Tokyo 2020: भारतीय महिला हॉकी टीम की ऐतिहासिक जीत पर क्यों माफी मांगने लगे कोच, दिल जीत लेगा कारण
नई दिल्ली। जापान में जारी ओलंपिक खेलों में भारतीय महिला हॉकी टीम के लिये सोमवार (2 अगस्त) वो दिन बन कर आया है जो कि आने वाली कई पीढ़ियों को याद रहने वाली है। भारतीय महिला हॉकी टीम ने सोमवार को दुनिया की नंबर 2 टीम ऑस्ट्रेलिया को क्वार्टर फाइनल मैच में 1-0 से हराकर बड़ा उलटफेर किया और ओलंपिक के इतिहास में पहली बार सेमीफाइनल में जगह पक्की की। ओलंपिक के इतिहास में महिला हॉकी को शुरू हुये 41 साल बीत चुके हैं और यह पहली बार है जब भारतीय महिला टीम पदक के इतने करीब पहुंची है।
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भारतीय महिला टीम की इस जीत पर जहां देश भर से बधाई और शुभकामनायें मिल रही हैं तो वहीं पर टीम के हेड कोच जेरार्ड मरीन भी काफी खुश हैं। अपनी खुशी को जाहिर करने के लिये मरीन ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से टीम के साथ फोटो शेयर करते हुए दिल जीतने वाला पोस्ट किया है।

देर से आने के लिये कोच ने परिवार से मांगी माफी
इस पोस्ट में मरीन अपने परिवार से माफी मांगते हुए लिख रहे हैं कि सॉरी फैमिली, मुझे आने में अभी थोड़ी और देर लगेगी। उल्लेखनीय है कि इस जीत के बाद भारतीय महिला टीम को सेमीफाइनल मैच में अर्जेंटीना के खिलाफ 4 अगस्त को भिड़ना होगा। भारतीय महिला टीम के लिये ओलंपिक का आगाज कुछ खास नहीं हुआ था, उसे नीदरलैंडस की टीम के खिलाफ 5-1, जर्मनी के खिलाफ 2-0 और ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ 4-1 से हार का सामना करना पड़ा था।
हालांकि लगातार 3 मैच में हार के बाद भारतीय टीम ने वापसी करते हुए आखिरी के 2 मैच जीत कर किसी तरह क्वार्टरफाइनल में जगह बनाई, जिसके बाद लग रहा था कि ओलंपिक में महिला हॉकी टीम का सफर यहीं पर खत्म होने वाला है, लेकिन जेर्राड की महिला टीम ने क्वार्टर फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर इतिहास रच दिया।

इस वक्त जीत को जीना चाहती है भारतीय टीम
कोच से जब भारतीय हॉकी टीम के सेमीफाइनल मैच को लेकर रणनीति पर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा,' हम पहले इस लम्हे का आनंद लेना चाहते हैं। टीम को इसे जीने का हक है और यह उनकी भावनाओं में नजर आता है।
गौरतलब है कि क्वार्टरफाइनल मैच में भारतीय महिला टीम ने विश्व की नं 2 ऑस्ट्रेलिया को हैरान कर दिया और 3 बार की विश्व चैम्पियन टीम के खिलाफ गुरजीत कौर के पेनाल्टी कॉर्नर में लगाये गये गोल ने सपने को हकीकत में बदलने की ओर एक कदम और बढ़ा दिया।

भारतीय हॉकी के इतिहास का सबसे बड़ा दिन
आपको बता दें कि जैसे ही मैच के समाप्त होने की सीटी बजी पूरी भारतीय महिला टीम मैदान पर ही जश्न मनाती नजर आयी। इस दौरान टीम के सभी खिलाड़ी जोर से चिल्लाते हुए एक दूसरे से गले मिलकर जश्न मनाते नजर आये। कप्तान रानी रामपाल ने इस जीत को भारतीय हॉकी के लिये सबसे बड़ा ऐतिहासिक दिन बताया और कहा कि महिला और पुरुष दोनों टीमें सेमीफाइनल में पहुंच चुकी हैं और यह देश के लिये गर्व करने का दिन है।
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