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Chetan Chauhan Death: चेतन चौहान के करियर की 10 बातें जिसे शायद ही जानते होंगे फैन्स

Chetan Chauhan के निधन, Yogi Government में Minister और Former cricketer थे चेतन | वनइंडिया हिंदी

नई दिल्ली। भारतीय टीम के पूर्व सलामी बल्लेबाज चेतन चौहान (Chetan Chouhan) का रविवार को निधन हो गया। चौहान पिछले महीने कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। चौहान की तबीयत शनिवार को अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के पीजीआई से गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल (Medanta Hospital) में एडमिट कराया गया था। जबकि पिछले एक महीने से कोरोना संक्रमण (Corona Infection) से जूझ रहे मंत्री की किडनी में इन्फेक्शन बढ़ गया था और उन्हें वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया था। चौहान ने अपने क्रिकेट करियर में खिलाड़ी से लेकर कोच तक हर रोल निभाया।

और पढ़ें: चेतन चौहान के निधन पर सचिन-सहवाग-कोहली समेत दिग्गज खिलाड़ी दुखी, जानें क्या बोले

टेस्ट में सबसे ज्यादा रन

टेस्ट में सबसे ज्यादा रन

शेन वॉर्न के बाद टेस्ट फॉर्मेट में बिना शतक लगाए सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड चेतन चौहान के ही नाम है। उन्होंने 40 टेस्ट मैच में 2084 रन बनाए हैं जिसमें उनका सर्वोच्च स्कोर 97 है। चौहान के नाम 16 अर्धशतक हैं। वह दो बार नर्वस नाइटीज का शिकार हुए हैं।

चौके और छक्के से की टेस्ट करियर की शुरुआत

चौके और छक्के से की टेस्ट करियर की शुरुआत

चेतन चौहान ने 1969 में करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ मुंबई में डेब्यू किया था। आंकड़ों के मुताबिक चेतन चौहान ने खाता खोलने के लिए 25 मिनट का समय लिया। इसके बाद उन्होंने चौके के साथ करियर की शुरुआत की थी औऱ इसकी अगली ही गेंद पर छक्का लगाया था।

सुनील गावस्कर के साथ साझेदारी

सुनील गावस्कर के साथ साझेदारी

सुनील गावस्कर के साथ चेतन चौहान की जोड़ी काफी हिट रही थी। दोनों ने 60 पारियों में 54।85 की औसत से 3127 रन बनाए थे। दोनो के बीच 11 शतकीय साझेदारी हुई है जिसमें से 10 ओपनिंग करते हुए की गई। ओवल टेस्ट में 1979 में दोनों के बीच 213 रनों की ओपनिंग साझेदारी हुई थी। उस समय गावस्कर और चेतन चौहान की जोड़ी तीसरी सबसे कामयाब जोड़ी थी।

टेस्ट करियर का अंत

टेस्ट करियर का अंत

भारत का 1980-81 में हुआ न्यूजीलैंड दौरा चेतन चौहान का आखिरी दौरा था। इसके बाद उन्हें मौका नहीं मिला। हालांकि उन्होंने न्यूजीलैंड औऱ ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर 41।50 के औसत से रन बनाए थे। हालांकि उन्हें अगली सीरीज से पहले ड्रॉप कर दिया गया और वह फिर कभी टेस्ट टीम में वापसी नहीं कर पाए।

कोचिंग के सफर की शुरुआत

कोचिंग के सफर की शुरुआत

चेतन चौहान ने 1985 में अपना आखिरी मैच खेला था। इसके बाद वह बीजेपी से जुड़ गए औऱ नई पारी की शुरुआत की। वह दो बार उत्तर प्रदेश के अमरोहा से एमपी चुने गए। 1980 के दशक में चेतन चौहान एडिलेट क्लब के साथ बतौक कोच और खिलाड़ी जुड़ गए थे। उन्होंने तीन साल तक वह काम किया। उस दौरान भारत में खिलाड़ियों को अच्छा पैसा नहीं मिलता था लेकिन चौहान को ऑस्ट्रेलिया में अच्छी कीमत दी जा रही थी।

कई बार रहे टीम इंडिया के मैनेजर

कई बार रहे टीम इंडिया के मैनेजर

चेतन चौहान को एक से ज्यादा बार भारतीय टीम का मैनेजर चुना गया था। उनके मैनेजर रहते हुए भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अहम सीरीज खेली। 2001 में उनके रहते हुए ही भारत में इडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐताहासिक जीत हासिल की थी। चेतन चौहान ने क्रिकेट से संन्यास के बाद डीडीसीए के वाइस प्रेसीडेंट की जिम्मेदारी भी संभाली। वहीं वह पहले दिल्ली की टीम के कोच भी रह चुके हैं। वह बोर्ड ऑफ वेटरन क्रिकेट के चीफ भी रहे हैं।

Story first published: Monday, August 17, 2020, 14:54 [IST]
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