सलमान बट ने भारत-पाकिस्तान के गेंदबाजों में बताया अंतर, कहा- पीसीबी को बस एक ही चीज से है मतलब
नई दिल्ली। पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और सलामी बल्लेबाज सलमान बट ने टीम के तेज गेंदबाजों के भविष्य को लेकर चिंता जताई है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान का मानना है कि मौजूदा टीम में जितने भी तेज गेंदबाज हैं वो काफी युवा हैं और उनके पास घरेलू स्तर पर क्रिकेट खेलने का ज्यादा अनुभव नहीं है, ऐसे में अगर उन्हें अपनी स्किल को बढ़ाना है तो घरेलू स्तर पर ज्यादा मैच खेलने होंगे। सलमान बट ने अपनी बात रखते हुए टेस्ट क्रिकेट की मुश्किलों का भी जिक्र किया और कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अगर आपको दुनिया की बेस्ट टेस्ट टीमों के खिलाफ खेलना है तो आपके गेंदबाजों के पास ज्यादा से ज्यादा फर्स्ट क्लास क्रिकेट का अनुभव होना चाहिये, हालांकि पाकिस्तानी गेंदबाजों की बात करें तो वह इस मामले में बिल्कुल नये नजर आते हैं।
सलमान बट ने इस मौके पर भारत और पाकिस्तान के बीच तुलना करते हुए कहा कि पाकिस्तानी गेंदबाजों को भारतीय खिलाड़ियों की श्रेणी में रखे जाने के लिये एक लंबा सफर तय करना है। इस दौरान उन्होंने उन सभी कमियों का जिक्र किया जिससे पाकिस्तानी टीम के तेज गेंदबाज जूझ रहे हैं।
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सिर्फ स्पीड के पीछे भागते हैं पाकिस्तानी गेंदबाज
सलमान बट का मानना है कि भारत और पाकिस्तान के गेंदबाजों में सबसे बड़ा अंतर फर्स्ट क्लास क्रिकेट का अनुभव है, जहां पर पाकिस्तानी गेंदबाज सिर्फ स्पीड के पीछे भागते नजर आते हैं तो वहीं पर भारतीय गेंदबाजों के पास घरेलू स्तर पर क्रिकेट खेलने का अच्छा खासा अनुभव मौजूद है। ऐसे में अगर सफल गेंदबाज बनना चाहते हैं तो सिर्फ गति हासिल करने से काम नहीं चलेगा।
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए उन्होंने कहा,'भारतीय टीम में सिराज अकेले के पास 40 फर्स्ट क्लास मैचों का अनुभव है। इंशात शर्मा के पास भी 100 से ज्यादा फर्स्ट क्लास मैच खेलने का अनुभव है। जसप्रीत बुमराह ने अपनी गेंदबाजी में सुधार का श्रेय रणजी ट्रॉफी को दिया है। वह भारतीय टीम में इस वजह से नहीं सेलेक्ट किये गये क्योंकि उन्होंने 2 गेंद 145 किमी प्रति घंटे से ज्यादा की रफ्तार से फेंकी। पाकिस्तान की समस्या ही यही है कि वह अपनी गेंदबाजी में सिर्फ 140 किमी प्रति घंटे की रफ्तार ही ढूंढता रहता है।'

अब 140 की गति से डरते नहीं है बल्लेबाज
उल्लेखनीय है कि क्रिकेट में घरेलू स्तर पर खेलने और कड़ी परिस्थितियों में प्रदर्शन करने से खिलाड़ी के स्किल में विकास की मुख्य कड़ी माना जाता है, इससे न सिर्फ खिलाड़ी के अनुभव में बढ़ोतरी होती है बल्कि स्किल में भी सुधार होता है। सलमान बट ने भी इसी बात पर जोर देते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर के बल्लेबाज अब गति से डरते नहीं है। उनका मानना है कि अगर पाकिस्तान के युवा गेंदबाज घरेलू स्तर पर ज्यादा समय बितायेंगे तो उनका टैलेंट और स्किल दोनों बेहतर हो जायेगा।
उन्होंने कहा,'अब कोई भी बल्लेबाज 140 की गति से फेंकने वाले गेंदबाजों से डरता नहीं है। 40 की उम्र में जेम्स एंडरसन इस गति से फेंकते हैं, ऑस्ट्रेलिया की पेस तिकड़ी पैट कमिंस, जोश हेजलवुड और मिचेल स्टार्क भी इस स्पीड से फेंक लेते हैं और इसके बावजूद बांग्लादेश के खिलाफ उन्हें हार मिली। ऐसे में पाकिस्तान को समझना होगा कि सिर्फ स्पीड से ज्यादा आपके गेंदबाजों के पास होना चाहिये।'

भारत के आसपास भी नहीं है पाकिस्तानी गेंदबाज
सलमान बट का मानना है कि पाकिस्तान के तेज गेंदबाज काफी टैलेंटेड हैं लेकिन अपने स्किल्स और अनुभव में बढ़ोतरी करने के लिये उन्हें घरेलू स्तर पर कुछ और सीजन बिताने चाहिये।
उन्होंने कहा,'जब पाकिस्तान का गेंदबाज कम से कम 35 फर्स्ट क्लास मैच के अनुभव के साथ टीम में खेलता नजर आयेगा तो आपको खुद ही अंतर पता चल जायेगा। ऐसे में जो भी टेस्ट टीम में जगह बनायेगा वो लंबे समय तक देश के लिये खेलेगा। ऐसे में फिलहाल भारतीय गेंदबाजों के साथ पाकिस्तान की तुलना करना गलत है। आप स्पीड की तुलना कर सकते हो लेकिन स्किल में आप काफी पीछे हैं।'
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