उन्होंने छह साल की उम्र में अपने माता-पिता के प्रोत्साहन से जुड़ो की यात्रा शुरू की। "हत्यारा" और "जानवर" उपनामों से जानी जाने वाली, उन्होंने इस खेल में एक महत्वपूर्ण प्रभाव डाला है। उनकी यात्रा चुनौतियों से मुक्त नहीं रही है, जिसमें जून 2011 में उनके दाहिने घुटने में लिगामेंट की चोट और 2009 में रॉटरडैम, नीदरलैंड में विश्व चैंपियनशिप के दौरान दाहिनी उंगली में फ्रैक्चर शामिल है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Women's 57kg | B कांस्य |
| 2012 | Women's 57kg | G स्वर्ण |
उनका खेल दर्शन उनके आदर्श वाक्य में सन्निहित है: "मामले को वैसे ही छोड़ दें जैसे वह है।" इस दृष्टिकोण ने उन्हें विभिन्न प्रतियोगिताओं और व्यक्तिगत चुनौतियों के माध्यम से निर्देशित किया है। 2012 के लंदन ओलंपिक खेलों के बाद उन्हें "हत्यारा" उपनाम दिया गया था। वह बताती हैं कि "जानवर" जुड़ो के प्रति उनके प्राकृतिक और सहज दृष्टिकोण को दर्शाता है।
फरवरी 2019 में, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता से अपनी सेवानिवृत्ति की घोषणा की। यह एक शानदार करियर का अंत था जिसने कई युवा जुड़ोकाओं को प्रेरित किया। खेल में उनके योगदान ने एक स्थायी विरासत छोड़ी है।
वह जापानी भाषा में धाराप्रवाह बोलती हैं, जिससे उन्हें जापान में प्रशंसकों और साथी एथलीटों के साथ जुड़ने में मदद मिली है। जुड़ो में उनकी यात्रा जल्दी शुरू हुई, लेकिन यह उनके माता-पिता का प्रोत्साहन था जिसने उन्हें प्रेरित रखा।
उनका करियर दृढ़ता और समर्पण का प्रमाण है। चोटों और असफलताओं के बावजूद, उन्होंने उल्लेखनीय सफलता हासिल की और जुड़ो समुदाय में सम्मान अर्जित किया। उनकी कहानी दुनिया भर के आकांक्षी एथलीटों को प्रेरित करती रहती है।