30 खिलाड़ियों ने क्रिकेट साउथ अफ्रीका को की नस्लवाद की शिकायत, CSA ने लिया बड़ा फैसला
नई दिल्ली। पिछले कुछ समय में दुनिया भर में नस्लवाद का मुद्दा काफी जोरों पर है। इसे लेकर दुनिया भर में ब्लैक लाइवस मैटर नाम का अभियान चल रहा है। इस अभियान के समर्थन में आकर खेल जगत के कई खिलाड़ियों ने अपना समर्थन दिया तो वहीं साउथ अफ्रीकी क्रिकेट टीम के पूर्व खिलाड़ियों समेत करीब 30 प्लेयर्स ने अपने करियर के दौरान हुई नस्लभेद की घटनाओं का खुलासा किया था। इन घटनाओं के सामने आने के बाद क्रिकेट साउथ अफ्रीका ने नस्लवाद के खिलाफ बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है और इसे दूर करने की योजना बनाई है।
और पढ़ें: ENG vs WI: तीसरे टेस्ट के साथ इंग्लैंड ने 5 खिलाड़ियों को भेजा घर, जानें क्या है कारण
तेज गेंदबाज लुंगी एंगिडी ने ब्लैक लाइवस मैटर आंदोलन को अपना समर्थन दिया था जिसके बाद पूर्व तेज गेंदबाज मखाया एंटिनी ने भी इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया और अपने साथ हुए नस्लवाद के किस्से को साझा किया था। पिछले साल अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने वाले हाशिम अमला ने भी अपना समर्थन दिया था।
और पढ़ें: क्रिकेट के भगवान हुए ठगी का शिकार, रियल स्टेट व्यापारी ने सचिन को लगाया चूना

नस्लवाद के जल्द सीएसए लागू करेगी यह परियोजना
सीएसए ने इस मुद्दे पर एक बयान जारी करते हुए कहा कि वह बहुत जल्द ही ‘क्रिकेट फॉर सोशल जस्टिस एंड नेशन बिल्डिंग (एसजेएन)' नाम की परियोजना को लागू करने वाली है।
उन्होंने कहा, 'क्रिकेट प्रशंसकों द्वारा राष्ट्रीय स्तर के आक्रोश के अलावा व्यापक हितधारक समूहों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।'

नस्लवाद के मुद्दे पर बोर्ड ने जताया खेद
उल्लेखनीय है कि क्रिकेट साउथ अफ्रीका की ओर से उठाने जाने वाले इस कदम के जरिये बोर्ड एक ‘परिवर्तन लोकपाल' स्थापित करेगा, जिसके मूल उद्देश्य स्वतंत्र शिकायत प्रणाली के प्रबंधन के साथ-साथ क्रिकेट खिलाड़ियों, प्रशंसकों और राष्ट्र को एकजुट करने की प्रक्रिया की देखरेख करना शामिल होगा।
सीएसए बोर्ड के अध्यक्ष क्रिस नेनजानी ने कहा, 'हमें खेद हैं कि हमारे क्रिकेट खिलाड़ियों को भावनात्मक तौर मुश्किल समय से गुजरना पड़ा। हमारे नए लोकतंत्र में नस्लवाद की जगह नहीं हैं। एसजेएन अपनी तरह की पहली परियोजना है, जिसका मकसद रंगभेद की नस्लीय भेदभाव से क्रिकेट को छुटकारा दिलाना है। सभी हितधारकों के लिये क्रिकेट की भविष्य की स्थिरता के लिए यह एक बहुत महत्वपूर्ण परियोजना है।'

मखाया एंटिनी ने भी किया था नस्लवाद का खुलासा
गौरतलब है कि मखाय एंटिनी ने पिछले हफ्ते नस्लभेद के बारे में बात करते हुए कहा था कि जब वह खेला करते थे तो उस दौरान उनकी टीम के साथी खिलाड़ी सिर्फ उनके रंग के चलते उनके साथ खाना तक पसंद नहीं करते थे और यही कारण था कि वह टीम में होने के बावजूद अकेला महसूस करते थे।
उन्होंने ‘दक्षिण अफ्रीकी प्रसारण निगम' से कहा, 'उस समय मैं हमेशा अकेले था। खाना खाने के लिए जाते समय कोई भी मुझे साथ नहीं ले जाता था। टीम के साथी खिलाड़ी मेरे सामने योजना बनाते थे, लेकिन उस में मुझे शामिल नहीं करते थे। नाश्ते के कमरे कोई भी मेरे साथ नहीं बैठता था।'
- Male
- Female
- Others
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
