ठीक है कोहली ने गलती कर दी, लेकिन बैटिंग में तो बाकी भी फेल हुए- पूर्व भारतीय बल्लेबाज
नई दिल्लीः रुपहले पर्दे पर अक्सर सुपरहीरो के दो रूप दिखाए जाते हैं। एक उनकी पोशाक में जिनमें वो हर तरह की पॉवर की लैस होते हैं और दूसरा उनका साधारण आम इंसान जैसा रूप जिसमें वो हमारे जैसे ही नजर आते हैं। जैसे ही सुपरहीरो आम नजर आते हैं हमको फिर से उनके एक्शन में आने का वेट रहता है। जब वे एक्शन में आते हैं हम तालियां बजाते हैं, खुद को कई बार उनमें देखने लगते हैं और एक अलग ही दुनिया में पहुंच जाते हैं। भारतीय क्रिकेट में कुछ खिलाड़ियों की छवि भी ऐसी ही है जो आम इंसान होने के बावजूद जब मैदान पर उतरते हैं तो हम उनसे सुपरहीरो वाली गाथा दोहराने की उम्मीद हर बार करते हैं।
पर जब यह नहीं हो पाता तो हमको दिक्कत होती है। फिलहाल भारतीय फैंस को यह दिक्कत विराट कोहली दे रहे हैं क्योंकि उनके बल्ले से शतक नहीं निकल रहे हैं। उन्होंने जैसे खेल की आदत अपने फैंस को डाल दी है वैसा खेल नहीं दिखा पा रहे हैं।

कोहली के शतकों का सूखा-
कोहली का इंटरनेशनल क्रिकेट में 18 महीनों से शतकों का सूखा जारी है। वो बल्लेबाज जो बच्चों के खेल की तरह शतक लगाया करता है, अब उनके लिए किसी नौसिखिए खिलाड़ी की भांति तरस रहा है। अब उनके पास वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में यह बड़ी पारी खेलने का मौका आया लेकिन हर बार की तरह उन्होंने इस बार भी इसको जाया कर दिया।
उन्होंने लंबे कद के बॉलर काइल जैमिसन के सामने हाथ खड़े कर दिए और दोनों ही पारियों में इस तेज गेंदबाज की गेंद पर आउट होने से पहले 44 व 15 रनों की पारियां क्रमशः पहली व दूसरी पारी में खेली।
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फेल होंगे तो आलोचना होगी ही लेकिन इस बार वे अकेले फ्लॉप नहीं थे-
कोहली की विफलता की बहुत आलोचना हुई, लेकिन भारत के पूर्व बल्लेबाज अरुण लाल ने उनका बचाव करते हुए कहा कि अकेले भारतीय कप्तान को दोष देना अनुचित है क्योंकि सभी भारतीय बल्लेबाजों को इंग्लैंड में ड्यूक गेंद का सामना करना मुश्किल लगता है। भारत का कोई भी बल्लेबाज किसी भी पारी में पचास के पार नहीं जा सका, जिसमें अजिंक्य रहाणे का 49 रन टीम का मैच का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था। लाल ने कहा कि हालांकि तर्क हो सकते हैं कि कोहली ने पहली पारी में आउट होने के लिए जो स्ट्रोक खेला, वह उतावला था, लेकिन किसी को कोई आपत्ति नहीं होती अगर वह बच जाते।
लाल ने टेलीग्राफ को बताया, "हम वास्तव में यह नहीं कह सकते कि यह एक खराब शॉट था। आपका पैर गेंद से दो फीट दूर है और आप अभी भी इसे एक चौके के लिए हिट करते हैं, तो हर कोई कहता है कि यह एक उत्तम दर्जे का शॉट है। लेकिन अगर आप इसी गेंद को खेलने में चूक करते हैं और बैट से ऐज निकल जात है तो लोग कहेंगे, 'कोई फुटवर्क नहीं, शरीर से दूर खेल रहा है। बुरा शॉट'। इस तरह से आपको इससे निपटना नहीं चाहिए। इसके अलावा, हमारे सभी बल्लेबाज ड्यूक गेंद के खिलाफ कमजोर दिख रहे थे। अकेले विराट को दोष क्यों दें? "

कोहली ने गलती की, पर वो तो हो जाती है- लाल
भारत के लिए 16 टेस्ट और 13 एकदिवसीय मैच खेलने वाले लाल ने कोहली को पहली पारी में अच्छा खेलने का श्रेय दिया, ऐसे समय में जब उनके पास टेस्ट मैच में लगभग कोई मैच अभ्यास नहीं था, और इसके अलावा, यह जैमीसन की शानदार गेंदबाजी थी जिसके कारण कोहली आउट हुए।
लाल ने कहा, "विराट ने गलती की, और ऐसा होता है। उस पर इतना दबाव है, जबकि गेंद भी ऐसी परिस्थितियों में बहुत मूव कर रही थी। इससे पहले, वह अंदर आने वाली गेंद के लिए कवर कर रहे थे क्योंकि वह पिछली बार एलबीडब्ल्यू थे। अब , यदि आप बदकिस्मत हैं, तो आपका ऐज निकल जाएगा। इसके अलावा, (काइल) जैमीसन (दूसरी पारी में) द्वारा यह बहुत अच्छा स्पैल था।"
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