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Article 370: जानें कैसे भारतीय सेना ने इस कश्मीरी खिलाड़ी का सपना किया साकार, दिलचस्प है कहानी

नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर को विशेषाधिकार देने वाले संविधान के अनुच्छेद 370 को निष्क्रिय करने के लगभग 2 महीने पूरे होने वाले हैं और लोग अभी भी अपने आप को इस बदलाव में ढालने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच जम्मू-कश्मीर की एक पैरा एथलीट खिलाड़ी की कहानी सामने आई है जिसके अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट में हिस्सा लेने के सपने को भारतीय सेना ने साकार किया वो भी 370 हटने के बाद महज एक दिन में। यह बेहद दिलचस्प कहानी है बारामुला की रहने वालीं इशरत अख्तर की जो इस साल थाइलैंड में होने वाली एशिया ओसनिया व्हीलचेयर चैंपियनशिप में भाग लेंगी।

इस टूर्नामेंट में क्वालिफाइ करने के लिए इशरत को पिछले महीने 27 अगस्त को चेन्नई स्थित नैशनल कैंप में पहुंचना था, लेकिन जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद फोन और इंटरनेट कनेक्शन पर काफी असर पड़ा था जिस कारण उन्हें व्हीलचेयर बास्केटबॉल फेडरेशन ऑफ इंडिया से संपर्क करने की में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा.

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इसके चलते फेडरेशन ने इशरत को उनके 2 दोस्तों की मदद से ढूंढा। दो दोस्तों में से एक इशरत के कोच नेवी के पूर्व अधिकारी लुइस जॉर्ज थे और दूसरे रिटायर्ड कर्नल आइसनहोवर थे जो इंटेलिजेंस ब्यूरो में भी सेवाएं दे चुके हैं।
लुइस ने एक दैनिक अखबार से बात करते हुए बताया कि आइसनहोवर और वह एक ही क्लास में पढ़ते थे। गत 25 अगस्त को (आर्टिकल 370 हटने के 20 दिन बाद) उन्होंने आइसनहोवर को कॉल किया और कश्मीर के हालात पर चर्चा करने लगे।

कोच लुइस ने कहा, 'मैंने आइसनहोवर से कहा कि मेरी भी एक खिलाड़ी कश्मीर में है और उससे संपर्क नहीं हो पारहा है। तब उन्होंने कुछ बातें पूछीं और उसका फोटो तथा कुछ जानकारी मांगी। कश्मीर में अपने सूत्रों की मदद से उन्होंने जम्मू कश्मीर पुलिस को श्रीनगर में यह जानकारी दी जिसके बाद भारतीय सेना के पास यह जानकारी पहुंची।'

इशरत के कोच लुइस को उसके पूरे पते के बारे में जानकारी नहीं थी लेकिन आइसनहोवर की कोशिशों की मदद से पता चला कि वह बारामुला के बांगडारा गांव की रहने वाली हैं। तब कुछ जवान काफी मशक्कत के बाद उसके घर पहुंचे और यह पूरा मिशन एक ही दिन में पूरा कर लिया।

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जब जवान ने उनके घर का दरवाजा खटखटाया, इशरत तब अपने पिता अब्दुल राशिद मीर के साथ घर पर थीं। हालांकि राशिद के पिता थोड़ा डर गए कि उनकी बेटी की तस्वीर लेकर छानबीन हो रही है लेकिन पूरा मामला समझने के बाद उन्हें भी काफी खुशी हुई। जवान ने ही बताया कि उनकी बेटी व्हीलचेयर बास्केटबॉल टीम में चयनित हो गई है और उसे चेन्नई जाना है।

इशरत अब एशिया-ओसनिया व्हीलचेयर बास्केटबॉल चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी जो 27 नवंबर से 8 दिसंबर तक थाइलैंड में खेली जानी है। यह टूर्नामेंट टोक्यो ओलिंपिक-2020 के लिए क्वॉलिफायर टूर्नामेंट की तरह है।

Story first published: Friday, September 27, 2019, 13:29 [IST]
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