नई दिल्ली। रियो ओलम्पिक्स 2016 शुरू होने को है और इससे जुड़ी कई तरह की स्टोरीज़ इनदिनों पढ़ने को मिल रही होंगी। इसमें यूसैन बोल्ड की ओलंपिक लेजेसी, ब्राज़ील में जल प्रदूषण, ओलम्पिक्स पर आतंकी साया आदि प्रमुख हैं। इस सबके इतर वनइंडिया आपके लिए लाया है एक ऐसी स्टोरी जो खेलप्रमी होने के नाते जानना बहुत ज़रूरी है। नीचे जानिए खेलों के इस महाकुंभ से जुड़े कुछ रोचक तथ्य :
1. पहली बार 2 नए खेल होंगे शामिल
इस साल रियो ओलम्पिक्स में कुल 28 खेल शामिल किए गए हैं। इनमें दो नए खेलों को शामिल किया गया है। ये दोनों खेल हैं गोल्फ़ और रग्बी। गोल्फ़ को ओलंपिक्स में तीसरी बार और वर्ष 1904 के बाद पहली बार जगह मिली है। जबकि रग्बी 1924 पेरिस ओलम्पिक्स के बाद से ओलंपिक खेलों में नहीं देखी गई। रियो ओलम्पिक्स : इन 5 भारतीय खिलाड़ियों से पदक जीतने की है सबसे ज्यादा उम्मीद
2. सर्वाधिक देश कर रहे हैं प्रतिभाग
2016 रियो ओलंपिक्स में रिकॉर्ड 206 देश प्रतिभाग कर रहे हैं। बीबीसी की एक ख़बर के अनुसार, इनमें से दो देश पहली बार ओलम्पिक्स में हिस्सा ले रहे हैं। कोसोवो 24 साल पहले बना था और पहली बार ओलंपिक्स का हिस्सा बना है। जबकि 2011 में आजाद हुए दक्षिणी सूडान के खिलाड़ी भी इस बार ओलंम्पिक्स में हिस्सा लेंगे।
3. ब्राज़ील ओलम्पिक्स होस्ट करने वाला पहला दक्षिण अमरीकी देश
यह पहली बार है जब ओलंपिक्स को एक दक्षिण अमरीकी देश में आयोजित किया जा रहा है। इसके पहले ओलंपिक्स यूरोप, उत्तरी अमरीका, एशिया और आॅस्ट्रेलिया में ही आयोजित होता रहा है।
4. शरणार्थियों की है अपनी खुद की टीम
इस बार ओलंपिक्स में पहली बार रेफ़युजी ओलम्पिक टीम यानी आरओटी भी हिस्सा ले रही है। इस टीम के प्रतिभाग करने के पीछे दुनियाभर के शरणार्थियों की ओर ध्यान देना भी एक मकसद है। फिर चाहे बात सीरिया की हो, दक्षिणी सूडान की हो, इथोपिया की या फिर डेमोक्रेटिक रिपब्लिक आॅफ कॉन्गो की।
5. ट्रिपलेट मैराथन रनर्स भी होंगे इस बार
न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट की मानें तो इस बार पहली दफ़ा ट्रिपलेट मैराथन रनर्स रियो ओलम्पिक्स में हिस्सा ले रहे हैं। 14 अगस्त को होने वाली विमेन मैराथन में लीला, लिली और लिलना बतौर ट्रिपलेट एस्टोनिया देश का प्रतिनिधित्व करेंगी।
6. हर रोज़ इतना खाना खाएंगे खिलाड़ी!
रियो ओलम्पिक्स में कुल 90 हज़ार लोगों का स्टाफ होगा जो इस आयोजन पर निगरानी रखेगा। इसके अलावा दुनियाभर से 20 हज़ार अन्य लोग इसमें शरीक होंगे। ऐसे में बात अगर ओलंपिक खिलाड़ियों के खाने की करें तो हर रोज़ तकरीबन 60 हज़ार मील्स परोसी जाएंगी और इन्हें बनाने में तकरीबन 4 लाख 60 हज़ार पाउंड कच्चा माल लगेगा।
7. केवल इस देश की टीम है पूरी तरह प्राइवेट फंडेड
दुनियाभर में केवल अमरीका ही ऐसी टीम है जो उन चुनिंदा देशों में शुमार है जो अपनी ओलम्पिक टीम को फंड करने के लिए सरकारी पैसे का इस्तेमाल नहीं करती! अमरीकी खिलाड़ियों को वित्तपोषित करने के लिए अमरीका की नेशनल ओलम्पिक कमेटी प्राइवेट फंड्स का इस्तेमाल करती है। इसमें बड़ी स्पॉन्सशिप्स और लाइसेंस टीम को फाइनैंन्शियली सपोर्ट करती हैं। रियो ओलंपिक के लिए तैयार हैं सचिन तेंदुलकर, ट्विटर पर तिरंगा लहराने की जताई ख़्वाहिश
8. पासिंग द टॉर्च
इस बार ओलम्पिक्स के लिए 12 हज़ार के आसपास टॉर्चबियरर्स दुनियाभर में इसकी मशाल को तकरीबन 20 हज़ार किलोमीटर ज़मीन से होते हुए ले जाएंगे और यह मशाल 10 हज़ार मील का हवाई सफ़र तय करेगी। यह मशाल ओलंपिया से रियो तक का सफ़र तय करेगी।