
मीराबाई की जीत देश में आज बड़ी खबर-
भारत को वेटलिफ्टिंग में 21 साल बाद ओलंपिक मेडल मिला है क्योंकि इससे पहले कर्णम मल्लेश्वरी ने 2000 के सिडनी ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था। मीराबाई चानू पहले से ही पदक की दावेदार मानी जा रही हैं। उन्होंने 202 अंक हासिल करते हुए सिल्वर पदक हासिल कर लिया। इस पदक में इसके साथ ही उनको देश भर से बधाइयों का तांता लग गया है जिसमें खेल हस्तियों के साथ-साथ देश के बड़े-बड़े राजनेता भी शामिल हैं और खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर उनको बधाई दी और फिर बाद में बात भी की।
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इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने कोचों के लिए बड़ी घोषणा की-
खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी उनकी बहुत सराहना की है। अब इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन भी इस उपलब्धि से गदगद है और उन्होंने एक बड़ी घोषणा की है। इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन ने घोषणा की है कि टोक्यो ओलंपिक में जो भी खिलाड़ी मेडल जीतेगा उसके कोच को नगद इनाम राशि दी जाएगी। गोल्ड मेडल जीतने वाले एथलीट के कोच को 12.5 लाख रुपए मिलेंगे जबकि सिल्वर मेडल जीतने वाले एथलीट के कोच को ₹10 लाख दिए जाएंगे और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले एथलीट के कोच को 7.5 लाख मिलेंगे।

मीराबाई चानू के कोच विजय शर्मा को 10 लाख रुपए मिलेंगे-
इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन के सेक्रेटरी जनरल राजीव मेहता ने एएनआई से बात करते हुए बताया, " टोक्यो ओलंपिक में गए एथलीट के कोच को नगद राशि के तौर पर इनाम दिया जाएगा और उनको ट्रेन कर चुके कोचों को भी दिया जाएगा। यह खिलाड़ियों की कोचों के लिए बहुत बड़ा बूस्ट होगा। मीराबाई चानू के कोच विजय शर्मा को ₹10 लाख रुपए दिए जाएंगे।"
बता दे मीराबाई चानू ने अपने कोच विजय शर्मा का विशेष तौर पर थैंक यू बोला है और उन्होंने बताया है कि विजय शर्मा ने उनके साथ लगातार मेहनत की, मोटिवेशन किया और ट्रेनिंग दी। मीराबाई चानू टोक्यो में पदक जीतने से पहले अमेरिका में ट्रेनिंग कर रहीं थीं जहां पर विजय शर्मा उनके साथ बने हुए थे।
अपने वेट से डबल वजन उठाने वाली मीराबाई चानू ने पहले ही बता दिया था- इस बार मेडल पक्का है


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