IND vs SL: बोर्ड के साथ तकरार पड़ी भारी, EMI नहीं चुका पा रहे हैं श्रीलंकाई खिलाड़ी
नई दिल्ली। खेल जगत में पिछले कुछ समय से श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड काफी चर्चा में रहा है, फिर चाहे वो खिलाड़ियों की लगातार खराब फॉर्म हो या फिर बायोबबल नियमों का उल्लंघन या फिर सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में ट्रांसपैरेंसी के मुद्दे पर सीनियर खिलाड़ियों के साथ जारी विवाद, किसी न किसी गलत कारण के चलते श्रीलंकाई क्रिकेट लगातार सुर्खियों में बना रहा है। बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच जारी इस विवाद ने एक ऐसी परिस्थिति में पहुंचा दिया है जहां पर खिलाड़ियों को दौरे के हिसाब से करार दिया जा रहा है और उसी के हिसाब से पैसा मिल रहा है। बोर्ड के इस फैसले ने श्रीलंका के लिये सिर्फ एक ही प्रारूप खेलने वाले खिलाड़ियों के लिये मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड की ओर से सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट में बदलाव किये जाने के बाद टीम के कई सीनियर खिलाड़ियों ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने से इंकार कर दिया और करार में अधिक पारदर्शिता की मांग की। इसके बाद से बोर्ड और खिलाड़ियों के बीच यह मुद्दा जस का तस बना हुआ है। इस बीच बोर्ड के एक आधिकारिक सूत्र ने जानकारी दी कि तकरार को देखते हुए बोर्ड ने इस साल किसी भी खिलाड़ी को सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट न देने का फैसला किया है और टूर के हिसाब से खिलाड़ियों को करार देने का फैसला किया है।
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घर की ईएमआई तक नहीं चुका पा रहे हैं खिलाड़ी
श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के इस फैसले से हस्ताक्षर से इंकार कर रहे कई खिलाड़ियों कि स्थिति खराब हो गई है। संडे मोर्निंग की रिपोर्ट के अनुसार जिन खिलाड़ियों ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करने से इंकार किया था उसमें से ज्यादातर खिलाड़ी सिर्फ टेस्ट प्रारूप ही खेलते हैं और बोर्ड की तरफ से सिर्फ टूर कॉन्ट्रैक्ट दिये जाने के फैसले के चलते उन्हें नवंबर तक न कोई सीरीज खेलनी है और न ही कोई पैसा मिलेगा। इस दौरान रिपोर्ट में इन खिलाड़ियों की माली हालत खराब बताई गई है और कहा गया है कि यह खिलाड़ी अपने घर का होम लोन और बीमा की ईएमआई तक नहीं चुका पा रहे हैं।

खिलाड़ियों ने बोर्ड से बकाया राशि देने की लगाई गुहार
रिपोर्ट के अनुसार कई खिलाड़ियों ने अपनी परेशानी को लेकर श्रीलंका क्रिकेट को लिख कर सूचित किया है और माली हालत खराब होने का हवाला देते हुए पुराना बिल चुकाने की मांग की है और कहा कि बोर्ड पहले किये गये कॉन्ट्रैक्ट का सम्मान करे।
बोर्ड को लिखे गये इस लेटर में कहा गया है,'नये करार के चलते हमें जनवरी 2021 से कोई पैसा नहीं दिया गया है। नये करार को लेकर खिलाड़ियों के बीच स्पष्टता नहीं है। उन्हें इस बारे में लिखित रूप से जानकारी देनी चाहिये। नये करार के तहत सभी खिलाड़ियों की सैलरी में 30 प्रतिशत तक कटौती की जायेगी।'

सीनियर और बोर्ड के बीच पिस रहे जूनियर खिलाड़ी
इस मामले से जुड़े एक करीबी सूत्र ने जानकारी देते हुए कहा कि बोर्ड और सीनियर खिलाड़ियों की इस तकरार में जूनियर खिलाड़ी पिस रहे हैं। उन्होंने बताया कि सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की कमी ने कई खिलाड़ियों को प्रभावित किया है। इन खिलाड़ियों के लिये अपने घर की इंस्टालमेंट देना भी भारी पड़ रहा है तो कुछ खिलाड़ी अपने परिवार की बीमा राशि नहीं दे पा रहे हैं। कुछ खिलाड़ियों ने तो अपनी शादी रोक दी है। इस बीच खिलाड़ियों को यह भी महसूस हो रहा है कि जिन्होंने कॉन्ट्रैक्ट पर साइन नहीं किया और मौजूदा सीरीज में उनका चयन भी नहीं हुआ तो क्या इसका मतलब उनका करियर खत्म हो गया है।
इस रिपोर्ट में खिलाड़ियों ने बोर्ड से सालाना करार को 1 जनवरी 2021 से लागू करने की मांग की है तो वहीं पर जूनियर खिलाड़ी अपनी सैलरी हासिल करने के लिये इस पूरे विवाद से बचते नजर आ रहे हैं।
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