इंग्लैंड के इस खिलाड़ी का बड़ा खुलासा, कहा- नस्लवाद के चलते सुसाइड को हो गया था मजबूर
नई दिल्ली। इंग्लैंड के पूर्व अंडर-19 कप्तान और यॉर्कशायर के लिये खेलने वाले दिग्गज खिलाड़ी अजीम रफीक (Azeem Rafiq) ने ईएसपीएन क्रिकइंफो को हाल ही में दिये अपने इंटरव्यू में काफी चौंकाने वाला खुलासा करते हुए दावा किया कि जब वह काउंटी क्रिकेट खेलते थे तो उनकी टीम यार्कशर में इस स्तर पर नस्लवाद का सामना किया कि वह आत्महत्या करने के बारे में सोचने लगे थे। रफीक की ओर से यॉर्कशर पर लगाये गये इन आरोपोंं के बाद अब क्लब पर नस्लवादी होने के आरोपों की जांच कराई जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि कराची में जन्मे इस ऑफ स्पिनर ने काफी लंबे समय तक यॉर्कशायर के क्लब में कप्तान के रूप में भूमिका निभाई थी।
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इस बारे में बात करते हुए अजीम रफीक ने कहा कि उन्हें कप्तान होने के बावजूद बाहरी व्यक्ति (आउटसाइडर) जैसा लगता था और 2016 से 2018 के बीच खेलने के दौरान जब उन्होंने नस्लीय दुर्व्यवहार की शिकायत की तो उनकी शिकायतों को नजरअंदाज कर दिया गया। जिसके बाद उनका मानवता से भरोसा ही उठ गया। उन्होंने साथ ही क्लब में 'संस्थागत नस्लवाद' का दावा किया जिसने अभी तक इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।
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आत्म हत्या के करीब पहुंच गये थे अजीम रफीक
अजीम रफीक (Azeem Rafiq) ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो' से कहा, 'मैं जानता हूं कि मैं यार्कशर में अपने खेलने के दिनों के दौरान आत्महत्या करने के कितने करीब था। मैं अपने परिवार के ‘पेशेवर क्रिकेटर' के सपने को साकार कर रहा था लेकिन अंदर से मैं मर रहा था। मैं काम पर जाते हुए डरता था। मैं हर दिन दर्द में रहता था। '

नस्लवाद के चलते किसी को भी नहीं थे मेरी चिंता
29 साल के इस खिलाड़ी ने कहा, 'स्टाफ में कोई कोच नहीं था जो इस बात को समझ सकता कि यह कैसा महसूस होता है। जो परवाह करता है, यह किसी के लिये भी स्पष्ट है कि इसमें समस्या है। क्या मैं सोचता हूं कि वहां संस्थागत नस्लवाद होता था? मेरी राय में यह तब शिखर पर थी। यह पहले से कहीं ज्यादा बदतर थी। मेरा मानना है कि क्लब संस्थागत नस्लवादी है और मुझे नहीं लगता कि वे इस तथ्य को स्वीकारने के लिये तैयार हैं या फिर इसमें बदलाव के इच्छुक हैं। '

यॉर्कशायर ने लिया मामले का संज्ञान, कहा- दर्ज करेंगे रिपोर्ट
क्लब के बोर्ड के एक सदस्य ने रफीक से बात की और इस मामले में रिपोर्ट दायर की जायेगी।
रफीक ने कहा, 'किसी ने मुझे एक हफ्ते पहले फोन किया। यह पहले ही स्पष्ट कर दिया गया कि हमारे बीच की बातचीत दोस्त की तरह है और यह अधिकारिक वार्ता नहीं है। अब ऐसा लगता है कि यह दिखाने का प्रयास था कि वे कुछ कर रहे हैं। ईमानदारी से कहूं तो मैं काफी गुमराह महसूस कर रहा हूं। '

रफीक ने बताया कैसे घटी घटनायें
रफीक ने कुछ वाकयों का भी जिक्र किया जिसमें क्लब नस्लवादी बर्ताव के खिलाफ कोई कदम उठाने में नाकाम रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि यार्कशर ने उनके मृत पैदा हुए बेटे की मौत का हवाला देते हुए उन्हें क्लब से रिलीज कर दिया।
उन्होंने कहा, 'मैं अपने (मृत पैदा हुए) बेटे को अस्पताल से सीधा अंतिम संस्कार के लिये ले गया। यार्कशर ने मुझे कहा कि वे पेशेवर और व्यक्तिगत तौर पर मेरी देखभाल करेंगे। लेकिन मुझे सिर्फ एक छोटा सा ईमेल मिला। मुझे कहा गया कि मुझे रिलीज कर दिया गया है। मुझे लगता है कि इसे सचमुच मेरे खिलाफ लिया गया। यह जिस तरह से किया गया, वह भयावह है।'
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