क्या 'स्ट्रेस फ्रैक्चर' के बाद पहले जैसे घातक गेंदबाज रह पाएंगे बुमराह, जानिए नेहरा का जवाब

Ashish Nehra talks about the connection between stress fracture and Jasprit Bumrahs action

नई दिल्ली: जसप्रीत बुमराह की चोट भारतीय क्रिकेट में हाल के दिनों का एक चर्चित टॉपिक बनी है। इसका कारण बुमराह का जबरदस्त प्रदर्शन है जो उन्होंने बहुत छोटे से करियर में करके दिखाया है। टीम इंडिया का यह सबसे खतरनाक तेज गेंदबाज स्ट्रैस फ्रैक्चर के चलते भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज से बाहर हो गया है। अब अटकलें यह लगाई जा रही हैं कि क्या बुमराह पहले की तरह से घातक गेंदबाज रह पाएंगे या फिर चोट के बाद उनको अपने एक्शन में कुछ तब्दीली करनी होगी? इन सब बातों के जवाब भारत के पूर्व तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने दिए हैं।

चोटों की जानकारी रखते हैं नेहरा-

चोटों की जानकारी रखते हैं नेहरा-

नेहरा एक ऐसी शख्सियत हैं जो चोटों के बारे में जानकारी रखते हैं और उनको कोचिंग देने का भी अनुभव है। बाए हाथ के इस तेज गेंदबाज का मानना है कि बुमराह के एक्शन से उनकी चोट का कोई लेना-देना नहीं है और चोट के बाद वापसी करने के बाद बुमराह को अपना एक्शन बदलने के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। नेहरा ने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'हमें इस बात को समझ लेना चाहिए कि स्ट्रेस फ्रैक्चर का एक्शन से कुछ लेना देना नहीं है। उन्हें अपने एक्शन में बदलाव करने की कोई जरूरत नहीं है। अगर उन्होंने ऐसा करने की कोशिश की तो इससे उनकी गेंदबाजी प्रभावित होगी। मैं आपको इस बात का आश्वासन दे सकता हूं कि वह वापसी के बाद भी इसी एक्शन, गति और सटीकता के साथ दमदार गेंदबाज बने रहेंगे।

बुमराह के एक्शन पर कही ये बात-

बुमराह के एक्शन पर कही ये बात-

उन्होंने आगे कहा, 'जसप्रीत बुमराह का एक्शन उतना भी अलग नहीं है जितना समझा जाता है। गेंद फेंकने के समय उनका शरीर बिलकुल सही स्थिति में होता है। बुमराह को जो बात दूसरे गेंदबाजों से अलग बनाती है वह ये कि गेंदबाजी के समय उनका बायां हाथ ज्यादा ऊपर नहीं जाता है। इसके बावजूद भी श्रीलंका के लसिथ मलिंगा की तुलना में उनका एक्शन 10 गुणा बेहतर है। मलिंगा का घुटना और पिछला पैर भाला फेंकने वाले खिलाड़ी की तरह झुक जाता है।' बाए हाथ के शानदार स्विंग गेंदबाज रहे नेहरा का करियर खुद चोटों के कारण प्रभावित हुआ था। करिर के अंतिम दिनों में टी-20 विशेषज्ञ गेंदबाज बन गए नेहरा ने कहा, 'स्ट्रेस फ्रैक्चर के मामले में ठीक होने की कोई समय सीमा नहीं होती है। बुमराह दो महीने में ठीक हो सकते हैं या फिर छह महीने तक मैदान से दूर रह सकते हैं। यह सिर्फ खिलाड़ी ही बता सकता है कि वह मैच के लिए पूरी तरह से फिट है या नहीं।'

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प्रभाकर ने गिनाई थी बुमराह के एक्शन में खामियां-

प्रभाकर ने गिनाई थी बुमराह के एक्शन में खामियां-

नेहरा ने कहा कि इससे निपटने के लिए सर्जरी कोई भरोसेमंद इलाज नहीं है। इसके बजाए नेहरा ने रिहैब्लिटेशन प्रक्रिया को गंभीरता से अपनाने पर जोर दिया है। बता दें कि बुमराह की चोट पर हाल ही में बात करते हुए भारत के पूर्व ऑलराउंडर रहे मनोज प्रभाकर ने कहा था कि बुमराह के एक्शन में ही खामियां हैं जिसकी वजह से वह अपनी पीठ को चोटिल कर बैठे हैं। प्रभाकर ने बुमराह को अपना रन-अप बढ़ाने की सलाह दी थी और कहा था कि बुमराह जैसे ओपन चेस्ट गेंदबाज का रन-अप छोटा हो तो सारा भार उनकी पीठ पर आ जाता है। फिलहाल बुमराह मैदान से बाहर हैं और दो महीने बाद उनकी वापसी की उम्मीद की जा रही है।

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Story first published: Sunday, September 29, 2019, 17:30 [IST]
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