जानें क्यों CVC कैपिटल से छिन सकती है IPL में अहमदाबाद की टीम, ललित मोदी ने BCCI पर साधा निशाना
नई दिल्ली। दुनिया की सबसे मशहूर टी20 लीग आईपीएल के 15वें सीजन में 8 के बजाय 10 टीमें हिस्सा लेने वाली हैं, जिसके लिये बीसीसीआई ने हाल ही में (25 अक्टूबर) 2 नई टीमों की नीलामी की थी। इस नीलामी के दौरान जहां सीवीसी कैपिटल ने अहमदाबाद की टीम का मालिकाना हक जीता था तो वहीं पर राजीव गोयन्का ने लखनऊ की टीम का मालिकाना हक हासिल किया था। राजीव गोयन्का की आरपीसीजी ग्रुप ने 7090 करोड़ में लखनऊ की टीम को खरीदा है तो वहीं पर सीवीसी कैपिटल ने 5625 करोड़ की बोली लगाकर अहमदाबाद की टीम का मालिकाना हक अपने नाम किया।
और पढ़ें: नीरज चोपड़ा समेत 11 खिलाड़ियों का नाम खेल रत्न के लिये नॉमिनेट, अर्जुन अवॉर्ड के लिये शिखर धवन
हालांकि बोली लगने के महज एक दिन बाद ही सीवीसी कैपिटल को लेकर कुछ ऐसे खुलासे हुए हैं जिसके चलते बीसीसीआई उसकी बोली को रद्द कर सकता है। अगर बीसीसीआई सीवीसी कैपिटल की बोली को रद्द करता है तो अहमदाबाद की टीम अडानी ग्रुप के नाम हो जायेगी जिसने नीलामी के दौरान 5100 करोड़ की बोली लगाई और सीवीसी कैपिटल के मुकाबले 525 करोड़ पीछे रह गई थी।
और पढ़ें: दबाव सोखना जानती है विराट सेना, T20 WC में भारत की वापसी पर बोले युसुफ पठान

गैम्बलिंग कंपनी में निवेश करती है सीवीसी कैपिटल
दरअसल ताजा रिपोर्ट के अनुसार सवीसी कैपिटल जिसने अहमदाबाद की टीम का मालिकाना हक नीलामी के दौरान जीता था उसने कई सारे इन्वेसमेंट बेटिंग कंपनियों में किये हैं। इस मुद्दे को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को भी जानकारी दी गई है। ऐसे में अगर बीसीसीआई जानकारी मिलने के बाद भी अहमदाबाद की टीम को सीवीसी कैपिटल के पास रहने देती है तो यह उसकी साख पर बड़ा दाग लगा सकती है।
रिपोर्ट के अनुसार सीवीसी कैपिटल एक प्राइवेट इक्विटी और इन्वेसमेंट एडवाइजरी फर्म है, जिसने काफी सारी कंपनियों में निवेश किया है। इसमें उन्होंने काफी निवेश बेटिंग कंपनियों में किया है। उन्होंने जर्मन की गैम्बलिंग कम्पनी टीपिको में भारी निवेश किया है। सीवीसी कैपिटल पहले फ्रैंचाइजी मालिक होने वाले हैं जिनका पूरा निवेश विदेशी है।

ललित मोदी ने बीसीसीआई पर साधा निशाना
इस मुद्दे को लेकर जहां सोशल मीडिया पर लोग सवाल पूछ रहे हैं तो वहीं पर आईपीएल का कॉन्सेप्ट लेकर आने वाले ललित मोदी ने बीसीसीआई को ताना मारा है। वित्तिय घोटाले के आरोप लगने के बाद देश से फरार चल रहे ललित मोदी लंबे समय से बीसीसीआई पर निशाना साधते नजर आये हैं और इस मुद्दे के सामने आने के बाद उन्होंने बिल्कुल वक्त नहीं गंवाया।
अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ललित मोदी ने लिखा,'मुझे लगता है कि अब बेटिंग कंपनियां आईपीएल की टीम खरीद सकती हैं। यह जरूर नियम होगा, जिसके तहत जो आईपीएल की टीम खरीदना चाहता है वो बेटिंग कंपनी का मालिक भी हो सकता है। अब आगे क्या होने वाला है- क्या बीसीसीआई ने अपना होमवर्क नहीं किया था। ऐसे मामले में एंटी करप्शन क्या करेगी।'

अडानी ग्रुप को मिल सकती है अहमदाबाद की टीम
गौरतलब है कि अगर बीसीसीआई अब सीवीसी कैपिटल की नीलामी को रिजेक्ट करती है तो यह टीम अडानी ग्रुप के पास चली जायेगी। बीसीसीआई गैम्बलिंग निवेश के चलते किसी तरह की कॉन्ट्रोवर्सी में नहीं फंसना चाहेगी, जैसा कि 2013 के स्पॉट फिक्सिंग स्कैंडल के दौरान हुआ था। इस घटना के चलते चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स पर आईपीएल में साल 2016 और 2017 के दौरान 2 साल का बैन लग गया था। आपको बता दें कि यहां पर यह सवाल भी खड़ा होता है कि नीलामी के दौरान बीसीसीआई को इस बारे में यह जानकारी क्यों नहीं दी गई थी।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
