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Tokyo 2020: मीराबाई चानू ने किया बड़ा खुलासा, बताया- किस फैसले की वजह से सच हुआ पदक जीतने का सपना

Tokyo olympics
Photo Credit: Twitter/ ANI

नई दिल्ली। जापान की राजधानी टोक्यो में खेले जा रहे ओलंपिक खेलों में भारत के लिये वेटलिफ्टिंग का पहला सिल्वर मेडल जीतने वाली महिला खिलाड़ी मीराबाई चानू सोमवार को भारत पहुंच गई है। मीराबाई चानू ने एयरपोर्ट से बाहर आते ही भारत माता की जय का नारा लगाया और सभी का अभिवादन करते हुए निकल गई। इस बीच खेल मंत्रालय ने भारत पहुंचने के बाद ओलंपिक की पदकतालिका में भारत का खाता खोलने वाली मीराबाई चानू और उनके कोच विजय शर्मा का खास सम्मान किया है।

केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर, केंद्रीय मंत्री जीके रेड्डी, पूर्व खेल मंत्री किरन रिजिजू, सरबंदना सोनवाल और नितिश प्रमाणिक ने इस मौके पर मीराबाई चानू और उनके कोच विजय शर्मा का अभिवावदन करते हुए ओलंपिक स्मरिका भेंट की। इस दौरान मीराबाई चानू ने सभी का धन्यवाद करते हुए ओलंपिक पदक को देश और उसके करोड़ों नागरिकों को समर्पित किया।

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उन्होंने कहा कि मैं अपने प्रधानमंत्री और खेल मंत्री को मेरा हौंसला बढ़ाने के लिये धन्यवाद कहना चाहती हूं और ओलंपिक का यह पदक देश के करोड़ो नागरिकों को समर्पित करती हूं जो मेरी सफलता की प्रार्थना कर रहे थे। इस दौरान चानू ने कोच विजय शर्मा के उस फैसले का भी खुलासा किया जिसने ओलंपिक में उन्हें पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा,'ओलंपिक से पहले यूएस जाकर तैयारी करने का फैसला हमारे लिये टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। हमने पहले लॉकडाउन के दौरान अभ्यास करना शुरू किया था और अक्टूबर में टॉप्स से ओलंपिक से एक हफ्ता पहले यूएस जाकर ट्रेनिंग करने और तैयारी करने की अपील की। हमें जल्द ही इसकी इजाजत मिल गई और ट्रेनिंग पर आने वाले 60 लाख रुपये खर्च को भी आवंटित कर दिया गया। यूएस में की गई ट्रेनिंग से मुझे काफी मदद मिली जिसके चलते प्रदर्शन में सुधार हुआ और मैं ओलंपिक में देश के लिये पदक हासिल कर सकी।'

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इसके साथ चानू ने बताया कि सिर्फ ट्रेनिंग ही नहीं यूएस जाने से वहां पर मिलने वाले डॉक्टर सपोर्ट का भी पदक जीतने में काफी फायदा हुआ। जब पटियाला में उनका इलाज हो रहा था तो सभी ने उनके टोक्यो जाने के प्लान को स्थगित करने का सुझाव दिया था हालांकि यूएस में इससे उबरने में मदद मिली। गौरतलब है कि मीराबाई चानू कंधे की चोट से गुजर रही थी। उनका मानना है कि अगर वो ओलंपिक से पहले यूएस नहीं जाती तो शायद कभी भी पदक न ला पाती। चानू ने खेल मंत्रालय का इस पदक के सफर में भरपूर साथ देने के लिये शुक्रिया कहा।

Story first published: Monday, July 26, 2021, 22:31 [IST]
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