एशियन गेम्सः नीरज चोपड़ा ने पाकिस्तानी खिलाड़ी को लगाया गले तो सानिया मिर्जा ने कही ये बड़ी बात
नई दिल्ली। खेल का मैदान सियासी दूरियों को मिटा देता है, जब मैदान में कोई खिलाड़ी अपने देश का गौरव बढ़ाने के लिए उतरता है तो भले ही उसके जेहन में अपने देश को जिताने की जिद और इच्छा होती है लेकिन फिर भी वो एक खिलाड़ी के तौर पर खेल भावना को ऊपर रखता है, और यही एक खिलाड़ी को महान भी बनाती है। ऐसा ही कुछ देखने को मिला इंडोनेशिया में चल रहे एशियन गेम्स में जब नीरज चोपड़ा ने जैवलिन थ्रो में सिर्फ गोल्ड ही नहीं बल्कि लोगों का दिल भी जीत लिया जब उन्होंने कांस्य पदक पर कब्जा पाए अरशद नदीम को गले लगाकर उनको भी बधाई दी।
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कहा- खेल से बड़ी कोई शिक्षा नहीं
गौरतलब हो कि नीरज ने एशियन गेम्स में इतिहास रचते हुए अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया और 88.06 मीटर की दूरी का भाला फेंककर गोल्ड पर कब्जा किया। हालांकि इस मेडल से ज्यादा उन्होंने तब सभी प्रशंसकों का दिल जीत लिया जब मेडल सेरेमनी में उन्होंने पाकिस्तान के खिलाड़ी को गले लगाकर उनको भी धन्यवाद दिया। इस मौके पर टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने ट्वीट करते हुए लिखा कि इसलिए मैं हर बार कहती हूं कि खेल सबसे अच्छी शिक्षा होती है। जो हमेशा मानवता, समानता और दूसरे का सम्मान कराना सिखाती है, और यही सीखने को मिलता है हमारे स्टार नीरज चोपड़ा से भी।

नीरज के रिकॉर्ड को तोड़ने का नदीम का सपनाः
बता दें कि पाकिस्तान के नदीम ने इस प्रतियोगिता में ब्रॉन्ज पर कब्जा किया और अपना बेस्ट प्रदर्शन करते हुए 80.75 की दूरी का भाला फेंका,। इसके बाद सेरेमनी में उन्होंने कहा कि नीरज काफी प्रतिभावान हैं और उनके साथ मैं आठवीं बार प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहा हूं, लेकिन उनके पास विदेशी कोच हैं और मेरे पास ऐसी सुविधा नहीं है। हालांकि उन्होंने कहा कि उनकी सफलता मुझे काफी प्रभावित करती है और मैं चाहता हूं कि मैं उनका रिकॉर्ड तोड़ूं।

नीरज नहीं देते मेरी बात का जवाबः
पीटीआई से बातचीत के दौरान नदीम ने कहा कि वॉट्सएप पर नीरज भाई मेरे सवालों का जवाब ही नहीं देते हैं,उन्होंने एक दो बार मेरी बात का जवाब दिया लेकिन उसके बाद उन्होंने कभी मेरी बात का जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि हो सकता है नीरज काफी व्यस्थ रहते हों। नदीम ने बताया कि नीरज की तकनीक क्षमता काफी शानदार है और मुझे लगता है कि वहां की सरकार का उन्हें पूरा सपोर्ट भी है लेकिन मेरे पास ऐसी कोई सुविधा नहीं है इसलिए हमारे बीच काफी अंतर है।

भारत की खातिरदारी के कायल हैं नदीमः
भारत के लोगों के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में नदीम ने बताया कि वो मेरे लिए एक यादगार यात्रा थी हम बस से लाहौर होते हुए अमृतसर आए थे। उन्होंने कहा कि आपलोग बड़ी खातिरदारी करते हो, और इज्जत भी करते हो और मैं चाहूंगा कि मैं भारत फिर आऊं। गौरतलब हो कि गोल्ड जीतकर नीरज ने इतिहास रच दिया है क्योंकि कॉमनवेल्थ और एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने वाले वो मिल्खा के बाद पहले भारतीय हैं और साथ ही एशियन गेम्स में भाला फेंक में उन्होंने एक नया कीर्तिमान रचा है।
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