सचिन की बल्लेबाजी के मुरीद था यह पाकिस्तानी खिलाड़ी, कहा- नहीं चाहता था कि वो हों आउट
नई दिल्ली। दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में से एक और गॉड ऑफ क्रिकेट के नाम से मशहूर सचिन तेंदुलकर ने अपने करियर के दौरान कई यादगार पारियां खेली जिसमें से कुछ शानदार पारियां पाकिस्तान के खिलाफ भी थी। अपनी बल्लेबाजी में फैन का दिल जीत लेने वाले सचिन तेंदुलकर ने न सिर्फ भारतीय फैन्स को अपनी बल्लेबाजी का मुरीद बनाया बल्कि पाकिस्तान में भी उनके कई फैन्स हुये। उनकी बल्लेबाजी की दीवानगी मैदान के बाहर तक ही सीमित नहीं थी बल्कि कई ऐसे खिलाड़ी भी थे जो उनके साथ मैदान पर खेलते हुए उनकी बल्लेबाजी का लुत्फ उठाते थे और चाहते थे कि विपक्षी टीम में होने के बावजूद वह आउट न हों।
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मास्टर ब्लास्टर की बल्लेबाजी के दीवानों में पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और विकेटकीपर बल्लेबाज राशिद लतीफ भी हैं जिन्होंने सचिन तेंदुलकर के खिलाफ कई मैचों में पाकिस्तान के लिये शिरकत की है। इस दौरान लतीफ ने एक इंटरव्यू में सचिन की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि वह विपक्षी टीम में होने के बावजूद सचिन को आउट होता नहीं देखना चाहते थे।
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मैदान पर सचिन का विरोधी होने के बावजूद नहीं चाहता था कि वो आउट हों
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए कहा कि मैदान पर जब सचिन खेल रहे होते थे तो बस उन्हें खेलते हुए देखने का मन करता था। नहीं चाहता था कि वो कभी आउट हों।
उन्होंने कहा, 'जब मैं विकेटकीपिंग करता था तो कई खिलाड़ी बल्लेबाजी करने आते थे। लेकिन जब सचिन बैटिंग करने आते थे तो मेरा दिल नहीं करता था कि वह आउट हों। मुझे उनकी बल्लेबाजी देखने में मजा आता था। टीवी पर ही नहीं जब मैं मैदान पर उनके खिलाफ विकेटकीपिंग करता था तब भी मैं उनकी बल्लेबाजी का खूब लुत्फ उठाता था।'

लारा, पोंटिंग से काफी अलग थे सचिन-अजहर
राशिद लतीफ ने मैदान पर सचिन तेंदुलकर के व्यवहार की तारीफ करते हुए कहा कि वह उन खिलाड़ियों में से थे जो मैदान पर विपक्षी टीम को भी अपना बना लेते थे। उन्हीं की तरह अजहर भी विपक्षी टीम के खिलाफ रन बनाते लेकिन जवाब नहीं देते थे।
उन्होंने कहा, 'जब ब्रायन लारा, रिकी पोंटिंग या जैक कालिस बैटिंग करने आते थे तो कीपिंग करते हुए मुझे लगता था कि ये जल्दी आउट हों लेकिन सचिन की बात अगल थी। अगर मैं उन्हें पीछे से कुछ बोलता भी था वह आगे से कोई जवाब नहीं देते थे, बस मुस्कुराते रहते थे। उनकी यह अदा विपक्षी टीम को भी उनका मुरीद बना देती थी।'

इस मामले में सचिन से बढ़कर कोई नहीं
पूर्व कप्तान का मानना है कि जब आप क्रिकेट खेलते हैं तो आपका खिलाड़ियों के प्रति व्यवहार हमेशा याद रखा जाता है। ऐसे खिलाड़ी हमेशा याद रखे जाते हैं। मैदान पर अच्छे व्यव्हार की बात की जाये तो मुझे लगता है इस मामले में सचिन से बढ़कर कोई और खिलाड़ी नहीं है।
उन्होंने कहा, 'इसी वजह से सब सचिन की तारीफ करते हैं। खास तौर पर विकेटकीपर। आप किसी भी विकेटकीपर मोईन खान या कामरान अकमल से पूछ लीजिए वह भी सचिन की इस बात के लिए तारीफ करेंगे। वह सैकड़ा बनाएंगे, गेंदबाजों पर आक्रामक शॉट लगाएंगे लेकिन कभी कुछ नहीं कहेंगे। आप विकेटकीपर के रूप में उन्हें उकसाने की कोशिश करते रहिए वह कोई रिऐक्शन नहीं देंगे।'
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