5 कारण जिसके चलते तय है भारत की टी20 विश्वकप में जीत, वॉर्म-अप मैचों ने बढ़ाई उम्मीद
नई दिल्ली। यूएई में खेले जा रहे टी20 विश्वकप का क्वालिफायर राउंड जल्द ही अपनी समाप्ति की ओर है जिसके बाद शनिवार को सुपर 12 स्टेज के साथ बड़ी टीमों के बीच खिताब की जंग शुरू हो जायेगी। इस दौरान सुपर 12 में पहले ही क्वालिफाई कर चुकी 8 टीमें वार्म अप मैच खेलकर अपनी तैयारियां पूरी कर रही थी। इस फेहरिस्त में भारतीय टीम ने भी दो वार्म अप मैचों में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीम का सामना किया और शानदार प्रदर्शन कर दोनों मैच में जीत हासिल की। भारतीय टीम ने दोनों मैच में आसान जीत हासिल की और कई सारे सकारात्मक पहलुओं के साथ अब पाकिस्तान के खिलाफ अपने कैंपेन का आगाज करने की ओर देख रही है। भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ पहले अभ्यास मैचों में 189 रनों का पीछा करते हुए सिर्फ 3 विकेट खोये और एक ओवर पहले ही मैच को खत्म कर जीत हासिल की। वहीं ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे वार्मअप मैच में न सिर्फ भारतीय बल्लेबाजों का जलवा देखने को मिला बल्कि गेंदबाजों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और 152 रन पर ही समेट दिया।
जवाब में भारत ने सिर्फ एक विकेट खोया और 17.5 ओवर्स में ही मैच को जीत लिया। इस जीत के साथ ही भारतीय टीम ने कई सारी सकरात्मक चीजें की हैं, जिसके बाद विराट सेना का पाकिस्तान के खिलाफ पहला मैच जीतना तय नजर आ रहा है। इतना ही नहीं भारतीय टीम जिस तरह से प्रदर्शन कर रही है, उससे उसका टूर्नामेंट में खिताब जीतना पक्का है। वार्म अप मैचों के बाद आइये उन 5 कारणों पर नजर डालें जो भारत की जीत पक्की करती है-
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एमएसडी (मेंटॉर सिंह धोनी) की टीम में एंट्री
टी20 विश्वकप के लिये भारतीय टीम का चयन करने वाली चयनसमिति ने फैन्स को उस समय अपनी गुगली से हैरान कर दिया जब टी20 विश्वकप के स्क्वॉड में महेंद्र सिंह धोनी की वापसी का ऐलान किया। भारतीय चयनकर्ताओं ने बताया कि विश्वकप में भारतीय टीम की जीत की रणनीति तैयार करने के लिये पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी बतौर मेंटॉर टीम के साथ जुड़ रहे हैं और टीम मैनेजमेंट की प्लानिंग को मजबूत करने पर काम करेंगे। भारत को 3 बार आईसीसी खिताब जिताने वाले महेंद्र सिंह धोनी का जलवा वार्म अप मैचों में भी देखने को मिला, जहां पर टीम के खिलाड़ियों के साथ वन टू वन बात करते नजर आये और खेल को बेहतर बनाने की रणनीति पर काम किया। इसका फायदा पहले मैच में खराब प्रदर्शन करने वाले भुवनेश्वर कुमार और रविचंद्रन अश्विन की गेंदबाजी में नजर आया, जिन्होंने दूसरे मैच में बेहतरीन प्रदर्शन किया और कंगारू टीम को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। आने वाले मैचों में महेंद्र सिंह धोनी का अनुभव और मजबूत प्लानिंग भारत की जीत पक्की करती नजर आयेगी।

