जब पहली बार तेंदुलकर-कुंबले के सामने उतरे थे इंग्लिश बल्लेबाज, 3-0 से हुआ था सूपड़ा साफ
नई दिल्ली। भारतीय टीम इस समय इंग्लैंड दौरे पर है जहां उसे 18 जून को पहले न्यूजीलैंड के खिलाफ विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल मैच खेलना है तो वहीं पर 6 हफ्ते बाद उसे इंग्लैंड क्रिकेट टीम के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में भी भाग लेना है। इस सीरीज को लेकर फैन्स को काफी बेसब्री से इंतजार है। इस बीच इंग्लैंड के पूर्व बल्लेबाज नील फेयरब्रदर और माइकल अथर्टन ने भारत के खिलाफ आगामी सीरीज पर बात करते हुए 1993 में खेले गये दौरे को याद किया जब दोनों टीमों के बीच 3 टेस्ट मैच और 7 वनडे मैचों की सीरीज खेली गई थी।
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इस दौरे पर भारतीय टीम ने बेहद शानदार प्रदर्शन किया था जिसमें वनडे सीरीज 3-3 से बराबर हुई थी तो वहीं पर टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम ने इंग्लैंड का सूपड़ा साफ करते हुए 3-0 से जीत हासिल की थी। इस दौरे पर भारतीय टीम के लिये दो युवा खिलाड़ियों सचिन तेंदुलकर और अनिल कुंबले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दिलाने में अहम योगदान दिया।

कुंबले के सामने पस्त हो गये इंग्लिश खिलाड़ी
अनिल कुंबले ने पूरी टेस्ट सीरीज के दौरान अद्भुत प्रदर्शन किया और इंग्लैंड की जीत में रास्ते का सबसे बड़ा कांटा बने, उन्होंने 19.80 की औसत से 21 विकेट हासिल किये। इस दौरान अनिल कुंंबले का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 64 रन देकर 6 विकेट लेना था। इस मौके पर इंग्लैंड के महान बल्लेबाजों में शुमार फेयरब्रदर ने कुंबले के शुरुआती प्रभाव के बारे में बात की और जिस तरह से उन्होंने अपने करियर में उस प्रदर्शन को लगातार जारी रखा उसकी जमकर तारीफ की।
स्काई स्पोर्टस के साथ बात करते हुए उन्होंने कहा,'मुझे लगता है कि उन दोनों ने हमें बाहर करने का काम किया। उस वक्त तक हमने कुंबले को गेंदबाजी करते हुए नहीं देखा था और मुझे लगता है कि वह इंग्लैंड का दौरा नहीं किया था। उन्होंने अपनी गेंदबाजी के दौरान बॉल को दायें हाथ के बल्लेबाज से दूर नहीं रखा था लेकिन उनकी गेंद स्किट कर रही थी। और जैसा कि हर महान खिलाड़ी के जीवन में होता है वो धीरे-धीरे अपने अंदर और बदलाव करते गये और दुनिया के सबसे खतरनाक लेग स्पिनर बन गये।'

सचिन तेंदुलकर ने भी किया हैरान
गौरतलब है कि अनिल कुंबले ने अपने टेस्ट करियर के दौरान 619 विकेट लेने का करानामा किया और भारत के सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने जबकि दुनिया में वह तीसरे नंबर पर काबिज हैं। इस टेस्ट सीरीज के दौरान जहां अनिल कुंबले ने इंग्लैंड की टीम को अपनी लेग स्पिन से चारों खाने चित करने का काम किया तो वहीं पर सचिन तेंदुलकर भी कुछ कम नजर नहीं आये।
सचिन तेंदुलकर ने इन 3 मैचों की टेस्ट सीरीज में 100 से ज्यादा की औसत से 302 रन बनाने का काम किया जिसमें चेन्नई में लगाया गया शतक और 2 अर्धशतक शामिल रहे। सचिन तेंदुलकर के लिये यह उनकी सरजमीं पर लगाया गया पहला शतक था, इससे पहले वह ऑस्ट्रेलिया में 2 शतक, इंग्लैंड में एक और साउथ अफ्रीका में एक शतक लगा चुके थे।

सालों तक सचिन ने किया परेशान
फेयरब्रदर ने तेंदुलकर को लेकर कहा,'सचिन के बारे में कहें तो वो तब तक अपनी छाप छोड़ चुके थे और जिस तरह से उन्होंने चेन्नई में पारी खेली वह हमारे लिये आंखे खोल देने वाला रहा कि उनके लिये बल्लेबाजी करना कितना आसान है और हम कितनी बड़ी परेशानी में हैं। और यह परेशानी सिर्फ हम तक सीमित नहीं रही बल्कि दुनिया भर की टीमों के लिये कई सालों तक नाक में दम करने वाली रही।'
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