IPL की सबसे बड़ी खूबसूरती क्या है, श्रीलंका के लीजेंड मुथैया मुरलीधरन ने दिया जवाब
नई दिल्लीः इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) का 14वां संस्करण 19 सितंबर से यूएई में फिर से शुरू होगा। यह लीग कोविड के चलते पिछले दो सीजनों से जूझती रही है और लगातार दूसरी बार संयुक्त अरब अमीरात में कराई जा रही है। हालांकि इस बार का सीजन कोविड के चलते स्थगित होने से पहले भारत में शुरू हुआ था। सभी टीमों को फिर से लय बनानी होगी और अब तक टेबल टॉप टीमों के पास जो मोमेंटम था वह भी खत्म हो चुका है। श्रीलंका के महान खिलाड़ी मुथैया मुरलीधरन ने भी टूर्नामेंट के बारे में बताया कि आईपीएल में क्या है जो इसको खास बनाता है।
पूर्व लंका के ऑफ स्पिनर शुरुआती कुछ वर्षों के लिए आईपीएल का हिस्सा थे और चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (आरसीबी) जैसी टीमों के साथ खेले थे। बाद में उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के लिए कोच की भूमिका निभाई और पिछले कुछ वर्षों से इस भूमिका में नजर आ रहे हैं।

मुरलीधरन के लिए रोमांचक अनुभव रहा आईपीएल-
टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक विकेट लेने के रिकॉर्डधारी मुरलीधरन ने ईएसपीएन क्रिकइन्फो से बात करते हुए सीएसके के बारे में बात की, कैसे वे 2008 में आईपीएल की नीलामी में आए, और कैसे आईपीएल युवाओं को सर्वश्रेष्ठ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी क्षमता दिखाने का अवसर देता है।
लेकिन कई बार अच्छा प्रदर्शन करके भी कुछ खिलाड़ी टीम संयोजन और प्लेइंग कंडिशन के कारण अंतिम इलेवन में जगह नहीं बना पाए।
मुरली ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि कैसे उन्होंने टी 20 प्रारूप के नएपन के कारण खिलाड़ियों को सलाह देने की जिम्मेदारी जोड़ी थी।
IPL 2021: अपनी बॉलिंग फॉर्म से युजवेंद्र चहल हुए खुश, कहा- पुराना यूजी लौट आया है

आईपीएल में आपके प्लेइंग 11 में होने की गारंटी नहीं-
मुरली ने कहा, "अतिरिक्त जिम्मेदारी थी। मैं उस समय वनडे और टेस्ट क्रिकेट में नंबर एक गेंदबाज था। लेकिन टी20 अचानक शुरू हो गया और मैं इससे पहले लंकाशायर में खेल चुका हूं। मैंने 2005 में वहां वास्तव में अच्छा प्रदर्शन किया था। लेकिन खुद को साबित करने के लिए दबाव था और मुझे लगता है कि मेरा नाम दूसरे प्रारूप में गेंदबाजी के लिहाज से बड़ा था। क्या मैं इस प्रारूप में भी वैसा कर सकता हूं, यह भी एक प्रश्न चिह्न था। मेरे लिए यह प्रदर्शन करने और टीम में बने रहने के लिए एक अतिरिक्त दबाव था। "
श्रीलंका के पूर्व स्पिनर ने यह भी बताया कि एक समय में सिर्फ चार विदेशी खिलाड़ियों के खेलने के कारण हमेशा टीम में रहना कितना चुनौतीपूर्ण था।
"मेरे लिए, यह एक चुनौती थी क्योंकि केवल चार खिलाड़ी ही टीम में आ सकते थे और इसलिए मेरे दिमाग में ये सब फैक्टर थे। लेकिन मैंने उस दबाव को बहुत अच्छी तरह से लिया और वास्तव में अच्छा किया। इसलिए मुझे पहले की तरह ड्रॉप नहीं किया जाता था। मैं एक बार बाहर हो गया क्योंकि टीम ऑलराउंडर को लेना चाहती थी। मैं इस सब से नाराज नहीं था क्योंकि वे टीम संयोजन के बारे में सोच रहे थे।

मुरलीधरन ने बताई आईपीएल की खूबसूरती-
मुरली ने कहा कि ऐसे मौके भी आए जब वे अंदर-बाहर होते रहे लेकिन उनके मुताबिक उनको वास्तव में कभी बुरा नहीं लगा और यह सिर्फ टीम के लिए था।
मुरली इस पर कहते हैं, "मुझे इसकी उम्मीद थी और यही आईपीएल की खूबसूरती है। अपने देश में आप जानते हैं कि आप निश्चित रूप से खेलेंगे। लेकिन आईपीएल में आप भले ही कितने भी अच्छे क्यों न हों, आपको बेंच पर बैठना पड़ता है।"
आईपीएल में ऐसा डेल स्टेन के साथ भी हो चुका है जिनको शुरुआत में भरपूर मौके मिले लेकिन बाद में बेंच पर ही बैठना पड़ा। स्टेन इससे तंग आ गए थे और उन्होंने कहा था कि वे आईपीएल में भाग लेना चाहते हैं लेकिन बेंच पर बैठना नहीं चाहते।
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
