IPL 2020 से पहले मांकड़िंग को लेकर छिड़ी बहस, अश्विन ने दिया फ्री-बॉल का सुझाव
नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) का 13वां सीजन यूएई में खेला जाना है, हालांकि इस लीग के शुरु होने से पहले क्रिकेट में मांकड़िंग के नियम पर एक बार फिर से बहस शुरु हो गई है। क्रिकेट के इस नियम को लेकर जहां लोग सही-गलत और खेल-भावना से जोड़कर अपनी राय दे रहे हैं तो वहीं पर इसको लेकर भारतीय टीम के ऑफ स्पिन गेंदबाज आर अश्विन ने बेहद मजेदार सुझाव दिया है जो अगर लागू किया जाता है तो यह खेल गेंदबाजों के लिये भी काफी शानदार हो जायेगा। मांकड़िंग को लेकर पैदा हुआ यह विवाद ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान और लीग में दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच रिकी पॉन्टिंग के उस बयान के बाद शुरु हुआ जब उन्होंने इस साल अपनी टीम से जुड़े अश्विन से मांकड़िंग न करने को लेकर सख्ती से बात करने की बात की।
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इसके साथ ही इस विवाद ने एक बार फिर से जन्म ले लिया। जहां कुछ खिलाड़ियों ने इसे सही ठहराया तो कुछ ने इसे गलत, वहीं रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने मांकड़िंग पर अपना रुख कायम रखते हुए इसका विकल्प सुझाया है।
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अश्विन ने सुझाया मांकड़िंग का विकल्प
उल्लेखनीय है कि पिछले साल आईपीएल के दौरान जब अश्विन ने जोस बटलर को मांकड़िंग करके रन आउट किया था तो उनकी खेल भावना को लेकर सवाल खड़े किये गये थे, जबकि अश्विन ने क्रिकेट के नियम के मुताबिक ही बटलर को आउट किया था। इस बारे में बात करते हुए अश्विन ने मांकड़िंग का विकल्प दिया है और कहा कि अगर नॉन स्ट्राइकर छोर पर खड़ा बल्लेबाज गेंद फेंके जाने से पहले क्रीज से बाहर निकलता है तो अंपायर गेंदबाज के पक्ष में फ्री बॉल दे सकते हैं।
अश्विन ने एक ट्वीट करते हुए लिखा, ‘गेंदबाज को फ्री बॉल दे दीजिए। अगर बल्लेबाज उस गेंद पर आउट होता है तो बल्लेबाजी टीम को 5 रनों का नुकसान होना चाहिए। फ्री हिट बल्लेबाज के लिए फायदेमंद होती है, अब गेंदबाज को भी मौका दीजिए। अभी तक हर कोई मैच इस उम्मीद से देखता है कि गेंदबाजों की धुनाई होगी।'

रमन ने कहा- क्रीज में रहना है तो वहीं रहो बाहर मत निकलो
अश्विन के ट्वीट के बाद भारत के पूर्व क्रिकेटर डब्ल्यूवी रमन, रोहन गावस्कर और कमेंटेटर हर्षा भोगले ने इस मुद्दे पर अपनी राय दी। रमन ने हॉलीवुड फिल्म ‘द गुड, द बैड एंड द अग्ली' के डायलॉग से इसे जोड़ते हुए कहा, ‘एली वैलाच का प्रसिद्ध वाक्य, ‘जब तुम्हें गोली मारना है, गोली मारो, बात मत करो' की तरह ही ‘जब आपको क्रीज में रहना है तो वही रहो, बाहर मत निकलो।'

क्या नियमों को जानते क्रीज से बाहर निकलना खेल भावना है
सुनील गावस्कर ‘मांकड़िंग' शब्द के इतेमाल के विरोधी हैं और उनके बेटे रोहन गावस्कर ने कहा कि खेल भावना एक अस्पष्ट शब्द है।
जूनियर गावस्कर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि ‘खेल भावना' एक अस्पष्ट शब्द है। क्या यह खेल भावना के तहत नहीं आता कि आउट होने के बारे में पता होने के बाद भी कोई बाहर निकले।'

हर्षा भोगले ने दी नियम को आसान बनाने की राय
हर्षा भोगले चाहते हैं कि इसके नियम को सरल बनाया जाए जहां यह स्पष्ट रूप से कहा जाए कि बल्लेबाजों को क्रीज के अंदर रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि नियम सरल होना चाहिए. जब तक गेंदबाज के हाथ से गेंद नहीं निकलती है तब तक दूसरे छोर के बल्लेबाज को क्रीज के अंदर रहना चाहिए।'

जानें क्या बोले थे रिकी पॉन्टिंग
अश्विन ने पिछली बार इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में किंग्स इलेवन पंजाब (Kings XI Punjab) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के मैच में जोस बटलर को इस तरह से आउट किया था, जिसके बाद ‘खेल भावना' को लेकर सवाल उठने लगे थे। अश्विन के हालांकि जो किया था वह नियमों के मुताबिक था, लेकिन उनकी नई आईपीएल टीम दिल्ली कैपिटल्स (DC) के कोच रिकी पोंटिंग ने हाल में कहा था कि वह अश्विन से बात करेंगे और उन्हें बल्लेबाज को इस तरह से रन आउट नहीं करने के लिए कहेंगे।
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