लक्ष्मण-गंभीर-सहवाग के बहाने हरभजन ने BCCI पर साधा निशाना, कहा- हो सकता था बेहतर
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और दिग्गज खिलाड़ियों के बीच क्रिकेट में संन्यास लेने को मजबूर करने और बेहतर फेयरवेल देने का मुद्दा हमेशा ही नाजुक रहा है। भारतीय क्रिकेट इतिहास पर नजर डालें तो खुद कपिल देव समेत कई दिग्गज खिलाड़ियों को बीसीसीआई ने उनके करियर के अंतिम दौर में अचानक से बाहर कर दिया और संन्यास लेने को मजबूर कर दिया। इतना ही नहीं जब इन खिलाड़ियों ने संन्यास का ऐलान किया तो बीसीसीआई ने वो सम्मान और विदाई उन्हें नहीं दी जिसके वो हकदार रहे हैं।
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भारतीय क्रिकेट में खिलाड़ियों की विदाई हमेशा से अहम मुद्दा रहा है। क्रिकेट खेलने वाला हर खिलाड़ी चाहता है कि वह मैदान पर खेलते हुए अपने करियर को अलविदा कह सके लेकिन यह सपना पूरा हो ऐसा जरूरी नहीं है।
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बेहतर विदाई के हकदार थे लक्ष्मण-गंभीर-सहवाग
इस फेहरिस्त में कई दिग्गज खिलाड़ियों का नाम शामिल हैं। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक सलामी बल्लेबाज वीरेंदर सहवाग, गौतम गंभीर और वीवीएस लक्ष्मण उन्हीं महान खिलाड़ियों में है जिन्होंने कई सालों तक देश का नाम रोशन किया और बावजूद इसके उन्हें वो सम्मान भरी विदाई नहीं मिली जिसके वो हकदार माने जाते हैं।
इसी मुद्दे पर बात करते हुए भारतीय क्रिकेट टीम दिग्गज ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने भी अपनी राय रखी और कहा कि सहवाग, गौतम गंभीर और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ियों को बेहतर फेयरवेल मिलना चाहिए था। वह इसके हकदार थे।

खिलाड़ियों का सम्मान जब हम नहीं करेंगे तो कोई और कैसे करेगा
भारतीय कॉमेंटेटर आकाश चोपड़ा के यूट्यूब चैनल आकाशवाणी पर बात करते हुए हरभजन ने कहा कि अलविदा कहने के मामले में बीसीसीआई अपने दिग्गज खिलाड़ियों का सम्मान करना नहीं जानता।
उन्होंने कहा,' अगर हम अपने खिलाड़ियों का सम्मान नहीं करेंगे तो बाहर भी कोई ऐसा नहीं करेगा। मुझे निराशा है कि बीसीसीआई अपने पूर्व खिलाड़ियों के साथ ऐसा ही करता चला आ रहा है। मैं सच में नहीं चाहता कि जैसा मेरे साथ हुआ है वैसा किसी दूसरे खिलाड़ी के साथ कभी भी हो।'

बेहतर तरीके से संभाल सकता था बीसीसीआई
गौरतलब है कि हरभजन सिंह ने अभी अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से अपने संन्यास का ऐलान नहीं किया है , हालांकि वह पिछले 5 साल से भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी में नजर नहीं आये हैं। उन्होंने अपना आखिरी टेस्ट मुकाबला 2015 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था जबकि टी20 मैच में इसी साल साउथ अफ्रीका के खिलाफ नजर आये थे।
टीम में वापसी न कर पाने को मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे हमेशा इस बात का दुख रहता है कि चीजों को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। 100 टेस्ट मैच खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी बात होती है। मैं खुशकिस्मत हूं कि मैं उनमें शामिल हूं। मैं मानता हूं कि मेरे प्रदर्शन में थोड़ी गिरावट आई होगी या मैं उम्मीद के मुताबिक अच्छा खेल नहीं दिखा रहा होऊंगा लेकिन चीजों को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। कोई मुझसे बात करने नहीं आया। मैं वेस्ट इंडीज से 400 विकेट पूरे करके लौटा और उसके बाद मुझे टेस्ट टीम से ड्रॉप कर दिया और दोबारा फिर कभी नहीं चुना गया।'

ऐसा रहा है करियर
आपको बता दें कि हरभजन सिंह ने भारत के लिए 103 टेस्ट, 236 वनडे इंटरनैशनल और 28 टी20 इंटरनैशनल मैचों में शिरकत की है, जिसके दौरान उन्होंने सीमित ओवर्स प्रारूप में 294 विकेट लिए हैं जबकि टेस्ट प्रारूप में 417 विकेट हासिल किये हैं। वह भारत के लिये टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर हैं। इस फेहरिस्त में पहले स्थान पर अनिल कुंबले तो दूसरे पर कपिल देव का नाम काबिज है।
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