नई दिल्ली। यूएसए के हॉस्टन में खेले जा रहे विश्व टेबल टेनिस चैम्पियनशिप में भारतीय महिला स्टार मनिका बत्रा इतिहास रचने से चूक गई है। मनिका बत्रा के पास इस टूर्नामेंट में एक नहीं बल्कि दो बार इतिहास रचने का मौका था जिसमें उन्हें पहले मिक्स डबल्स और फिर महिला डबल्स के क्वार्टर फाइनल में खेलने का मौका मिला, हालांकि मनिका बत्रा दोनों ही कैटेगरी में मैच जीतने में नाकामयाब रही और इतिहास रचने से चूक गई। भारतीय खिलाड़ियों के लिये आईटीटीएफ वर्ल्ड टेबल टेनिस में 1952 के बाद यह पहला मौका था जब वो क्वार्टरफाइनल तक पहुंचने में कामयाब हुए थे।
भारतीय टीम को इस टूर्नामेंट में ऐतिहासिक मेडल जीतने के लिये बस एक ही जीत की दरकार थी लेकिन उसे वो जीत नहीं मिल सकी। मिक्सड डबल इवेंट के क्वार्टरफाइनल मुकाबले में भारत की ओर से जी साथियान और मनिका बत्रा की जोड़ी को 1-3 की स्कोर लाइन से हार मिली। जापान की तोमाकाजु हरिमोतो और हिना हयाता की जोड़ी ने 5-11, 2-11, 11-7 और 9-11 से मात देकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है।
भारतीय टीम की इस जोड़ी ने अपने पिछले मैचों में 0-2 और 8-10 से पिछड़ने के बाद काफी जबरदस्त वापसी की और 3-2 से जीत हासिल कर क्वार्टरफाइनल में जगह बनाने का कारनामा किया था। वहीं मनिका बत्रा के पास मिकस्ड डबल्स के साथ ही महिला डबल्स के क्वार्टरफाइनल में जीत हासिल कर इतिहास रचने का एक और मौका था, हालांकि जब वो अर्चना कामत के साथ खेलने उतरी तो फिर से इतिहास रचने में नाकाम रही और सीधे सेट में हार गई।
महिला डबल्स में मनिका बत्रा और अर्चना कामत की जोड़ी का सामना लग्जमबर्ग की साराह डि नुटे और नी शिया लियान जोड़ी से हुआ जिन्होंने भारतीय जोड़ी को 0-3 से मात दी। भारतीय जोड़ी को महिला डबल्स के क्वार्टरफाइनल में 1-11, 6-11 और 8-11 की स्कोरलाइन से हार का सामना करना पड़ा।
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गौरतलब है कि भले ही मनिका देश के लिये पदक जीत पाने में नाकाम रही हैं लेकिन उसके बावजूद उनका प्रदर्शन काबिल ए तारीफ है। मनिका बत्रा का खेल पिछले काफी समय से विवादों के चलते प्रभावित हो रहा है, जिसमें राष्ट्रीय कोच सौम्यदीप रॉय पर मनिका बत्रा ने आरोप लगाया था कि वो अपनी अकादमी के एक खिलाड़ी के क्वालिफिकेशन के लिये ओलंपिक क्वालिफॉयर में मैच हारने का दबाव बनाया था। मनिका के इस आरोप के बाद काफी हंगामा हुआ और दिल्ली हाई कोर्ट ने मामले पर संज्ञान लेते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन कर चार हफ्तों के अंदर एक अंतरिम रिपोर्ट जमा करने का आदेश दिया है।