खतरे में पड़ी BCCI सचिव जय शाह की कुर्सी, COA का नियम आ रहा आड़े
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के सचिव जय शाह की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। हाल ही में हुई काउंसिल बैठकों में सचिव जय शाह के हिस्सा लेने पर सवाल उठाते हुए CAG की प्रतिनिधि अल्का रेहानी भारद्वाज ने उनके कार्यकाल पर सवाल उठाये हैं। रेहानी भारद्वाज का मानना है कि जय शाह को बीसीसीआई काउंसिल की बैठकों में हिस्सा लेने का हक नहीं है। रेखा भारद्वाज ने बीसीसीआई के संविधान का हवाला देते हुए कहा है कि जय शाह का कार्यकाल खत्म हो चुका है और वह कूलिंग ऑफ पीरियड का हिस्सा बन गये हैं, ऐसे में उन्हें काउंसिल की बैठकों में हिस्सा लेने का अधिकार नहीं है।
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उल्लेखनीय है कि बीसीसीआई ने प्रशासकों की समिति (सीओए) की ओर से बनाये गये इस नियम के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की है। इस नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति राज्य क्रिकेट संघ या बीसीसीआई में लगातार 6 साल किसी भी पद पर बना रहता है, तो उसे 3 साल के अनिवार्य ब्रेक पर जाना होगा। इसे सुप्रीम कोर्ट की ओर से भी मंजूरी मिली हुई है।
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खत्म हो चुका है जय शाह का कार्यकाल
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के अनुसार CAG की प्रतिनिधि अल्का रेहानी ने BCCI के संविधान में कूलिंग-ऑफ क्लॉज की ओर इशारा करते हुए 17 जुलाई को होने वाली बीसीसीआई काउंसिल की बैठक में सचिव जय शाह के हिस्सा लेने पर ऐतराज जताया है। उनका मानना है कि कार्यकाल खत्म होने के चलते जय शाह की जगह संयुक्त सचिव को हिस्सा लेना चाहिये, सचिव का पद फिलहाल खाली है।
बीसीसीआई संविधान के नियम के अनुसार जय शाह के कार्यकाल को न तो अब तक बढ़ाया गया है और न ही नये सचिव पद के लिये चुनाव हुए हैं।

सुप्रीम कोर्ट में है COA के नियम को खत्म करने की अर्जी
वहीं बीसीसीआई ने कूलिंग-ऑफ क्लॉज को रद्द करने के सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, अगर सर्वोच्च अदालत इस संशोधन की अनुमति दे देती है तो सौरव गांगुली अपने अध्यक्ष पद पर और जय शाह सचिव पद पर 2025 तक बने रहेंगे। गौरतलब है कि मौजूदा नियम के अनुसार सौरव गांगुली का कार्यकाल अगले महीने खत्म होने वाला है। इसलिये 17 जुलाई की बैठक में वो हिस्सा ले सकते हैं।
आपको बता दें कि बीसीसीआई ने पिछले साल दिसंबर में हुई एजीएम की बैठक में लोढ़ा समिति की ओर से बोर्ड के संविधान में किये गये सभी सुधारों को खत्म करने का फैसला किया था।

अगले महीने खत्म हो जायेगा गांगुली का कार्यकाल
सौरव गांगुली ने जब बोर्ड के अध्यक्ष पद को पद संभाला था तब उनके 6 साल के कार्यकाल में से केवल 278 दिन बाकी रह गये थे। इससे पहले का समय उन्होंने सीएबी (क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल) अध्यक्ष और संयुक्त सचिव के रूप में बिताया था।
जहां जय शाह ने इस पूरे मामले पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया वहीं बोर्ड के एक अधिकारी ने कहा कि मामला न्यायिक होने के चलते यथा स्थिति को बरकरार रखना चाहिये।
उन्होंने कहा, ‘एजीएम ने संविधान में संशोधन किया, हम इसे लेकर उच्चतम न्यायालय गए हुए है। अदालत ने हमारा आवेदन स्वीकार कर लिया है। बोर्ड यथास्थिति बनाए रखेगा और जय बैठक में भाग लेंगे।'
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