WC से बाहर होने पर दिया टॉस का बहाना तो भड़क उठे हरभजन सिंह, भारतीय बॉलिंग कोच की जमकर लगाई क्लास
नई दिल्ली। यूएई में खेले जा रहे टी20 विश्वकप में भारतीय टीम का सफर सुपर 12 के लीग स्टेज से ही समाप्त हो गया है और 9 साल में पहली बार भारतीय टीम किसी आईसीसी टूर्नामेंट के नॉकआउट स्टेज पर पहुंचने में नाकाम रही है। भारत और नामिबिया के बीच खेले जाने वाले आखिरी लीग स्टेज मैच से पहले भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में मीडिया से बात की और विश्वकप में भारत के खराब प्रदर्शन के पीछे टॉस, बायोबबल की परेशानी और भारतीय टीम के बिजी शेड्यूल को दोषी ठहराया। गेंदबाजी कोच भरत अरुण के बयान पर ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने नाराजगी जताई है और इसे सरासर बकवास करार दिया है।
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भरत अरुण ने मीडिया से बात करते हुए कहा था कि दुबई के मैदान पर खेले गये मैचों में टॉस ने अहम भूमिका निभाई है, जहां पर महज 40 ओवर्स के मैच के अंदर खेली जाने वाली दो पारियों में जमीन आसमान का अंतर देखने को मिलता था। अगर भारतीय टीम को पाकिस्तान या फिर न्यूजीलैंड के खिलाफ टॉस में जीत मिलती तो नतीजा कुछ और हो सकता था।

क्या सीएसके ने टॉस हारकर नहीं जीता खिताब
भरत अरुण के इस बयान पर हरभजन सिंह ने पूरी तरह से असहमति जताई है और कहा कि टी20 विश्वकप के पहले ही स्टेज से बाहर होने के पीछे सिर्फ और सिर्फ भारतीय टीम के खराब प्रदर्शन को कारण माना जा सकता है और कुछ नहीं। हरभजन सिंह ने अपनी बात को साबित करने के लिये चेन्नई सुपर किंग्स का उदाहरण दिया जिसने आईपीएल 2021 के फाइनल में इसी मैदान पर टॉस में हारने के बाद भी खिताब अपने नाम किया था।
स्पोर्टस तक से बात करते हुए हरभजन ने कहा,'मैंने सुना कि भरत अरुण कह रहे थे कि अगर भारत ने टॉस में जीत हासिल की होती तो हमने ऐसा किया होता और वैसा किया होता। यह सब बाद की बात है, अगर आप टॉस जीत गये होते तो बल्लेबाजी के बजाय गेंदबाजी पहले करना चाहते, पर आप मुझे यह बताइये कि क्या चेन्नई सुपर किंग्स की टीम ने इसी मैदान पर टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी कर खिताब नहीं जीता। उन्होंने 190 रन बनाये तो सच यह है कि आपको मैच जीतने के लिये रन बनाने होते हैं। हमें इस बात को मान लेना चाहिये कि हमने उस तरह का प्रदर्शन नहीं किया जिस तरह का करना चाहिये था। हम अपनी उम्मीदों पर खरा नहीं उतरे हैं।'

कमजोर टीमें कहती हैं ऐसी बात
हरभजन सिंह ने आगे बात करते हुए कहा कि अगर टीम के कोच ही बहानेबाजी करना शुरु कर देंगे तो यह एक गलत प्रथा की शुरुआत हो जायेगी। उन्हें बहानेबाजी के बजाय इस बात को स्वीकार करना चाहिये कि भारत का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था, इससे आपको आगे बढ़ने और गलतियों को सुधारने में मदद मिलेगी। अगर आप बहानों के पीछे छुपेंगे तो आप कभी भी खिताब नहीं जीत सकते हैं।
उन्होंने कहा,'इस तरह की चीजें कहना काफी आसान है, कि अगर हम टॉस जीत जाते तो मैच भी जीत जाते पर सच तो यह है कि इस खेल में अगर की कोई जगह नहीं है। यह इस तरह से काम ही नहीं करता है। कई टीमें हैं जिन्होंने टॉस नहीं जीता है लेकिन उन्होंने मैच को जीता है। ऐसी चीजें उन खेमों में कही जाती है जिनकी टीम अभी तक विकसित नहीं है और कमजोर है, लेकिन भारत एक मजबूत टीम है और जिसमें चैम्पियन बनने के हर गुण शामिल है।'

कोच का काम प्रदर्शन सुधारना है, बहानेबाजी करना नहीं
गौरतलब है कि भारतीय टीम के गेंदबाजी कोच ने विराट सेना के खराब प्रदर्शन के पीछे लगातार 6 महीनों से बायोबबल में खेलने और रहने से होने वाली मानसिक परेशानी को भी कारण बताया। भरत अरुण का मानना है कि अगर विराट सेना को टी20 विश्वकप और आईपीएल के बीच छोटा सा ब्रेक मिल गया होता तो गेंदबाजों के लिये पहले दो मैच का प्रदर्शन निराशाजनक नहीं होता।
इस पर जवाब देते हुए हरभजन सिंह ने कहा,'आप एक कोच हैं और एक कोच के रूप में ऐसी बहानेबाजी आपको शोभा नहीं देती है। हमें यह मान लेना चाहिये कि हम अच्छा नहीं खेले हैं, जो कि खेल में किसी भी टीम के साथ हो सकता है। इसमें कुछ भी गलत नहीं है, क्योंकि जब आप गलती मान लेते हैं तो आगे बढ़ते हुए उन्हें सुधार कर वापसी कर सकते हैं। आपको ऐसे बेकार के बयान देने के बजाय खेल को सुधारने पर ध्यान देना चाहिये।'
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