
ऐसा रहा है प्रदर्शनः
बता दें कि अपनी प्रतिभा और लुक के कारण पूरी दुनिया में अपना जलवा बिखेर रहे नीरज चोपड़ा हरियाणा के पानीपत के रहने वाले हैं, और उन्होंने 2016 में 86 . 48 मीटर के प्रयास के साथ भारत के पहले जूनियर विश्व चैंपियन एथलीट बनने का गौरव भी प्राप्त किया था। यही नहीं उन्होंने राष्ट्रमंडल और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीता और प्रतिष्ठित डाइमंड लीग फाइनल में चौथे स्थान पर रहे। दुनिया के मौजूदा शीर्ष स्टार खिलाड़ियों में वह एकमात्र खिलाड़ी हैं जो 20 साल से कम उम्र में 85 मीटर की दूरी को तय करने में सफल रहे। मौजूदा सक्रिय भाला फेंक खिलाड़ियों में छह खिलाड़ी 90 मीटर की दूरी पार कर चुके हैं जिसमें जर्मनी के तीन खिलाड़ी भी शामिल हैं जो लगातार इस दूरी को हासिल कर रहे हैं।
ऐसे पूरी करेंगे चुनौतीः
जब उनसे पूछा गया कि आखिर वो इस चुनौती से कैसे पार पाएंगे तो उन्होंने कहा कि अगर आप मेरे पिछले 2 साल के प्रदर्शन को देखें तो मैने 2 मीटर का बेहतर प्रदर्शन किया है। ये आपको कम लग सकता है लेकिन ये कम नहीं है वहीं मैने 88 का आंकड़ा भी छू लिया है। वहीं मेरे पास मौका था कि मैं जकार्ता में भी 90 मीटर की दूरी का भाला फेंक सकता था लेकिन वहां ऐसा नहीं हुआ लेकिन मैं अपनी तकनीक में थोड़ा बदलाव करके .ह आंकड़ा हासिल कर सकता हूं।

सरकार से भी की ये खास अपीलः
अपनी तकनीक में सुधार और लगातार प्रयासों के बाद नीरज ने सरकार से भी अपील की कि वो जैवलिन थ्रोअर के लिए एक अच्छा मैदान मुहैया कराएं जहां ये खिलाड़ी अभ्यास कर सकें। उन्होंने कहा कि हमारे देश के अंदर प्रतिभा की कोई कमी नहीं है बस हमें आधारभूत सुविधाएं मिलें तो हम सबसे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। गौरतलब हो कि इस युवा खिलाड़ी ने अपने प्रदर्शन से सभी को अपना दीवाना बना लिया है।


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