आर अश्विन ने बताया धोनी को परेशान करने का तरीका, बोले-CSK ने बदला करियर
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के टॉप ऑफ स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन ने इंडियन प्रीमियर लीग में चेन्नई सुपरकिंग्स के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी। इस दौरान वो कई सालों तक सीएसके के लिये खेलते नजर आये और धोनी की कप्तानी में वह टी20 क्रिकेट के काफी भरोसेमंद खिलाड़ी बन गये। 2013 में अश्विन-जडेजा की जोड़ी ने ही भारत को इंग्लैंड में चैम्पियंस ट्रॉफी जिताने में मदद की। हाल ही में रविचंद्रन अश्विन ने क्रिकबज के चैट शो 'क्रिकबज इन कनवर्सेशन' में शिरकत की और कॉमेंटेटर एवं होस्ट हर्षा भोगले के साथ बात करते हुए आईपीएल में सीएसके के साथ अपने शुरुआती दिनों को याद किया।
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इस दौरान अश्विन ने साफ किया कि शुरुआती दिनों में उन्हें कप्तान एमएस धोनी का ध्यान अपनी ओर खींचने के लिये क्या-क्या नहीं करना पड़ा और जब उन्होंने उन पर ध्यान दिया तो उसके बाद उनकी गेंदबाजी में कितना निखार आ गया। अश्विन ने चेन्नई सुपर किंग्स के साथ बिताये अपने समय और एमएस धोनी की कप्तानी को अपने करियर के लिये बेहद खास बताया और साफ किया कि इसने उनके करियर को नई दिशा दी।
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किसी को नहीं पता था कि कौन हैं अश्विन
अश्विन ने चैट शो में हर्षा भोगले से बात करते हुए कहा, ‘आईपीएल और सीएसके ऐसा मंच है जिसे सभी हासिल करना चाहते हैं। मेरे लिए यह पहचान बनाने का जरिया था। धोनी को नहीं पता था कि अश्विन कौन है, (मैथ्यू) हेडन और (मुथैया) मुरलीधरन को नहीं पता था कि अश्विन कौन है। पहली चीज जो मेरे दिमाग में आई वह यह थी कि मैं इन लोगों को दिखाऊंगा कि अश्विन यहां है।'

धोनी को परेशान करने का है यह एकमात्र तरीका
आर अश्विन ने अपने करियर में सीएसके की कप्तानी करने वाले एमएस धोनी के गहरे प्रभाव का जिक्र करते हुए धोनी को मैदान पर परेशान करने का का एकमात्र तरीका बताया।
उन्होंने कहा, ‘मैंने हेडन, जेकब ओरम और स्टीफन फ्लेमिंग का ध्यान नेट पर उन्हें गेंदबाजी करते हुए खींचा। पहले साल (2008 में) उन्हें मेरा सामना करने में परेशानी हो रही थी लेकिन मैं धोनी का ध्यान नहीं खींच पाया। मेरी उनसे कभी लंबी बात नहीं हुई। इसके लिए मुझे नेट पर धोनी को आउट करना था। वह मुरलीधरन पर छक्के मार रहे थे और मैंने सोचा कि अगर मैं उनसे बेहतर गेंदबाजी करूंगा तो मुझे मुरली पर तरजीह मिल सकती है। मैंने चैलेंजर ट्रॉफी के दौरान उन्हें आउट करके और फिर छोटे बच्चे की तरह जश्न मनाकर उनका ध्यान खींचा।'

सुपर ओवर में पिटने के बावजूद धोनी ने नहीं कहा कुछ
अश्विन ने कहा कि इसके बाद अब भंग हो चुकी चैंपियन्स लीग में विक्टोरिया बुशरेंजर्स के खिलाफ सीएसके के मैच में उन्होंने सुपर ओवर फेंकने की पेशकश की और धोनी ने बिना हिचकिचाहट के गेंद उन्हें थमा दी। अश्विन अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए और सुपर ओवर में 23 रन लुटा बैठे। इस ऑफ स्पिनर ने कहा कि धोनी मैच के बाद जब उनके पास से गुजरे तो उन्होंने सिर्फ इतना कहा, ‘तुम्हें कैरम गेंद फेंकनी चाहिए थी।'
अश्विन ने बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ अच्छी सफलता हासिल की और उनके 365 विकेटों में से 189 विकेट बाएं हाथ के बल्लेबाजों के हैं। अश्विन ने सफलता का श्रेय अपनी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि और डंकन फ्लेचर की सलाह को दिया।
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