नई दिल्ली। जापान में खेले जा रहे ओलंपिक गेम्स में शुक्रवार को 50 किग्रा भारवर्ग में महिला पहलवान सीमा बिस्ला अपने ओलंपिक कैंपेन का आगाज करने उतरी, जिसके पहले राउंड में उनका सामना ट्यूनिशिया सारा हम्दी से हुआ। हालांकि इस बेहद रोमांचक मैच में सीमा को 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। पहले ही राउंड में मिली हार के साथ ही सीमा का ओलंपिक अभियान समाप्त हो गया है। कुश्ती की 50 किग्रा भारवर्ग के इस बेहद लो स्कोरिंग मैच में सीमा ने अपना पहला और इकलौता अंक ट्यूनीशिया की सारा हम्दी को रिंग एरिया से बाहर धकेल कर हासिल किया लेकिन मैच में जीत हासिल कर पाने में नाकाम रही।
ट्यूनीशिया की सारा हम्दी ने नो रिस्पॉन्स एक्टीविटी के तहत पहला अंक हासिल किया और पहले ही हाफ में बैकलिफ्ट कर 2 अंक और जोड़े। इसके साथ ही पहले 3 मिनट के खेल के बाद सारा का स्कोर 3-0 हो गया था तो वहीं पर सीमा अंक का खाता भी नहीं खोल सकी थी। इस बेहद लो स्कोरिंग मैच में सीमा ने दूसरे हाफ में सारा को और अंको की बढ़त हासिल नहीं करने दी लेकिन वो भी सिर्फ एक ही अंक हासिल कर सकी।
सीमा को इस मैच में 1-3 से हार का सामना करना पड़ा जिसके बाद सीमा का ओलंपिक में सफर समाप्त माना जा सकता है लेकिन अगर उनकी विपक्षी खिलाड़ी सारा हम्दी फाइनल में पहुंच जाती हैं तो रेपचेज मुकाबले के जरिये सीमा के पास अभी भी ब्रॉन्ज मेडल मैच खेलने का मौका है और बेहद कमजोर ही सही उनके पदक की उम्मीद बाकी है।
27 वर्षीय सीमा बिस्ला ने इस साल कजाकिस्तान के अल्माती में खेले गये एशियन चैम्पियनशिप गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर टोक्यो ओलंपिक्स के लिये क्वालिफाई किया था। सीमा हरियाणा के ऐसे गांव से आती है जो कि कुश्ती के मामले में कई पहलवान दे चुका है। इतना ही नहीं सीमा के परिवार में उनके पिता और चाचा समेत कई लोग पहलवानी में अपना करियर बना चुके हैं। सीमा ने विश्व रेसलिंग ओलंपिक क्वालिफायर्स में शानदार प्रदर्शन करने के बाद पहली बार सबका ध्यान अपनी ओर खींचा था।
और पढ़ें: ओलंपिक में पहली बार भारत को गोल्फ में मिल सकता है पदक, अदिति अशोक का शानदार प्रदर्शन जारी
सीमा ने अपने करियर की शुरुआत 67 किग्रा भारवर्ग कैटेगरी में की थी लेकिन बाद में कोच की सलाह पर उन्होंने वजन कम कर लोअर कैटेगरी में खेलने का फैसला किया और ओलंपिक्स में 50 किग्रा भारवर्ग कैटेगरी में उतरी। गौरतलब है कि टोक्यो में जारी ओलंपिक खेलों में भारतीय पहलवानों ने शानदार प्रदर्शन किया है। जहां पर रवि कुमार दहिया ने पुरुषों की 57 किग्रा भारवर्ग कैटेगरी में भारत के लिये दूसरा सिल्वर मेडल जीता तो वहीं पर 86 किग्रा भारवर्ग में दीपक पुनिया ब्रॉन्ज मेडल मैच में आखिरी 10 सेकेंडस में मैच हार गये और पदक जीतने से चूक गये।
आपको बता दें कि भारतीय पहलवान बजरंग पुनिया ने भी शुक्रवार को सेमीफाइनल मैच में जगह बनाई थी लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा, अब ब्रॉन्ज मेडल के लिये उनका शनिवार को मैच होगा।