करियर के आखिरी मैच में भावुक हुए रवि शास्त्री, बताया विश्वकप में कहां हुई BCCI से गलती
नई दिल्ली। यूएई में खेले जा रहे टी20 विश्वकप का आखिरी लीग मैच भारत और नामिबिया के बीच खेला जा रहा है, जिसमें भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया है। दुबई के मैदान पर खेला जा रहा यह मैच विराट कोहली के लिये टी20 प्रारूप में बतौर कप्तान आखिरी मैच है जबकि हेड कोच रवि शास्त्री और कोहली की जोड़ी भी आखिरी बार अंतर्राष्ट्रीय मैच में खेलती नजर आ रही है। भारतीय टीम के लिये कप्तान विराट कोहली और रवि शास्त्री की जोड़ी ने इस मैच से पहले कुल 149 मैचों में कमान संभाली है जिसमें भारत को 98 मैचों में जीत, 47 मैचों में हार और 4 मैच में ड्रॉ का सामना करना पड़ा है। भारतीय कप्तान विराट कोहली की कप्तानी करियर का यह 50वां अंतर्राष्ट्रीय मैच है तो वहीं पर कोहली-शास्त्री की जोड़ी के लिये 150वां मैच है।
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इस दौरान भारतीय क्रिकेट टीम की इस जोड़ी ने कई सारे शानदार रिकॉर्ड अपने नाम किये और द्विपक्षीय सीरीज में विदेशी सरजमीं पर कई यादगार जीत दिलाई। हालांकि पूरे करियर के दौरान यह जोड़ी आईसीसी की एक ट्रॉफी को अपने नाम करने में नाकाम रही। जहां करियर के आखिरी मैच में कोहली और रवि शास्त्री की यह जोड़ी एक बार फिर जीत हासिल करना चाहेगी तो वहीं पर हेड कोच रवि शास्त्री ने इस फेयरवेल मैच में कई बातों का खुलासा किया।
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कैसा रहा भारतीय टीम के साथ कोचिंग का सफर
भारतीय टीम के हेड कोच रवि शास्त्री ने अपने कोचिंग के सफर पर बात करते हुए कहा,'यह बहुत ही शानदार रहा, जब मैंने यह जिम्मेदारी ली थी तब अपने मन में यही कहा था कि मैं कुछ फर्क लाना चाहता हूं और मुझे लगता है कि वो फर्क आया भी है। यह हमेशा इस बारे में नहीं होता कि आपने क्या हासिल किया है, यह हमेशा इस बारे में होता है कि आप किससे उबर कर आये हैं। वहीं इस टीम ने पिछले 5 सालों में जिन चीजों को हासिल किया है, दुनिया के अलग-अलग देशों में जाककर खेल के हर प्रारूप में जीत हासिल करना, भले ही वहां पर कुछ भी रहा हो। मेरे हिसाब से यह क्रिकेट के इतिहास की सबसे सफल टीमों में से एक है। मुझे इसको लेकर कोई शक नहीं है। दुर्भाग्य है कि हम इतनी अच्छी टीम होने के बावजूद इस टूर्नामेंट से बाहर हो गये हैं।'

किसे मानते हैं करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि
स्टार स्पोर्टस से बात करते हुए जब रवि शास्त्री से पूछा गया कि वो अपने करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि किसे मानेंगे तो उन्होंने कहा,'हर प्रारूप में हमारे नाम काफी सारी उपलब्धियां थी लेकिन मुझे लगता है कि टेस्ट क्रिकेट में जो हमने वेस्टइंडीज, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया में जीत हासिल की और इंग्लैंड में जिस तरह से बढ़त हासिल की वह काफी शानदार है। मेरे हिसाब से यह बढ़त टेस्ट क्रिकेट की सबसे बड़ी बढ़त हो सकती है क्योंकि आखिरी टेस्ट मैच अगले साल होने वाला है। हमने हर देश को उसी की सरजमीं पर जाकर हराया है, हमें हमेशा ही घर का शेर बताया जाता था लेकिन पिछले कुछ सालों में हमने यह बदल दिया। मेरे लिये ऑस्ट्रेलिया को उसी के घर पर दो बार टेस्ट सीरीज में मात देना सबसे बड़ी उपलब्धि रहेगा।'

राहुल द्रविड़ के आने से टीम पर क्या होगा फर्क
राहुल द्रविड़ के टीम के नये कोच के रूप में जिम्मेदारी संभालने पर बात करते हुए हेड कोच रवि शास्त्री ने कहा,'राहुल द्रविड़ के रूप में उन्हें एक ऐसा व्यक्ति मिल रहा है जो सबसे महान टीम का हिस्सा रहा था और मुझे लगता है कि वो अपने अनुभव के दम पर यहां से खेल के स्तर को सिर्फ बढ़ावा ही मिलेगा। टीम में अब भी कई ऐसे खिलाड़ी हैं जो अगले 3-4 साल खेलते नजर आयेंगे और उनका खेलना जरूरी है। यह वो टीम नहीं है जो बदलाव के दौर से गुजर रही है और यही सबसे बड़ा अंतर पैदा करेगी। विराट ने कप्तान के रूप में काफी शानदार प्रदर्शन किया है और अभी टीम के साथ बरकरार रहेंगे। भारतीय टीम के मौजूदा प्रदर्शन में उनका काफी बड़ा हाथ है।'

विश्वकप में कहां हुई भारत से गलती
रवि शास्त्री से जब सवाल किया गया कि भारतीय टीम से कहां पर गलती हुई तो उन्होंने कहा,'मैं उन लोगों में से नहीं हूं जो बहाने बनाता नजर आये। यह सच है कि हमें जिन मैचों में हार का सामना करना पड़ा है हमने उस दिन उन मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया है। पर मुझे लगता है कि हमारे खिलाड़ियों को टी20 विश्वकप और आईपीएल के बीच का ब्रेक थोड़ा ज्यादा मिलना चाहिये था। हमारे खिलाड़ी 6 महीने से बायोबबल में खेल रहे हैं और यहां पर लगातार क्रिकेट खेलना आसान नहीं होता है। जब आप मानसिक और शारीरिक रूप से थक जाते हैं तो अपना बेस्ट प्रदर्शन दे पाना, दबाव में संभल पाना मुश्किल होता है। मैं इस उम्र में मानसिक रूप से बिल्कुल थका हुआ महसूस कर रहा हूं। बायोबबल की परेशानी और बिजी शेड्यूल का प्रभाव हमें देखने को मिला है।'
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