2006 में, इराक के एक एथलीट ने पैरा पावरलिफ्टिंग में अपना डेब्यू किया। उन्होंने बगदाद के विसम अल मजद क्लब में अपनी यात्रा शुरू की। उनके परिवार, खासकर उनके दिवंगत भाई ने उन्हें खेल को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्हें यह चुनौतीपूर्ण और खास लगा, जिसने उन्हें इसे जारी रखने के लिए प्रेरित किया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2016 | Men's 72kg | S रजत |
| 2008 | Men's 56kg | S रजत |
| 2020 | Men's 72kg | NoM |
उनके दिवंगत भाई ने उनके करियर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके भाई की मृत्यु के बाद, उन्होंने खेल छोड़ने पर विचार किया। हालांकि, उनके साथियों और प्रशिक्षकों ने उन्हें वापस आने के लिए राजी किया। उन्होंने उन्हें उनके भाई के प्रोत्साहन की याद दिलाई और उनसे अपने भाई के बच्चों की देखभाल करने का आग्रह किया।
2016 में, रियो डी जनेरियो में पैरालंपिक खेलों के उद्घाटन समारोह में इराक के ध्वजवाहक होने का सम्मान उन्हें मिला। यह मान्यता पैरा पावरलिफ्टिंग और उनके देश में उनके योगदान का प्रमाण थी।
वे राअद और मुस्तफा नाम के बेटों और फराह और दीमा नाम की बेटियों के पिता हैं। वे अरबी भाषा में धाराप्रवाह बोलते हैं, जो उनकी सांस्कृतिक जड़ों को दर्शाता है। उनका परिवार उनके लिए समर्थन और प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।
आगे देखते हुए, वह पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करना जारी रखने की योजना बना रहा है। उनके दिवंगत भाई की याद और अपने परिवार के समर्थन से प्रेरित होकर, खेल के प्रति उनका समर्पण मजबूत बना हुआ है।
पैरा पावरलिफ्टिंग में इस एथलीट की यात्रा महत्वपूर्ण उपलब्धियों और व्यक्तिगत चुनौतियों से चिह्नित है। उनकी कहानी लचीलापन और समर्पण की है, जो खेल समुदाय में कई लोगों को प्रेरित करती है।