
हाथ आया मेडल गंवाया
गौरतलब हो कि इस 10 हजार मीटर में भारत के गोविंदन लक्ष्मणन पर सबकी निगाहें थी। लक्ष्मण ने 29.44.91 का समय लेकर ब्रॉन्ज जीता और सबको जश्न मनाने का मौका भी दे दिया, लेकिन एक जश्न कुछ ही पल के लिए था। लक्ष्मणन को डिस्क्वालिफाई कर दिया गया दरअसल रेस के दौरान उनका पैर लेन से बाहर हो गया था और इसके साथ ही भारत से मेडल भी छिन गया, लेकिन यह पहली बार नहीं था जब मेडल की खुशी भारत को सिर्फ चंद लम्हों के लिए ही नसीब हुई हो।

1986 में भी हुआ था ऐसा
1986 सियोल एशियन गेम्स में भारतीय खिलाड़ी के साथ कुछ ऐसा ही हुआ था और वहां भारत ने गोल्ड गंवा दिया था। उस एशियाड में जब शाइनी अब्राहम ट्रेक पर उतरी थी तो हर भारतीय को उनसे गोल्ड की ही उम्मीद थी और उन्होंने ऐसा किया भी, लेकिन रेस पूरी होने के बाद जैसे ही उन्हें डिस्क्वालिफाई किया गया, पूरे देश को एक झटका लगा। दरअसल उन्होंने रेस के दौरान काफी जल्दी ही अपनी लेन बदल दी थी।
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एथलीटों का शानदार रहा है सफर
बता दें कि इस समय इंडोनेशिया में चल रहा एशियन गेम्स भारतीय एथलीटों के लिहाज से बेहद शानदार रहा है, वहीं हिमा दास, दुती चंद और अनस ने भारत को रजत पदक भी जिताया है। मैडल की संख्या पर नजर डालें तो भारत ने अब तक 37 पदक जीत लिए हैं और अंक तालिका में वो 9वें पायदान पर है। ऐसे में 2 सितंबर तक चलने वाले इस मुकाबले में भारत के खिलाड़ियों से और शानदार प्रदर्शन की उम्मीद है।


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