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जब ओपनिंग के लिये सचिन तेंदुलकर ने पूरा करियर लगा दिया था दांव पर

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बारे में कई सारे बातें उनके फैन्स के लिये उन्हें खास बनाती है लेकिन क्या आपको इस बात है कि कभी इस खिलाड़ी ने भारत के लिये ओपनिंग को लेकर अपना पूरा करियर दांव पर लगा दिया था। भारत की सबसे सफल सलामी बल्लेबाजी जोड़ी की बात की जाये तो सचिन-गांगुली और सचिन-सहवाग का नाम जरूर लिया जाता है। लेकिन कम ही लोग जानते हैं कि इन दोनों ही जोड़ियों को कामयाब बनाने वाले क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर को एक मध्यक्रम बल्लेबाज से सलामी बल्लेबाज बनने के लिये अपना पूरा करियर दांव पर लगाना पड़ा था।

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अपने करियर के शुरुआती दिनों में सचिन तेंदुलकर ने एक मध्यक्रम बल्लेबाज के तौर पर शुरुआत की थी। लेकिन आगे चलकर सलामी बल्लेबाजी में उन्होंने कई कीर्तिमान अपने नाम किये। आइये जानते हैं उस घटना के बारे में जब सचिन तेंदुलकर ने ओपनिंग के लिये तत्कालीन कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के सामने अपना करियर दांव पर लगा दिया था।

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सिद्धू के चोटिल होने पर तेंदुलकर ने मांगा था ओपनिंग स्लॉट

सिद्धू के चोटिल होने पर तेंदुलकर ने मांगा था ओपनिंग स्लॉट

भारतीय टीम न्यूजीलैंड दौरे पर पहुंची थी जहां उसे वनडे सीरीज खेलनी थी। इस बीच ऑकलैंड वनडे से पहले भारतीय टीम के नियमित सलामी बल्लेबाज नवजोत सिंह सिद्धू चोटिल हो गये थे और कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन के सामने ओपनिंग पर किसे भेजा जाये यह सवाल था।

इस बीच सचिन तेंदुलकर टीम इंडिया के कप्तान अजहरुद्दीन और मैनेजर अजीत वाडेकर के सामने पहुंचे और कहा कि वह भारतीय टीम के लिये ओपनिंग करना चाहते हैं। इस बारे में खुद सचिन तेंदुलकर ने जानकारी दी है।

ऐसे मिला ओपनिंग करने का मौका

ऐसे मिला ओपनिंग करने का मौका

सचिन तेंदुलकर ने उस घटना के बारे में बात करते हुए बताया कि हमें ड्रेसिंग रूम में जाकर पता चला कि नवजोत चोटिल हैं और ओपनिंग किसे भेजा जाये यह सवाल बना हुआ है।

उन्होंने कहा, 'जब मैंने सुबह होटल छोड़ा तो मुझे नहीं पता था कि मैं पारी की शुरुआत करने वाला हूं। हम मैदान पर पहुंचे और अजहर और वाडेकर सर ड्रेंसिंग रूम में थे। उन्होंने कहा कि सिद्धू फिट नहीं हैं तो कौन ओपनिंग करेगा। मैंने कहा कि मैं करूंगा। मुझे अपने ऊपर पूरा विश्वास था कि मैं उन गेंदबाजों पर अटैक कर सकता हूं।'

जब एक मौके के लिये सचिन ने लगा दिया पूरे करियर का दांव

जब एक मौके के लिये सचिन ने लगा दिया पूरे करियर का दांव

सचिन ने बताया कि मेरी बात सुनकर अजहर थोड़ा चौंक गये और पूछा कि आखिर मैं ओपनिंग क्यों करना चाहता हूं, जिस पर मैंने साफ किया कि मुझे विश्वास है कि मैं कर सकता हूं।

उन्होंने कहा, 'तब तक सिर्फ मार्क ग्रेटबैच ने 1992 में ऐसा किया था, क्योंकि तब तक आम ट्रेंड यही था कि पहले 15 ओवर आराम से खेले जाएं क्योंकि गेंद नई है। आप पहले गेंद की चमक खत्म कर दो और फिर तेजी से रन बनाओ। इसलिए मुझे लगा कि अगर मैं जाकर पहले 15 ओवर तेजी से रन बना सका तो यह विपक्षी टीम पर काफी दबाव बना देगा। मैंने कहा था कि अगर मैं फेल हुआ तो मैं आपके पास दोबारा नहीं आऊंगा, लेकिन मुझे एक मौका दीजिए।'

महज 49 गेंद में सचिन ने खेली थी 82 रनों की पारी

महज 49 गेंद में सचिन ने खेली थी 82 रनों की पारी

गौरतलब है कि सचिन तेंदुलकर ने इस मैच में मैदान पर जाने से पहले अजहर से कहा था कि वह मैदान पर जाकर कोई स्लॉग शॉट खेलकर वापस आने वालों में से नहीं है। वह अपना नैचुरल खेल जारी रखेंगे जो कि गेंदबाजों को अटैक करना है और अगर ऐसा करने में वो नाकाम रहे है तो वह दोबारा उनके सामने नहीं आयेंगे।

आपको बता दें कि सचिन तेंदुलकर ने उस मैच में 49 गेंदों पर 82 रन बनाए थे। इसके बाद सचिन वनडे टीम के नियमित ओपनर बन गए।

Story first published: Friday, April 3, 2020, 14:30 [IST]
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