इसके पहले भारत के किसी बल्लेबाज ने वनडे मैच में शतक नहीं लगाया था। और यह तो विश्वकप का बड़ा मंच था। कपिल मूल रूप तेज गेंदबाज थे जो बल्लेबाजी की भी काबिलियत रखते थे। लेकिन इतनी विकट परिस्थिति में वे इतनी बड़ी पारी खेलेंगे, किसी को यकीन नहीं था।
VIDEO : खून बहता रहा, पर फिर भी क्रीज पर डटे रहे शेन वाॅटसन, अब लगे 6 टांके

कपिल के शतक से जीता भारत
जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज केबिन करेन और राउसन ने ने तीन-तीन विकेट लेकर भारत को दिन में तारे दिखा दिये थे। ये वही केबिन करने हैं जिनके पुत्र सैम करेन आज इंग्लैंड के उभरते हुए ऑल राउंडर हैं। सैम करेन आइपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब के लिए खेलते हैं। कपिल के शतक की बदौलत भारत ने 266 का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की टीम 235 रनों पर आउट हो गयी। मदन लाल ने तीन और रोजर बिन्नी ने दो विकेट लिये। जिम्बाब्वे की तरफ से तेज गेंदबाज केबिन करेन ने 73 रनों की शानदार पारी खेली। इस तरह भारत 31 रनों से ये मैच जीत गया। कपिल ने कप्तानी पारी खेली और टीम को हार के दरवाजे से खींच कर अविश्वसनीय जीत दिला दी।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
