सौरव गांगुली ने 15 साल बाद बताया क्यों धोनी को नंबर 3 पर भेजने का किया था फैसला?
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान एमएस धोनी ने हाल ही में अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर को अलविदा कह दिया। उनके इस फैसले से उनके चाहने वालों को काफी बड़ा झटका लगा है। धोनी के फैन्स उन्हें कम से कम एक बार और नीली जर्सी में देखना चाहते थे लेकिन उनके अचानक अलविदा कह देने से न फैन्स को और नही इस खिलाड़ी को फेयरवेल कहने का मौका मिल सका। उल्लेखनीय है कि धोनी के करियर में हमेशा से ही पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का बड़ा हाथ माना जाता रहा है, जिनकी कप्तानी में उन्होंने साल 2004 में अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया था।
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हालांकि शुरुआती कुछ मैचों में धोनी वो कमाल नहीं दिखा सके जिसके लिये वो जाने जाते हैं, लेकिन कप्तान गांगुली ने उनकी बैटिंग पॉजिशन में बदलाव किया और वहीं से उनके करियर ने एक नई उड़ान भरी और उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ विशाखापट्टनम में खेले गये मैच में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए 148 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली।
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अगर सचिन नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते रहते तो नहीं बन पाते मास्टर-ब्लास्टर
धोनी की इस पारी को लगभग 15 साल बीत हो चुके है, लेकिन आज भी यह पारी उनके करियर को नई दिशा देने वाली मानी जाती है। इस बीच पूर्व कप्तान और मौजूदा बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उस मैच में धोनी के बैटिंग क्रम में बदलाव करने के पीछे के मुख्य कारणों का खुलासा करते हुए बताया कि आखिर उन्हें क्यों तीसरे नंबर पर भेजा गया। इसके लिये गांगुली ने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि अगर वह वनडे में नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते रहते तो वह इतने महान खिलाड़ी नहीं बन पाते।

गांगुली ने बताया क्यों धोनी को नंबर 3 पर भेजने का किया था फैसला
उन्होंने कहा, 'उन्हें (धोनी) को विशाखापट्टनम में नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने का मौका मिला, शानदार शतक बनाया और जब भी उन्हें अधिक ओवर खेलने का मौका मिला, उन्होंने बड़ा स्कोर बनाया। अगर तेंदुलकर नंबर 6 पर बल्लेबाजी करते रहते तो तेंदुलकर नहीं बनते, क्योंकि आपको खेलने के लिए मुट्ठी भर गेंदें मिलती हैं।'

धोनी के पास पहले से थी काबिलियत
गांगुली ने धोनी की तारीफ करते हुए आगे बताया कि उन्हें माही की काबिलियत के बारे में पहले से पता था। गौरतलब है कि इस मैच से पहले धोनी ने गांगुली की ही कप्तानी में बतौर सलामी बल्लेबाज चैलेंजर ट्रॉफी में शानदार शतक लगाया था।
उन्होंने कहा,'मुझे धोनी की काबिलियत के बारे में पहले से पता था, इसलिए यह फैसला लिया। गांगुली के मुताबिक, एक खिलाड़ी अच्छा तभी बन सकता है जब उसे ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करने का मौका मिले। तुम किसी को निचले क्रम में खिलाकर बड़ा खिलाड़ी नहीं बना सकते हो। धोनी के आराम से छक्के मारने की काबिलियत बहुत कम खिलाड़ियों में देखने को मिलती है।'
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