IND vs NZ : अगर भारत को जीतना है आखिरी टेस्ट, तो करने होंगे 3 बदलाव
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का पहला मैच ड्रा पर समाप्त हो गया था। उस मैच में हालांकि भारत एक समय जीत की ओर जाता दिख रहा था, लेकिन कीवी बल्लेबाजों ने खुद को ऑलआउट नहीं होने दिया। भारत को जीत दर्ज करने के लिए सिर्फ एक विकेट की जरूरत थी। लेकिन अब भारत को अगर सीरीज अपने नाम करनी है तो दूसरे टेस्ट में जबरदस्त प्रदर्शन दिखाना होगा जो 3 दिसंबर से मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शुरू होगा। इस मैच में अगर भारत को जीतना है तो उसे पहले तीन बदलाव हर हाल में करने होंगे। क्या हो सकते हैं वो बदलाव, आइए जानें-
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1. अजिंक्य रहाणे की जगह विराट कोहली
विराट कोहली पहला टेस्ट नहीं खेल सके थे, लेकिन दूसरे मैच में उनका लाैटना तय है। पहले मैच में अजिंक्य रहाणे ने कप्तानी की। लेकिन अब सवाल यह है कि अगर कोहली प्लेइंग इलेवन में आते हैं तो काैन बाहर होगा। श्रेयस अय्यर को बाहर नहीं कर सकते, जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में शतक व अर्धशतक जमाया। ऐसे में रहाणे की जगह कोहली को माैका मिलना चाहिए। वैसे भी रहाणे पिछले कुछ समय से काफी खराब फाॅर्म से गुजर रहे हैं। वह एक मजबूत साझेदारी बनाने के लिए क्रीज पर अधिक समय नहीं बिता पा रहे हैं। इस साल उनका औसत 19.57 और पिछले 15 टेस्ट में 25 से कम रहा है, जो इसे उनके करियर का सबसे खराब दौर बना रहा है।

2. इशांत शर्मा की जगह मोहम्मद सिराज
इस सीरीज में जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी शामिल नहीं है जो भारतीय सीम आक्रमण की जिम्मेदारी लेते हैं। लेकिन पहले टेस्ट में इशांत शर्मा पर बड़ी जिम्मेदारी थी, लेकिन वह कमाल नहीं कर पाए। इशांत शर्मा ने कुल 22 ओवर ही फेंके, जिसमें वह एक भी सफलता हासिल नहीं कर पाए। दूसरे टेस्ट में इशांत की जगह मोहम्मद सिराज को माैका देना टीम प्रबंधन के लिए सही साबित हो सकता है जो इस समय टाॅप फाॅर्म पर हैं। मोहम्मद सिराज जैसा आक्रामक गेंदबाज वानखेड़े जैसी पिच से निपटने के लिए सही साबित होगा। उनकी बदलती गति और आक्रामक रुख वही हो सकता है जो भारत को शुरुआती सफलता हासिल करने के लिए चाहिए।

3. ऋद्धिमान साहा को प्रमोट करना
भारतीय टेस्ट टीम में कीपर की जगह के लिए हमेशा से लड़ाई चलती रही है। युवा ऋषभ पंत भी अभी तक अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए। पंत को इस सीरीज से आराम भी दिया गया फिर उनकी जगह साहा को रखा गया। कानपुर में पहले टेस्ट में साहा ने नंबर 7 (पहली पारी) और नंबर 8 (दूसरी पारी) पर बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में केवल एक रन बनाए और भारत को मजबूत स्थिति में लाने के लिए दूसरी पारी में नाबाद 61 रन बनाए।
अपने 11 साल लंबे टेस्ट करियर के दौरान, साहा ने निचले क्रम में अलग-अलग स्लॉट में खुद को स्थापित करके अपनी प्रतिभा दिखाई है। अगर हम आंकड़ों को देखें, तो वह अपने सामान्य नंबर 7 स्लॉट की तुलना में, छठे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए सात पारियों में 35.67 के औसत से अधिक सफलता पाई है। उन्होंने न केवल इस नंबर पर रन बनाने की कामयाबी हासिल की है, बल्कि अपने नाम एक शतक और एक अर्धशतक भी हासिल किया है। भारत के मौजूदा निचले-मध्य क्रम और टेल-एंडर्स पिछले कुछ समय से खास नहीं कर पा रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए, बल्लेबाजी क्रम में साहा को ऊपर माैका देने के लिए अब से बेहतर समय नहीं है। रवींद्र जडेजा, रवि अश्विन और अक्षर पटेल उनके बाद बल्लेबाजी करने आ सकते हैं।
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