जब हरभजन सिंह को लगा खत्म हो गया करियर, इस 'गेंद' की वजह से मिला दूसरा मौका
नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट इतिहास में टीम के सबसे शानदार ऑफ स्पिन गेंदबाजों की बात करें तो हरभजन सिंह का नाम जरूर लिया जायेगा। हरभजन सिंह ने भारतीय टीम के लिये खेलते हुए कई दिग्गज बल्लेबाजों का विकेट उड़ाया। इस दौरान उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने का कारनामा भी किया। कोलकाता के ऐतिहासिक मैदान पर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारतीय टीम को मिली जीत में वीवीएस लक्ष्मण और राहुल द्रविड़ की पारी के अलावा हरभजन सिंह की गेंदबाजी ने भी कमाल दिखाया।
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हाल ही में हरभजन सिंह ने क्रिकेटर आकाश चोपड़ा के साथ एक वीडियोकास्ट में इंटरव्यू दिया और बताया कि कैसे उनके करियर में वो दौर आया था जब उन्हें लगा था कि उनका करियर समाप्त हो चला है और इसी दौरान उन्होंने गेंदबाजी में एक नई तकनीक इजात की थी जिसके बाद उनके करियर को एक नया जीवनदान मिला था।
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सचिन ने दिया था भरोसा भारत के लिये खेलूंगा
हरभजन सिंह ने आकाश चोपड़ा से बताया कि जब वह मोहाली के मैदान पर प्रैक्टिस कर रहे थे तभी वहां पर सचिन तेंदुलकर और मोहम्मद अजहरुद्दीन प्रैक्टिस कर रहे थे जिनकी नजर उन पर पड़ी और उन्होंने मुझे कहा कि एक दिन वह भारतीय टीम के लिये खेलते नजर आयेंगे।
उन्होंने कहा,'मोहाली में टीम इंडिया का नेट्स सेशन का आखिरी हिस्सा चल रहा था। तभी मुझे नेट्स पर बुलाया गया। उन्होंने मुझे कहा, यहां आओ हम तुम्हें देखना चाहते हैं। मैं काफी डर गया। उस वक्त देबाशीष मोहंती बल्लेबाजी कर रहे थे। अजहर, सचिन ने पहले ही बल्लेबाजी कर ली थी। जब मैं वहां पहुंचा तो अजहर लंच कर रहे थे और उन्होंने कहा कि इसे गेंदबाजी करने दो।'

8 गेंद में निकाली थी 5 विकेट
हरभजन सिंह ने बताया कि उस दौरान मुझे गेंदबाजी के लिये कहा गया तो मैंने गेंदबाजी शुरु की और बल्लेबाजी कर रहे मोहंती को 8 गेंद में 5 बार आउट किया था।
उन्होंने कहा,' मुझे गेंदबाजी के लिए कहा गया और सचिन मेरे साथ में खड़े हो गए। वो भी गेंदबाजी कर रहे थे। मैंने मोहंती को 7-8 गेंद फेंकी और वो 4-5 बार आउट हो गए। वो मोहंती थे, सचिन नहीं। इसके बाद अजय जडेजा ने मुझे देखा और अजहर को कहा कि इस लड़के को देखो। इसके बाद सचिन ने मुझे कहा कि तुम अपना ध्यान खेल पर लगाओ तुम बहुत जल्द टीम इंडिया के लिए खेलोगे।'

इस गेंद की बदौलत टीम में मिली जगह
हरभजन ने बताया कि उस दौरान उन्होंने अपनी ज्यादातर गेंदे दूसरा फेंकी, जिसके चलते उन्हें भारतीय टीम में जगह मिल सकी।
उन्होंने का, 'मोहाली में टीम इंडिया प्रैक्टिस कर रही थी और वहीं हरभजन सिंह ने सचिन, अजय जडेजा और उस वक्त के कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन का ध्यान अपनी ओर खींचा। दूसरा गेंद ने मुझे भारतीय टीम में जल्दी एंट्री दिलाई। मेरी वो गेंद दूसरे गेंदबाजों से अच्छी थी। मैं उसे लेग कटर कहता था लेकिन मोइन खान उस गेंद को दूसरा कहते थे। वो सकलैन मुश्ताक को अक्सर कहते थे कि दूसरा डाल। उस गेंद का नाम फिर वही पड़ गया।'

सचिन तेंदुलकर की सलाह ने बदली जिंदगी
इस दौरान हरभजन सिंह ने बताया कि जब सचिन तेंदुलकर ने मेरी तारीफ की और कहा कि वो भारतीय टीम के लिये खेलते नजर आयेंगे तो उस दिन के बाद से उन्होंने 120 फीसदी मेहनत करनी शुरू कर दी। गौरतलब है कि इस घटना के एक साल बाद ही हरभजन सिंह ने साल 1998 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ डेब्यू किया था।
आपको बता दें कि हरभजन सिंह ने साल 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में हैट्रिक समेत 32 विकेट हासिल किये और फिर करियर में कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने भारत के लिए 103 टेस्ट में 417 विकेट झटके। 236 वनडे में उन्होंने 269 विकेट लिये। हरभजन सिंह ने साल 2007 टी20 वर्ल्ड कप और 2011 वर्ल्ड कप जिताने में भी अहम भूमिका निभाई।
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