बल्लेबाजी में टॉप 3 का टॉप प्रदर्शन
यूएई में खेले गये आईपीएल 2021 के दूसरे लेग से पहले भारतीय टीम के सामने बड़ा सवाल था कि विश्वकप में रोहित शर्मा के साथ कौन सा खिलाड़ी ओपनिंग करता नजर आयेगा। इंंग्लैंड के खिलाफ घर पर खेली गयी सीमित ओवर्स की सीरीज में राहुल के खराब प्रदर्शन और विराट कोहली की दमदार साझेदारी ने यह सवाल खड़ा कर दिया था जिसके बाद ऐसी अटकलें लगायी जा रही थी कि भारतीय टीम विश्वकप में विराट-रोहित के ओपनिंग कॉम्बिनेशन के साथ जा सकती है। हालांकि आईपीएल के दूसरे लेग में केएल राहुल बहुत शानदार प्रदर्शन किया जिसके चलते इंग्लैंड के खिलाफ पहले वॉर्म अप मैच में जब कप्तान विराट कोहली टॉस के लिये तो यह साफ कर दिया कि वो तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करेंगे, जबकि राहुल-रोहित पारी का आगाज करेंगे।
पहले वॉर्म अप मैच में रोहित शर्मा नहीं खेले लेकिन केएल राहुल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक लगाया और दूसरे मैच में भी अच्छी शुरुआत दिलाते हुए 36 रनों की पारी खेली। वहीं पर रोहित शर्मा ने दूसरे वार्म अप मैच में नाबाद 60 रन की पारी खेली और रिटायर होकर लौटे। कप्तान विराट कोहली पहले वॉर्म अप मैच में आउट हो गये थे और दूसरे में बल्लेबाजी नहीं की, लेकिन आईपीएल के दूसरे लेग में 3 अर्धशतक लगाकर अपनी फॉर्म को दिखा दिया है, जिससे भारतीय बल्लेबाजी मजबूत नजर आ रही है।

सूर्यकुमार यादव-ईशान किशन का एक्स फैक्टर
भारत के लिये इस टी20 विश्वकप में कई युवा खिलाड़ी हैं जो अपना पहला टी20 विश्वकप खेल रहे हैं जिसमें ऋषभ पंत, सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन का नाम शामिल है। तीनों ही खिलाड़ी भारतीय टीम के लिये इस विश्वकप में एक्स फैक्टर साबित हो सकते हैं, इसका नजारा हमें वार्म अप मैचों के दौरान भी दिखा। पहले वार्म अप मैच में जहां ईशान किशन ने ताबड़तोड़ अर्धशतकीय पारी खेली और अपनी टीम को जीत दिलायी, तो वहीं सूर्यकुमार ने दूसरे मैच में नाबाद 38 रनों की पारी खेलकर दिखा दिया है कि मध्यक्रम में वो टीम की कमान संभाल सकते हैं। इन दोनों के अलावा ऋषभ पंत भी एक शानदार फॉर्म के साथ यहां पर पहुंचे हैं और उनका एक्स फैक्टर भारतीय टीम को खिताब जिताने में अहम साबित हो सकता है।

स्पिनर्स का शानदार प्रदर्शन
भारत की विश्वकप टीम में इस साल कई सारे स्पिनर्स जुड़े हैं जिसमें रविचंद्रन अश्विन, राहुल चाहर, वरुण चक्रवर्ती और रविंद्र जडेजा का नाम शामिल है। पहले मैच में रविचंद्रन अश्विन किफायती साबित हुए थे लेकिन विकेट नहीं ले सके थे, लेकिन दूसरे मैच में उन्होंने एक ही ओवर में 2 विकेट झटक कर अपने अनुभव का असर दिखाया। वहीं राहुल चाहर विकेट तो निकाल रहे हैं लेकिन रनों के मामले में थोड़े खर्चीले साबित हो रहे हैं। वरुण चक्रवर्ती की मिस्ट्री गेंदबाजी और रविंद्र जडेजा का ऑलराउंड प्रदर्शन टीम की बाकियों के मुकाबले ज्यादा असरदार बनाता है और उन्हें विश्वकप जीतने का सबसे बड़ा दावेदार बताता है। इतना ही नहीं यूएई की पिचों पर स्पिनर्स को फायदा मिलता है और वार्म अप मैचों में भी यह देखने को मिला।

डेथ ओवर्स मे बढ़ी स्पेशलिस्ट गेंदबाजों की संख्या
भारतीय टीम के पास स्पिनर्स के अलावा जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, भुवनेश्वकर कुमार और शार्दुल ठाकुर के रूप में तेज गेंदबाज भी हैं जो कि टी20 प्रारूप में कई बार टीम को जीत दिला चुके हैं। अभी तक भारत के लिये सिर्फ भुवनेश्वर कुमार और जसप्रीत बुमराह ही डेथ ओवर्स स्पेशलिस्ट के तौर पर खेलते थे लेकिन आईपीएल 2021 के दौरान मोहम्मद शमी और शार्दुल ठाकुर ने भी डेथ ओवर्स में गेंदबाजी की है और काफी असरदार साबित हुए हैं। भारत के लिये यह विकल्प होना टीम को डेथ ओवर्स में ज्यादा विकल्प देता है और खिताब जीतने के एक कदम और करीब पहुंचा देता है।
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