IPL में विदेशी खिलाड़ियों से जुड़े बड़े नियम को बदलना चाहते हैं आकाश चोपड़ा, जानें क्या है वजह
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग का 14वां सीजन अपने अंतिम पड़ाव की ओर पहुंच चुका है और प्लेऑफ से पहले कुछ ही मैच बाकी रह गये हैं। मौजूदा समय में दिल्ली कैपिटल्स और चेन्नई सुपर किंग्स की टीम अंकतालिका में टॉप 2 पर बनी हुई है जबकि आरसीबी की टीम ने भी प्लेऑफ में क्वालिफाई कर लिया है और टॉप 2 में जगह बनाने की ओर देख रही है। इस लड़ी में फैन्स को अभी भी चौथी टीम का इंतजार है जिसके लिये 3 टीमों के बीच जंग देखने को मिल रही है।
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इस दौरान बीसीसीआई आईपीएल के 15वें सीजन की भी तैयारी कर रहा है, जिसमें 8 के बजाय 10 टीमें खेलती नजर आयेंगी और इन दो नयी टीमों का ऐलान जल्द ही किया जायेगा। ऐसा माना जा रहा है कि बीसीसीआई अगले सीजन के लिये अपने नियमों में भी कुछ बदलाव कर सकती है जिस पर बात करते हुए पूर्व सलामी बल्लेबाज और कॉमेंटेटेर आकाश चोपड़ा ने सुझाव दिया है और विदेशी खिलाड़ियों से जुड़े एक नियम में बदलाव करने की मांग की है।
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कम से कम 5 विदेशी खिलाड़ियों को मिलना चाहिये मौका
आकाश चोपड़ा का मानना है कि बीसीसीआई को आगामी सीजन के लिये अपनी प्लेइंग 11 में कम से कम 5 विदेशी खिलाड़ियों को खिलाने के नियम पर गौर करना चाहिये। उल्लेखनीय है कि मौजूदा समय में फ्रैंचाइजी सिर्फ 4 ही खिलाड़ियों को प्लेइंग 11 में जगह दे सकती है। चोपड़ा का मानना है कि ऐसा करना इस वजह से जरूरी है ताकि टूर्नामेंट की क्वालिटी बरकरार रहे और वो दुनिया की नंबर 1 लीग बनी रहे। अगर बीसीसीआई ने इस नियम में बदलाव नहीं किया तो हमें बार-बार एक-दो टीमें ही टॉप में नजर आयेंगी और खिताब अपने नाम करती जायेगी।
बदलाव नहीं करने पर बीसीसीआई को होगी परेशानी
आकाश चोपड़ा ने अपनी बात को रखते हुए कहा कि अभी तक खेले गये 14 सीजन पर आप नजर दौड़ायेंगे तो ज्यादातर समय में सिर्फ 4 ही टीमों का दबदबा देखने को मिला है, जबकि बाकी की टीमें संघर्ष करती नजर आयी है। ऐसे में जब बीसीसीआई अगले सीजन से 2 नई टीमें जोड़ने वाली है तो उसे नियम में बदलाव करने की जरूरत है।
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए उन्होंने कहा,'यह परेशानी बनने जा रहा है, क्योंकि अगर टीमों की बात की जाये जो पेपर पर मजबूत नजर आती हैं तो उसमें चेन्नई, मुंबई, दिल्ली और आरसीबी का नाम नजर आयेगा जो कि हमेशा टॉप पर काबिज नजर आती है, वहीं पर बाकी की टीमें संघर्ष करती नजर आती हैं। समस्या यहां पर खिलाड़ियों को प्लेइंग 11 में शामिल करने की है। अगर 4 विदेशी और 7 भारतीय खिलाड़ियों के कॉम्बिनेशन से काम नहीं चल रहा तो उन्होंने स्टैंडर्ड बढ़ाने पर काम करना चाहिये। क्या होगा जब 10 टीमें खेलेंगी और इसमें बदलाव नहीं होगा।'
5 खिलाड़ी शामिल करने से टीमों को होगा फायदा
चोपड़ा ने यह बयान देते हुए कहा कि बीसीसीआई को प्लेइंग 11 में 5 विदेशी खिलाड़ियों को जगह देने पर ध्यान देना चाहिये और यह फ्रैंचाइजी पर छोड़ देना चाहिये कि वो इस कॉम्बिनेश को इस्तेमाल करेंगे या नहीं। 5 विदेशी खिलाड़ियों को प्लेइंग 11 में खिलाने का मतलब है कि टीमों के पास 10-11 विदेशी खिलाड़ी डग आउट में नजर आयेंगे।
उन्होंने कहा,'मेरा सच में यह मानना है कि बीसीसीआई को 5 विदेशी खिलाड़ियों के नियम का कानून बनाना चाहिये। इससे टीम के पास विदेशी खिलाड़ियों की अच्छी खासी बेंच स्ट्रेंथ है। फ्रैंचाइजियां जिन 5 खिलाड़ियों को शामिल करना है वो खिलाा सकती है और कम के साथ जाना चाहती है तो जा सकती है।'
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