सिडनी। सिडनी टेस्ट का कुछ भी नतीजा निकले लेकिन यह टेस्ट मैच काफी लोगों के लिए यादगार रहेगा। जहां विराट कोहली इस मैच में बतौर कप्तान खेल रहे हैं वहीं दूसरी ओर आज अपने करियर का दूसरा टेस्ट खेल रहे लोकेश राहुल ने करियर का पहला टेस्ट शतक जड़ दिया है और टीम इंडिया को मुश्किलों से उबारने की कोशिश की है। आपको बता दें कि आज सिडनी मैच का तीसरा दिन है जहां लोकेश राहुल ने अपने करियर की बेहद शानदार पारी खेली है।
उन्होंने कप्तान विराट कोहली के साथ मिलकर टीम को मुश्किलों से उबारा है जिसके बदौलत टीम इंडिया ने चौथे टेस्ट मैच के तीसरे दिन गुरुवार को चाय काल तक अपनी पहली पारी में दो विकेट पर 234 रन बना लिए। हालांकि वो अब भी आस्ट्रेलिया से 338 रन पीछे है।
सिडनी टेस्ट में लोकेश राहुल की खूबसूरत पारी, जड़ा करियर का पहला शतक
गौरतलब है कि 22 साल के दाएं हाथ के केएल यानी कन्नौर लोकेश राहुल ने 2010 में अंडर-19 वर्ल्ड कप में खेला था और इसी साल राहुल ने प्रथम श्रेणी का क्रिकेट मैच खेला था। रणजी ट्रॉफ़ी में लगातार अच्छे प्रदर्शन से उन्होंने सेलेक्टर्स को अपना मुरीद बनाया था। मैंगलोर निवासी राहुल साल 2013-14 में रणजी में वे दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे हैं। राहुल ने 50 के भी ज्यादा की औसत से 1,158 रन बनाए थे।
मेलबर्न में फेल, सिडनी में चमके राहुल
सिडनी में आज जिस तरह से लोकेश राहुल ने अपने खेल का परिचय दिया है उससे साबित हो गया कि सेलेक्टर्स ने उन्हें चुनकर कोई गलती नहीं की है। गौरतलब है कि भारत ने सिडनी में दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक एक विकेट पर 71 रन बनाए थे। भारतीय पारी की तीसरी गेंद पर ही मुरली विजय (0) आउट हुए थे, लेकिन उसके बाद रोहित शर्मा (53) और राहुल ने 71 रनों की साझेदारी निभाकर टीम को मजबूती की ओर अग्रसर किया था। रोहित 40 और राहुल 31 रनों पर नाबाद लौटे थे।
आज रोहित का विकेट 97 के कुल योग पर गिरा। रोहित ने 133 गेंदों का सामना कर पांच चौके और दो छक्के लगाए। रोहित और राहुल के बीच दूसरे विकेट के लिए 97 रनों की साझेदारी हुई। उसके बाद राहुल और कप्तान कोहली के बीच काफी अच्छा ताल-मेल देखा गया है। अपने करियर का 11वां अर्धशतक लगाने वाले कोहली ने 121 गेंदों का सामना कर 11 चौके लगाए हैं जबकि पहला शतक लगाने वाले राहुल ने 256 गेंदों पर 12 बार गेंद को सीमा रेखा के बाहर भेजा है। उन्होंने एक छक्का भी लगाया है।